Saturday, May 25, 2024
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जगबीर का संगीनों के साए में हुआ अंतिम संस्कार

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  • पत्नी को पेंशन, 15 लाख की मांग के आश्वासन पर बनी बात
  • डीएम ने मांग पूरी करने का दिया आश्वासन
  • अंतिम संस्कार के दौरान अलीपुर मोरना में तैनात रहा भारी पुलिस बल
  • आजाद अधिकार सेना का प्रशासन को चार दिन का अल्टीमेटम

जनवाणी संवाददाता |

हस्तिनापुर: बीते शुक्रवार को तहसील परिसर में एसडीएम कार्यालय के समाने आत्मदाह करने वाले किसान की शनिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। प्रशासन से क्षुब्ध किसान का पुत्र भी शनिवार को आत्महत्या के लिए मोबाइल टावर पर जा चढ़ गया था। किसान की मौत से पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। रविवार सुबह गमगीन माहौल और संगीनों के साए में किसान का गांव के ही श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

शुक्रवार को वन विभाग की कार्रवाई से क्षुब्ध अलीपुर मोरना निवासी किसान जगबीर ने एसडीएम अखिलेश यादव के कार्यालय के सामने पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। गंभीर हालत होने के चलते किसान का मेरठ के न्यूटिमा हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। जहां शनिवार को उपचार के दौरान जगबीर की मौत हो गई। जिससे अफसरों की गाड़ियां दौड़ने लगीं। हालांकि परिजनों का आरोप है कि मौत तो कल ही हो गई थी, मामले को मैनेज करने के प्रयासों के चलते मौत के ऐलान में देरी की गयी। जगबीर की मौत के बाद अलीपुर मोरना गांव में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।

वहीं, दूसरी ओर परिजनों ने घटना के लिए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई होने तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया था। यह खबर आने के बाद अफसरों के हाथ-पैर फूल गए। देर रात जगबीर का शव अलीपुर मोरना पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणो ने मांगे पूरी न होने तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। देर रात डीएम दीपक मीणा ने परिजनों से फोन पर वार्ता कर परिजनों की शासन द्वारा पीड़ित परिवार को 15 लाख रुपये नकद दिये जाने के साथ, मृतक किसान के एक बच्चे को संविदा पर नौकदी दिये जाने और पत्नी बीना को पेंशन दिये जाने की मांग पूरी किये जाने का आश्वासन दिया।

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पीड़ित परिवार को शासन द्वारा पांच लाख की नकद सहायता दी तो परिजन ने जगबीर का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया। रविवार सुबह एसडीएम मवाना अखिलेश यादव, सीओ सदर देहात, सरधना विधायक अतुल प्रधान और भाजपा नेता आकाश गुर्जर की उपस्थित में मृतक किसान जगबीर का गांव के समीप स्थित श्मशन में अंतिम संस्कार किया हुआ। जगबीर के अंतिम संस्कार के क्षेत्रीय विधायक के दबाव में आत्मदाह को दबाने के लिए दिया झूठा आश्वासन अंतिम संस्कार के बाद परिजनों से मिलने गांव पहुंचे सपा ने मुखिया गुर्जर ने प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को किये गये वादों को राज्यमंत्री के दबाव में किया जाना बताया।

इस दौरान प्रेस से हुई वार्ता में मुखिया गुर्जर ने कहा प्रशासन को वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के साथ पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, मृतक के पुत्रों को मिल में नौकरी दिये जाने के साथ अन्य वादों को एक सप्ताह में पूरा नहीं किये जाने पर कलक्ट्रेट पर चढ़ाई कर वादे पूरे न होने तक आंदोलन की चेतावनी दी।

हालात न बिगडेÞ प्रशासन ने आगे किए गुर्जर नेता

मवाना तहसील में एसडीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह करने वाले जगबीर प्रकरण को लेकर कहीं हालात न खराब हो जाएं, इसके लिए प्रशासन को भाजपा के गुर्जर नेताओं का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दलों के जो गुर्जर नेता हैं। उन्होंने भी मोर्चा संभाला हुआ है। प्रशासन की ओर भले ही मदद का आश्वासन देकर जगबीर का रविवार को अंतिम संस्कार करा दिया हो, लेकिन जगबीर आत्मदाह प्रकरण को लेकर जिस प्रकार से विपक्षी दलों के गुर्जन नेताओं को लगातार अलीपुर मोरना पहुंचा जारी है, उसको लेकर प्रशासन भी चौकस है और कोई रिस्क नहीं लेना चा रहा है।

हस्तिनापुर से भाजपा विधायक व राज्यमंत्री के बाद आज दक्षिण से विधायक व प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर अलीपुर मोरना पहुंचे। सोमेंद्र तोमर की गिनती भाजपा के बड़े गुर्जर नेताओं में की जाती है। वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दलों की बात की जाए तो सपा विधायक अतुल प्रधान और गुर्जरों में बड़े नेता माने जाने वाले मुखिया गुर्जर भी अलीपुर मोरना पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और कहा कि इस मामले में परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगे। हर प्रकार से मदद व जो अन्याय किया गया है। उसके खिलाफ लड़ी जाने वाली लड़ाई पर पूरा साथ दिया जाएगा।

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मुखिया गुर्जर व अतुल प्रधान सरीखे विपक्ष के गुर्जर नेताओं के पहुंचने के बाद अफसर भी हालात पर नजर रखे हैं। वहीं, दूसरी ओर भाजपा के आकाश गुर्जर सरीखे नेता घटना के बाद से लगातार परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। इसके अलावा आज आजाद अधिकार सेना के नेता भी अलीपुर मोरना पहुंचे। आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष पूर्व आईएएस ने वहां से लौटकर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि परिजनों को 50 लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व घटना के लिए जिम्मेदार अफसरों पर यदि चार दिन के भीतर कार्रवाई नहीं की गयी तो उनका संगठन एसडीएम कार्यालय को घेरेगा।

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