Friday, May 31, 2024
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सरकार की ‘निगहबानी’ में जान जोखिम में

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  • डीएम के आदेश बेमानी, छतों पर सवारी बैठाकर दौड़ा रहे ई-रिक्शा

जनवाणी संवाददाता |

सरूरपुर: जिलाधिकारी द्वारा शहर में अवैध रूप से ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगाए जाने के लिए जहां कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, क्षेत्र में ई-रिक्शा बेलगाम तरीके से दौड़ रही हैं। ई-रिक्शा अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। चालक बेलगाम हो चले हैं और छतों पर सवारियां बैठाकर उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं। इस ओर से स्थानीय पुलिस फिलहाल पूरी तरह से आंख मूंद हुए किसी बड़ी घटना की इंतजार में है।

डीएम दीपक मीणा द्वारा एक ओर जहां शहर में बेलगाम तरीके से दौड़ रही ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगाए जाने के लिए अधिकारियों को कार्रवाई के लिए आदेशित किया गया है। वहीं, क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध ई-रिक्शा की भरमार बनी हुई है। सड़क पर सरकार को बिना टैक्स के चूना लगाकर दौड़ रहा ई-रिक्शा चालक अब और बेलगाम हो चले हैं। बेतरतीब तरीके से सड़क पर मौत बनकर दौड़ रही ई-रिक्शा चालक मनमानी पर भी उतर आए हैं।

आए दिन पलट कर लोगों को जान जोखिम में डालने वाली ई-रिक्शा के चालक अब ई-रिक्शा की छतों पर भी सवारियां बैठाने से बाज नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र में आए दिन पुलिस चौकी और थानों के सामने से बेलगाम तरीके से दौड़ रही इन अवैध रूप से ई-रिक्शा के चालक अब बेलगाम भी हो चले हैं।

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सवारियों की जान जोखिम में डालकर उन्हें छत पर बैठा कर आराम से ई-रिक्शा दौड़ा रहे हैं। यही नहीं कई ई-रिक्शा के चालक दिव्यांग तक भी है, जो धड़ल्ले से ई-रिक्शा दौड़ाकर लोगों को मौत के मुंह में पहुंचा सकते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मौत बनकर दौड़ रही ई-रिक्शा आए दिन पलट जाती हैं। जिससे कई लोग अभी तक मौत के मुंह में समा चुके हैं।

पुलिस की नाक के नीचे अवैध ई-रिक्शा स्टैंड

सरूरपुर पुलिस की नाक के नीचे अवैध ई-रिक्शा का स्टैंड बना हुआ है। हर्रा पुलिस चेक पोस्ट के पास ई-रिक्शा का स्टैंड बना हुआ। जहां दिव्यांग तक भी ई-रिक्शा धड़ल्ले से दौड़ा रहे हैं। ये अलग बात है कि पुलिस इनसे रोज नजराना वसूलती हैं। इसके अलावा भूनी चौराहे पर भी पुलिस चेक पोस्ट के पास ही अवैध ई-रिक्शा स्टैंड है।

ई-रिक्शा पर ये नियम होते हैं लागू

ई-रिक्शा पर नकेल कसने के लिए सरकार की ओर से दिशा निर्देशों के मुताबिक आरटीओ में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा तो वहीं ई-रिक्शा पर रजिस्ट्रेशन नंबर लिखने के साथ चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस होना भी अनिवार्य है। साथ ही ई-रिक्शा की अधिकतम स्पीड भी 25 से ऊपर नहीं होनी चाहिए और केवल पांच सवारी ही बैठाई जा सकती है।

कासिफ संग अरुण, मोहित, दुर्गा प्रसाद कर रहे थे गोकशी

सरधना: नगर में गोमांस से भरी गाड़ी पलटने के मामले में सनसनी खेज खुलासा हुआ है। गाजियाबाद के अरुण यादव, मोहित शर्मा व दुुर्गा प्रसाद गिरी कासिफ के साथ मिलकर गोकशी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। आरोपी लंबे समय से सरधना क्षेत्र में गोकशी करके गोमांस दिल्ली सप्लाई कर रहे थे। सोमवार को देर होने के कारण जल्दबादी में आरोपियों की गाड़ी पलट गई थी।

सरधना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करके मामले का 24 घंटे में खुलासा कर दिया। आरोपी जंगल में घूमने वाले गोवंशों को पकड़ कर वहीं कटान कर देते थे। यह नेटवर्क केवल सरधना में ही नहीं आसपास के इलाकों में भी सक्रिय है। जो डिमांड पर दिल्ली क्षेत्र में गोमांस सप्लाई करने का काम करता है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

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सरधना में नंगला रोड पर गंगनहर के निकट लंबे समय से गोकशी होने की सूचना सामने आ रही थी। आरोपी रात के अंधेरे में गोकशी करते और फरार हो जाते थे। बीते सोमवार की सुबह सरधना पुल के निकट गोमांस से भरी एक पिकअप पलट गई थी। आरोपी गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गए थे। जिसको लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। हिंदू संगठन के लोगों ने भारी विरोध जताया था।

इस घटना का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही सनसनी खेज खुलासा कर दिया है। गाजियाबाद के ग्राम शाहपुर बम्हैटा विासी अरुण यादव पुत्र रमेशचंद व मोहित शर्मा पुत्र सुरेश तथा गोतमबुद्धनगर के चरनी विहार कॉलोनी निवासी दुर्गा प्रसाद गिरी पुत्र मुरारी सरधना के कुलंजन गांव निवासी कासिफ पुत्र सिराज के साथ मिलकर लंबे समय से गोकशी कर रहे थे। आरोपी आवारा घूमने वाले गोवंशों को पकड़ते और नंगला के जंगल में कटान करके गोमांस दिल्ली के जाफराबाद में सप्लाई कर रहे थे।

इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बताया कि दो आरोपी अल्टो कार में आगे सवार होकर चलते। जो पीछे गोमांस से भरी पिकअप चलाने वाले मोहित शर्मा को रास्ता साफ होने की सूचना करते। लंबे समय से आरोपी गोकशी करके गोमांस सप्लाई कर रहे थे। इतना ही नहीं आरोपी जरूरत पड़ने पर तलाशी से पहले ही हिंदू संगठनों का नाम भी इस्तेमाल करते थे। ताकि पुलिस वाहन की तलाशी न ले। पुलिस ने आरोपियों के पास से अल्टो कार व गोकशी के औजार बरामद किए हैं।

पुलिस पिकेट के चलते पलट गई गाड़ी

सरधना गंगनहर पुल पर सुबह सवेरे ड्यूटी बदल जाती है। उसी का फायदा उठाकर रात को गोकशी करते थे और बदली के समय पिकअप लेकर जाते थे। बदली के दौरान वह गाड़ी ले जाते और गोमांस लोड करके वापस लाते थे। सोमवार को पुलिस पिकेट देर तक पुल पर तैनात रही।

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जिसके चलते आरोपियों को देर हो रही थी। पिकेट के हटते ही आरोपी तेजी से पिकअप लेकर गए और गोमांस भरकर वापस दौड़े। जल्दी के चक्कर में उनकी गाड़ी पुल के पास पलट गई। पुलिस ने जांच शुरू की तो 24 घंटे के भीतर सब खुलकर सामने आ गया।

आसपास के इलाकों में सक्रिय गोकश

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों का पूरा गिरोह है। जो सरधना क्षेत्र में ही नहीं आसपास के इलाकों में भी छुट्टा गोवंश को पकड़ते और जंगल में कटान करके गोमांस सप्लाई करते थे। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

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