Wednesday, April 22, 2026
- Advertisement -

करण जौहर की फिल्म में फिर नजर आएंगी काजोल

CINEWANI


महज 17 साल की उम्र में राहुल रवेल के निर्देशन में ‘बेखुदी’ (1992) से एक्टिंग कैरियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री काजोल ने दूसरी फिल्म ‘बाजीगर’ (1993) में इस बात के संकेत दे दिए कि वह इंडस्ट्री में बेहद शानदार लंबी पारी खेलने के मूड़ में आई हैं। फिर तो काजोल ने ‘करण अर्जुन’ (1995) ‘हलचल’ (1995)‘ दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (1995) ‘इश्क’ (1997) ‘कभी खुशी कभी गम’ (2001) और ‘फना’ (2006) जैसी न जाने कितनी ही हिट फिल्मों की झड़ी सी लगा दी।

लगभग तीन दशक के कैरियर में काजोल ने एक से बढकर एक कई सशक्त किरदारों को सिल्वर स्क्रीन पर जीवंत किया। किरदार चाहे किसी तरह का रहा हो लेकिन किरदारों के जरिये दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। चाहे ‘दुश्मन’ (1998) हो या ‘हैलीकॉप्टर इला’ (2015), सभी में काजोल ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

कैरियर की शुरूआत में ही राजीव राय के निर्देशन में बनी ‘गुप्त’ (1997) में काजोल ने, एक कातिल लड़की का नेगेटिव किरदार निभाकर सभी को हैरत में डाल दिया। इस फिल्म के लिए काजोल को फिल्मफेयर अवार्ड मिला था।

‘बाजीगर’ (1993) के बाद ‘दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ (1995), ‘करन अर्जुन’ (1995), ‘कुछ कुछ होता है’ (1998), ‘कभी खुशी कभी गम’ (2001) और ‘कभी अलविदा ना कहना’ (2006), जैसी फिल्मों के बाद सिल्वर स्क्रीन पर शाहरूख और काजोल की जोड़ी ‘गोल्डन पेयर’ कहलाने लगी थी। लेकिन ‘माई नेम इज खान’ (2010) के बाद इस जोड़ी के चार्म में गिरावट नजर आने लगी।

‘दिलवाले’(2015) में शाहरूख और काजोल की जोड़ी जादू जगा पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो गई। शाहरूख खान स्टॉरर ‘जीरो’ (2018) में काजोल सिर्फ स्पेशल अपीरियंस में थी। लेकिन बॉक्स आॅफिस पर इस फिल्म का बुरी तरह भट्टा बैठ गया। ‘तानाजी: द अनसॉंग वॉरियर’ (2020) में काजोल ने छ़त्रपति शिवाजी महाराज के सूबेदार तानाजी मालुसरे की पत्नी सावित्री बाई मलुसरे का किरदार निभाया है।

10 साल बाद अजय के साथ सिल्वर स्क्रीन पर उनकी वापसी रंग लाई। काजोल ने धनुष के साथ तमिल फिल्म ‘वीआईपी 2’ (2017) की लेकिन वह फलॉप रही। गुजराती नाटक पर आधारित, ‘हेलिकोप्टर ईला’ (2018) में काजोल ने एक बेहद पजेसिव सिंगल मदर के किरदार निभाया। 2019 में काजोल की कोई फिल्म नहीं आई।

2021 मे वह महिला केंद्रित फिल्म ‘त्रिभंगा’ में नजर आर्इं। काजोल द्वारा निर्मित और रेणुका शहाणे व्दारा निर्देशित मां बेटी की कहानी पर बेस्ड इस फिल्म का प्रदर्शन नेटफ्लिक्स पर हुआ। काजोल ज्यादा खूबसूरत नहीं हैं, लेकिन बॉलीवुड की सबसे ज्यादा टेलेंटेड एक्ट्रेसेस में से एक हैं लेकिन काजोल खुद को बेहद खूबसूरत मानती हैं।

उनका कहना है कि यदि आपको खुद से प्यार है तो आप खुद के लिए सबसे खूबसूरत हैं। काजोल बीते वक्त के साथ काफी मैच्योर हुई हैं, उन्होंने खुद को एक बेहतर इंसान और एक बेहतर मां के रूप में काफी विकसित किया है। अजय देवगन के साथ शादी के बाद काजोल ने अपने फिल्म कैरियर को संक्षिप्त कर लिया। पिछले साल काजोल की ‘सलाम वेंकी’ (2022) आई थी।

हाल ही में वह ‘लस्ट स्टोरी 4’ (2023) और डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर आॅन स्ट्रीम हुई वेब सिरीज ‘द ट्रायल’ (2023) में नजर आर्इं। बनिजय ऐशिया द्वारा निर्मित और सुपर्ण वर्मा द्वारा निर्देशित 14 जुलाई को आॅन स्ट्रीम हुई ‘द ट्रायल’ (2023) भारतीय कानूनी और पॉलिटिकिल ड्रामा सिरीज है।

इसमें काजोल ने नोयोनिका सेनगुप्ता नाम की एक ऐसी गृहिणी का किरदार निभाया जो अपने पति के जेल जाने पर, अपने परिवार के लालन पालन के लिए एक लॉ फर्म खोलती है। नोयोनिका सेनगुप्ता की इस भूमिका में काजोल ने खुद को पूरी तरह डुबो लिया। पति से मिले विश्वासघात के बाद वह एक ऐसी यात्रा पर निकलती हैं जो वास्तव में उसे कसौटी पर खड़ा करती हैं।

वह एक एक कर जीवन की तमाम चुनौतियों को पार करती जाती हैं। ‘द ट्रायल’ (2023) में पहली बार एक वकील की भूमिका निभाने के लिए काजोल ने स्क्रिप्ट को अपने अंतरमन में उतारते हुए, लॉयर बनने का तरीका, उसे क्या और कैसे बोलना है, सब कुछ सीखा, वह उनके लिए एक नया एक्सपीरियंस रहा।

काजोल कहती हैं कि ‘एक एडवोकेटे के बोलने में जो रिदम होता है, वह हर किसी का मन मोह लेता है’। काजोल करण जौहर की सबसे ज्यादा चहेती एक्ट्रेसों में से एक हैं। काजोल ने उनके द्वारा निर्देशित ‘स्टूडेंट आॅफ द ईयर’ (2002) में सिर्फ एक डांस किया था।

अब वह करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन के लिए एक फिल्म कर रही हैं, जिसकी फिलहाल शूटिंग चल रही है और यह फिल्म अगले साल रिलीज होगी। काजोल की एक और फिल्म ‘सरजमीं’ भी अगले साल आयेगी। इसके अलावा वह नेटफ्लिक्स के लिए ‘दो पत्ती’ कर रही हैं। उनके पोर्टफोलिया में एक और फिल्म ‘द ट्रेल’ भी है।


janwani address 9

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

अगली पीढ़ी के एआई का खाका

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ध्वनि...

12वीं के बाद खुलेंगे कॅरियर के द्वार

डॉ विजय गर्ग भारत में छात्र अक्सर 12वीं कक्षा पूरी...

विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष खुश क्यों है?

पहले भक्त अपने दिमाग का इस्तेमाल करते थे लेकिन...

सड़कें न बनें मौत के रास्ते

सड़कें जीवन को जोड़ने के लिए बनाई जाती हैं,...
spot_imgspot_img