Friday, May 1, 2026
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कैली से अपहृत बच्चा बरामद, आरोपी से पुलिस की मुठभेड़

  • तीन लाख रुपये में बेचा था बच्चा, एक लाख रुपये दिए थे नकद
  • दादरी के जंगल में टयूबवेल से बरामद किया बच्चा

जनवाणी संवाददाता |

दौराला: कैली गांव से शुक्रवार सुबह बाइक सवार दो बदमाशों ने छह माह के बच्चे का अपहरण कर लिया था। अपहरण के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया। दौराला और कंकरखेड़ा पुलिस बच्चे की तलाश में लग गई थी। देर रात पुलिस ने बच्चा बरामद कर लिया और आरोपी को पकड़ लिया।

दिन में बच्चे को बचाने में दिए गए पैसे को लेकर जा रही पुलिस के एक दारोगा से आरोपी ने पिस्टल छीनकर गोली चलाने का प्रयास किया। जिसमें पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई और आरोपी के पेर में गोली लग गई। पुलिस ने सकुशल बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया है।

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दौराला थाना क्षेत्र के गांव कैली निवासी शाहिद का छह माह का बेटा शाहदत घर पर ही खेल रहे थे। तभी खेलते हुए बच्चा सड़क पार कर गया। तभी दो बाइक सवार आए और उसके बड़े भाई समर की गोद से उसे छीनकर ले गए। उसके गायब होने से गांव और परिजनों में हड़कंप मच गया। थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ दौराला संजीव दीक्षित, कंकरखेड़ा पुलिस व दौराला पुलिस तलाश में लग गई।

पुलिस को पड़ोसी हासिम पर शक था, जिसकी तलाश में लगी हुई थी। रात में पुलसि ने हाशिम को उठाया और उसका मोबाइल चेक किया। उसकी सीडीआर निकली तो दो अलग-अलग नंबरों पर बात कर रखी थी। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो पूरा राज खोल दिया।

हासिम ने बताया कि बच्चा दीपांकर माहेश्वरी लैब टैक्राशियन निवासी शास्त्रीनगर को साढ़े तीन लाख रुपये में सौदा हो गया। हासिम गौरव ढाका निवासी जागृति विहार के माध्यम से अपना बच्चा बताकर गुमराह करता रहा। हासिम ने गांव के ही शाहदत का अपहरण कर गौरव को दे दिया और एक लाख रुपये एड़वांस में ले लिया।

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पुलिस ने रात में ही बच्चे को बरामद कर लिया। शनिवार दोपहर पुलिस आरोपी हासिम पुत्र जाहिद निवासी कैली को लेकर दादरी गांव के जंगल में एक लाख रुपये बरामद करने जा रही थी, वहां पर दारोगा सुखवीर की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने भी जवाब में गोली चलाई तो हासिम के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने एक सरकारी पिस्टल, मैगजीन, आठ जिंदा कारतूस, एक खोखा बरामद कर लिया। घायल को दौराला स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया।

साढ़े तीन लाख में हुआ था सौदा, एक लाख दिए एडवांस

डा. दीपांकर महोश्वरी निवासी शास्त्रीनगर को एक बच्चे की जरूरत थी। उसकी बात गौरव ढाका निवासी शास्त्रीनगर से हुई। गौरव के पिता दिल्ली स्पेशल सेल में दारोगा है। दीपांकर को बच्चे की जरूरत थी तो गौरव ने कहा कि वह उसे उपलब्ध करा देंगे। उसकी मुलकात कैली निवासी हाशिम से हुई।

जिसमें साढे तीन लाख रुपये में सौदा हुआ और एक लाख रुपये एडवांस दे दिए। हाशिम और बच्चे के पिता शाहिद में एक साल पहले विवाद हो गया था। जिसका वह बदलना लेना चाहता थे। उसने बदला लेने और पैसे के लालच में शहादत का अपहरण करा दिया।

इंस्पेक्टर कंरकखेड़ा ने खोला राज

इस अपहरण की घटना मेंं एसएसपी अजय साहनी ने इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा तपेश्वर सागर को लगाया। हासिम ने अपने फोन से गौरव को फोन कर रखे थे। वह मोबाइल की सीडीआर में आ रहे थे और मोबाइल से नंबर डीलिट कर रखा था। तपेश्वर सागर ने सीडीआर के माध्यम से नंबरों की जानकारी की तो उसमें नंबर गौरव का निकला, पुलिस ने रात में ही गौरव से बातचीत कर बच्चे के बारे में जानकारी ली और उसका पता चल गया और पूरा राज खुलता चला गया।

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