Tuesday, May 21, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutज्वेलरी पार्क परियोजना में भूमि की दरकार

ज्वेलरी पार्क परियोजना में भूमि की दरकार

- Advertisement -
  • राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी के एक जिला दो उत्पाद के प्रयास चढ़ सकते हैं परवान
  • बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन और उपायुक्त उद्योग भी हुए सक्रिय

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो आने वाले समय में एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत मेरठ जनपद सिर्फ खेल सामग्री नहीं, बल्कि स्वर्ण आभूषणों के लिए भी जाना जाएगा। इसके लिए राजनीतिक एप्रोच के साथ साथ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन और अधिकारियों के स्तर से भी प्रयास तेज हो गए हैं। ज्वेलरी पार्क के नाम से प्रस्तावित इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए भूमि की दरकार है, जिसकी तलाश की जा रही है। सर्वविदित है कि एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत मेरठ जनपद में खेल उत्पाद को चयनित किया गया है।

जिसके लिए सरकार की ओर से विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं को लागू किया गया है। मेरठ के ही ग्राम सलावा में खेल विश्व विद्यालय बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। इस बीच मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से ज्वेलरी पार्क के निर्माण की मांग भी उठाई गई। जिसमें यह तर्क दिया गया कि सोने-चांदी के आभूषण बनाने के क्षेत्र में मेरठ को एशिया ही नहीं बल्कि विश्व भर में पहचान मिली हुई है। मेरठ-हापुड़ के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल विभिन्न अवसरों पर मेरठ के आभूषणों को प्रोत्साहन देने की बात कह चुके हैं। वहीं राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी मेरठ में ज्वेलरी पार्क बनाए जाने के पक्षधर रहे हैं।

उन्होंने इसके लिए विभिन्न मंचों से पैरोकारी भी की है। हाल ही में राजकीय इंटर कॉलेज में लगी खादी प्रदर्शनी के आयोजन में उन्होंने बहुत गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि एक जनपद एक उत्पाद को एक जनपद दो उत्पाद में बदलने के लिए उनके स्तर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा जाएगा। उनका कहना था कि मेरठ में खेल उत्पादों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ यहां की आभूषण निमार्ताओं-विक्रेताओं और कारीगरी को भी प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। सांसद स्तर से अपनाए गए इस गंभीर रवैये ने सराफा बाजार में नई उम्मीदें जगा दी हैं। व्हीन बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

19 9

मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से इस संबंध में अधिकारियों को एक पत्र भी प्रेषित किया गया है। जिसमें मेरठ में फ्लेटर्ड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स एवं ज्वेलरी पार्क की स्थापना की मांग उठाई गई है। अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल और महामंत्री विजय आनन्द अग्रवाल की ओर से प्रेषित पत्र में कहा गया कि मेरठ में सर्वाधिक केंद्र एवं राज्य सरकार को राजस्व एवं रोजगार देने वाला उद्योग सराफा व्यापार है। इस व्यापार में प्रत्यक्ष रूप में एक अनुमान के अनुसार लगभग 30 हजार कारीगर, 2,000 सप्लायर, 2,000 दुकानदार एवं 200 होलसेलर जुड़े हैं।

यह सराफा कारोबार सराफा बाजार, कागजी बाजार, नील की गली, कूंचा नील, कच्ची सराय, बाजार बजाजा, शीश महल, पत्थर वालान, वैली बाजार, लाला का बाजार, जातिवाड़ा, डालमपाड़ा आदि स्थानों पर संचालित होता है। यह सभी क्षेत्र सघन एवं संकरी गलियों में या सड़कों पर स्थापित है। इस कारण से अनेकों चुनौतियां सराफा व्यापार के समक्ष लगातार आ रही है। पत्र में कहा गया कि अग्निशमन विभाग, मेरठ विकास प्राधिकरण, प्रदूषण विभाग आदि विभागों के नियम कायदे-कानून इन सक्रिय क्षेत्र में सराफा व्यापार के संचालन के पक्ष में नहीं है।

मेरठ में निर्मित आभूषणों की सप्लाई मुंबई, राजकोट, सूरत, कोयंबटूर, मथुरा, आगरा, दिल्ली, आदि स्थानों सहित देश एवं विदेश में रही है। आज राजकोट, मुंबई, सूरत, कोयंबटूर, आदि स्थानों में आभूषणों की मंडियां डेवलप हो चुकी हैं। इसका मुख्य कारण वहां की सरकारें एवं स्थानीय प्रशासन का योजनाबद्ध तरीके से सहयोग महत्वपूर्ण कारक है। अत: अब इस व्यापार को फ्लेटर्ड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स एवं ज्वेलरी पार्क के रूप में जगह की आवश्यकता अनुभव होने लगी है।

आपके माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार एवं मेरठ विकास प्राधिकरण से पुरजोर आग्रह है कि हमारे सराफा व्यापार को सुलभ, सुरक्षित, इंजी अप्रोचेबल, समस्त सुविधाओं से युक्त न्यूनतम मूल्य पर समस्त योजनाओं का लाभ देते हुए जगह उपलब्ध कराकर उसमें फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स एवं ज्वेलरी पार्क की स्थापना कराई जाए।

प्रदेश के कुछ जनपदों को एक जनपद दो उत्पाद योजना में चयनित कर लिया गया है। मेरठ स्पोर्ट्स गुड्स के लिए चयनित है। हालांकि यहां कई अन्य क्लस्टर भी काम कर रहे हैं। जिनमें ज्वेलरी, ब्रास बैंड, कैंची आदि शामिल हैं। निर्यात अवस्थापना योजना के अंतर्गत ज्वैलरी कारोबारियों के लिए क्लस्टर बनाया जा सकता है। इसके लिए भूमि का होना जरूरी है। जिसमें कॉमन फेसेलिटी सेंटर डवलप किया जा सकता है। इस योजना में 70 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है। इस योजना के लिए भूमि की तलाश में बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अलावा कई विभाग भी प्रयासरत हैं। -दीपेन्द्र सिंह, उपायुक्त उद्योग, मेरठ

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments