Wednesday, May 6, 2026
- Advertisement -

सरधना सीएचसी में आक्सीजन की कमी से नहीं थमेंगी सांसे

  • सीएचसी में जल्द शुरू होगा आॅक्सीजन का उत्पादन, प्लांट का अधिकांश कार्य पूरा, विद्युत सप्लाई शुरू होते ही मिलेगी सेवा
  • वेंटिलेटर से लेकर दस बेड का अलग वार्ड भी तैयार
  • ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क

जनवाणी संवाददाता |

 सरधना: देशभर में बढ़ते ओमिक्रॉन के केस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। सरधना सीएचसी में महामारी से निपटने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। सीएचसी में ढाई सौ एलपीएम क्षमता वाला मेडिकल आॅक्सीजन प्लांट बनाया जा रहा है। जिसके लिए अस्पताल में कंट्रोल रूप से लेकर लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। बस विद्युत सप्लाई शुरू होते ही यहां आॅक्सीजन बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा।

35

यानी जरूरत पड़ने पर आॅक्सीजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अस्पताल में दो वेंटिलेटर के साथ ही दस बेड का वार्ड अलग बनाया गया है। बच्चों के लिए वार्ड की अलग से व्यवस्था की गई है। यानी महामारी से निपटने के लिए लगभग सभी तैयारी पूरी हो चुकी हैं।

37

कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने लोगों को बेबस सा कर दिया था। पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब ओमिक्रॉन ने चिंता बढ़ा रखी है। ऐसे में महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग बड़े स्तर पर तैयारी में लगा हुआ है। सरधना सीएचसी में भी तैयारी पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अस्पताल में ढाई सौ एलपीएम की क्षमता वाला मेडिकल आॅक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है।

अस्पताल में आॅक्सीजन लाइन बिछाने के साथ ही उत्पादन केंद्र तैयार कर लिया गया है। अब इसके लिए विद्युत सप्लाई पर काम चल रहा है। शुक्रवार को विद्युत निगम द्वारा अस्पताल में ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य जारी रहा। इसके बाद प्लांट में आॅक्सीजन उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा सीएचसी में दो वेंटिलेटर के साथ दस बेड वाला वार्ड बनाया गया है। बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था की गई।

ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। यानी इस बार स्वास्थ्य विभाग किसी भी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ने वाला है। उधर, प्रभारी सीएचसी डॉ. सचिन कुमार का कहना है किमहामारी से निपटने के लिए दो वेंटिलेटर के अलावा दस बेड का वार्ड बनाया गया है। अस्पताल में आॅक्सीजन प्लांट भी लगाया जा रहा है। जो बहुत जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारी पूरी हैं।

चालीस आॅक्सीजन सिलेंडर की हर समय व्यवस्था

सीएचसी में बहुत जल्द आॅक्सीजन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके लिए अधिकांश तैयारी पूरी हो चुकी हैं। इसके अलावा अस्पताल में चालीस आॅक्सीजन सिलेंडर की हर समय व्यवस्था रखी गई है। ताकि जरूरत पड़ने पर सिलेंडर कम न पड़ें।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

संघर्ष का गणित और सफलता

कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

डॉ. विजय गर्ग दुनिया भर की कक्षाओं में शिक्षा को...

मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...
spot_imgspot_img