Sunday, July 25, 2021
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खाप चौधरी हरिकिशन के निधन पर शोक में डूबा लिसाढ़

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  • पंचायती राज मंत्री ने लिसाढ़ पहुंचकर जताई शोक संवेदनाएं

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक के निधन से गांव लिसाढ़ शोक में डूबा रहा। बृहस्पतिवार को बाबा का अंतिम संस्कार होने के बाद ही गांव में चूल्हे जले। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान और उप्र के पंचायती राज मंत्री चौधरी •ाूपेंद्र सिंह ने लिसाढ़ पहुंचकर बाबा के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की।

गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक का बुधवार को बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन से कल से ही गठवाला खाप के चौधरी का गांव लिसाढ़ शोक में डूबा था। बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे बाबा का गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। खाप चौधरी के निधन से गांव में चूल्हे नहीं जले थे। बृहस्पतिवार को करीब साढ़े 11 बजे जब बाबा का अंतिम संस्कार लोग घर वापस लौटे तो उसके बाद ही चूल्हों में आग जल सकी।

इसके बाद गांव लिसाढ़ में बाबा हरिकिशन मलिक को उनके आवास पर केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान, प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, विधायक उमेश मलिक, भाजपा के जिलाध्यक्ष सतेंद्र तोमर आदि शोक संवेदनाएं व्यक्त करने पहुंचें।

उन्होंने बाबा के ज्येष्ठ पुत्र राजेंद्र मलिक तथा परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत कर ढांढस बंधाया। साथ ही, किसानों और समाज के हित में किए गए कार्यों के लिए गठवाला खाप चौधरी स्व. हरिकिशन मलिक की प्रशंसा की। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि बाबा ने हमेशा बेबाकी से अपनी बात कही। वे हमेशा किसानों के हित के लिए कार्य करते रहे।

शवयात्रा में बजता रहे ढोल-नगाड़े, रणसिंधे

गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक का निधन 94 साल की उम्र में हुआ है। उनका भरा-पूरा खुशहाल परिवार है। हिंदू धर्म 90 से 100 वर्ष की आयु के बीच मृत्यु को करीब-करीब सही माना जाता है। परिवार भी उतना दु:ख नहीं जताता जितना जवान व्यक्ति की मृत्यु पर जताया जाता है। इसलिए बाबा का 94 साल की उम्र निधन पर उनकी अर्थी को फूलों से सजाने के बाद तिरंगे से ढका गया। शव यात्रा के आगे ढोल-नगाड़े और रणस्ािंधे बजते हुए श्मशान तक गए।

अंतिम यात्रा में शामिल हुए गणामन्य

बाबा हरिकिशन मलिक की अंतिम यात्रा में कई खाप चौधरियों के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता हरबीर मलिक, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर सुधीर पंवार, किसान यूनियन के अध्यक्ष सवित मलिक, राजबीर सिंह लांक, जयदेव मलिक, मांगेराम किवाना, अनिल मलिक, रणधावा मलिक, बिजेन्द्र किवाना, डा. विक्रांत जावला आदि के अलावा आसपास के गांवों के प्रधान और थांबेदार मौजूद रहे।

पुरानी पीढ़ी के लोगों का जाना दुःखद

चौधरी हरिकिशन मलिक हमारी खाप के बहुत ही जिम्मेदारी व्यक्ति थे। 1985 में खाप चौधरी की पगड़ी के बाद से लगातार खाप की सेवा की है। हर आंदोलन में चाहे वह किसान आंदोलन हो या फिर अन्य समाज के हित की बात हो, वहां पर मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने समाजसेवा का एक उदाहरण पेश किया। आज वे अपनी जीवन यात्रा पूर्ण कर प्रभू के श्रीचरणों में चले गए। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे, हम सबकी ईश्वर से यही प्रार्थना है को अच्छी जगह पुन: जीवन मिले ताकि वे समाज की फिर सेवा कर सकें। भले आदमी थे, सच्चे और जुबान के पक्के इंसान थे। पुरानी पीढ़ी के लोगों का जाना बड़े दुर्ग्यभाग्य की बात है।
-बाबा बलजीत सिंह, चौधरी गठवाला खाप, हरियाणा।

हमेशा सर्वसमाज की लड़ाई लड़ी

1987 से लगातार चौधरी टिकैत साहब से बहुत नजदीक थे, उनका हमेशा साथ दिया। किसान आंदोलनों में भी पूरा योगदान रहा है। बिरादरी को बाबा हरिकिशन मलिक के जाने का बड़ा नुकसान है। इन्होंने कभी भी किसी बात पर कोई समझौता नहीं किया। हमेशा किसान, मजदूर और सर्वसमाज की लड़ाई लड़ी। समय-समय पर समाज सुधार की बातें की और कन्या भु्रण हत्या, दहेज प्रथा आदि का विरोध किया। समाज ने भी चौधरी साहब की बात मानी। आज के समय में जब माहौल बिगड़ रहा है तो उनकी बड़ी जरूरत थी, अब उनके न होने से समाज को बड़ा नुकसान है। इसकी भरपाई होना बहुत मुश्किल है।
  -चौ. नरेश टिकैत, चौधरी बालियान खाप, मुजफ्फरनगर।


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