जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: नीट री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप की पहुंच अस्थायी रूप से सीमित किए जाने के फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार पेपर लीक जैसी समस्या को रोकने के बजाय केवल “दिखावटी उपाय” कर रही है।
केजरीवाल की प्रतिक्रिया
बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की पेपर लीक रोकने की कोई वास्तविक मंशा नहीं है, इसलिए ऐसे “बेतुके कदम” उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या टेलीग्राम बंद करने से पेपर लीक रुक जाएगा?”
केजरीवाल ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्रों को सेना के विमानों से भेजने और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम पेपर लीक की समस्या का समाधान नहीं कर सकते। उनके अनुसार, यह समस्या कहीं अधिक व्यापक और संगठित स्तर पर फैली हुई है।
NTA ने क्यों लगाया टेलीग्राम पर प्रतिबंध?
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध की पुष्टि की थी। एजेंसी के अनुसार, यह निर्णय 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि टेलीग्राम पर 22 जून तक लगाया गया यह प्रतिबंध नकल, फर्जी सूचनाओं और कथित धोखाधड़ी नेटवर्क पर रोक लगाने के प्रयासों का हिस्सा है।
Google और Apple को दिए गए निर्देश
सरकारी निर्देशों के तहत Google और Apple से भी कहा गया है कि वे 22 जून तक अपने ऐप स्टोर से टेलीग्राम को अस्थायी रूप से हटा दें। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा अवधि के दौरान प्लेटफॉर्म के उपयोग को सीमित करना बताया गया है।
नीट परीक्षा क्यों रद्द हुई थी?
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि परीक्षा में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आरोप सामने आने के बाद NTA ने 12 मई को इसे रद्द कर दिया था।
परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा तैयारी करनी पड़ी और लंबे समय तक अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।

