जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर दान फंड में कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। राज्य सरकार द्वारा मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
‘साजिश की जड़ें पास ही हैं’ – अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस कथित साजिश की जड़ें ज्यादा दूर नहीं हैं। उन्होंने लिखा, “अगर सच सामने लाना है तो कार्रवाई के लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस दोषियों की पहचान करने में असफल रहती है तो वे इसमें मदद करने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम लेकर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया।
जांच की मांग और SIT का गठन
यह विवाद तब और बढ़ गया जब ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने स्वयं सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ट्रस्ट का कहना है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों से मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसी के बाद सरकार ने SIT जांच के आदेश दिए।
ट्रस्ट का पक्ष
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर के वित्तीय लेन-देन का आंतरिक ऑडिट लगातार जारी है। उनके अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक और ट्रस्ट के अधिकारी समय-समय पर खातों की जांच करते हैं और अब तक किसी भी तरह के गबन या अनियमितता के प्रमाण सामने नहीं आए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
यह मामला सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी दान राशि के दुरुपयोग की जानकारी होने की बात कही, हालांकि उन्होंने इस पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ट्रस्ट की संपत्ति, बैंक खातों, खर्चों और जमीन से जुड़े लेन-देन को सार्वजनिक करने की मांग की है।

