- डायबिटीज के मरीजों को अटैक का खतरा ज्यादा:डा.संजीव मिगलानी
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: आज विश्व मधुमेह दिवस है। यह अति गम्भीर रोग हमारे देश में बेहद तेजी से फैल रहा है। सहारनपुर भी इससे अछूता नहीं है। चिकित्सकों की मानें तो फिजीशियन के पास जाने वाले मरीजों में हर चौथा मधुमेह से ग्रसित निकल रहा है। ऐसे में जरूरी है कि इस रोग के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए।
मधुमेह यानी डायबिटीज, जिसे साधारण भाषा में शुगर की बीमारी कहा जाता है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दुनिया में मधुमेह के रोगियों की संख्या 45 करोड़ से अधिक है, जिनमें सबसे अधिक संख्या भारतीयों की है। यानी मधुमेह के रोगियों के मामले में भारत पहले पायदान पर है, जो चिंता की बात है। यहां करीब सात करोड़ लोग मधुमेह से ग्रसित हैं। चिकित्सकों का मानना है कि यदि मधुमेह के मरीजों की संख्या ऐसे ही बढ़ती रही तो वर्ष 2025 तक यह संख्या दस करोड़ से अधिक होगी। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि फिजीशियन के पास पहुंचने वाले मरीजों में हर चौथा मरीज मधुमेह से ग्रसित है। उन्होंने बताया कि भारत में हर छठी मौत की वजह मधुमेह और उसके दुष्प्रभाव हैं। मधुमेह का रोगी अपने खानपान में बदलाव लाकर और शुगर बढ़ाने वाली चीजों से परहेज कर शुगर को कंट्रोल रख सकता है और लंबी उम्र पा सकता है। उन्होंने बताया कि खानपान में बदलाव लाने के साथ ही नियमित रूप से व्यायाम और योग करना भी जरूरी है, जो विशेषज्ञों की सलाह से किया जाना चाहिए।
मधुमेह के मरीज क्या खाएं और क्या नहीं
मधुमेह के मरीजों को शक्कर, गुड़, ग्लूकोज, शहद, मिठाई, तेलयुक्त अचार, पेस्ट्री, केक, सॉफ्ट ड्रिंक्स, सूखे मेवे जैसे किशमिश, काजू आदि नहीं खाना चाहिए। साथ ही शराब, बीयर, जैम, जैली, चॉकलेट, आलू, अरबी, आम, केला, चीकू, तरबूज, जंक फूड भी खाने से बचना चाहिए। मधुमेह के मरीज हरी और पत्तेदार सब्जियां, सलाद में मूली, खीरा, ककड़ी, सब्जियों के पतले सूप, छिलके वाली दालें, साबूत अनाज, ब्राउन ब्रेड, ब्राउन चावल, अमरूद, सेब, संतरा, पपीता, अखरोट और बादाम खा सकते हैं।
मधुमेह के लक्षण
-बार-बार पेशाब आना और प्यास लगना।
-चश्मे का नंबर बार-बार बदलना और बार-बार इंफेक्शन होना।
-बहुत अधिक भूख लगना और अचानक से वजन कम होना।
-हाथों और पैरों में झनझनाहट रहना तथा हाथ और पैरों का सुन रहना।
-घाव का देरी से ठीक होना और आंखों के सामने धुंधलापन आना।
-अधिक थकान होना और मसूड़ों आदि में बार-बार इंफेक्शन होना।
मधुमेह की जटिलताएं
-गुर्दों का खराब होना तथा चेहरे, हाथों और पैरों पर सूजन आना।
-आंखों में मोतिया या अंधापन आना।
-दिल पर असर के कारण दर्द रहित हार्ट अटैक आना या दिल का फेल हो जाना।
-बार-बार इंफेक्शन होना, जिसमें न्यूमोनिया और टीबी का हो जाना।
-दिमाग की नसें कमजोर होना और लकवा मार जाना।

