Friday, May 1, 2026
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करोड़ों का ‘महाखेल’, नगर निगम मौन…

होर्डिंग माफिया करोड़ों का खेल कर रहा है और नगर निगम के अफसर मौन हैं। एक यूनिपोल का किराया प्रतिमाह 50 हजार रुपये वसूला जाता हैं। इतना किराया ठेकेदार वसूलता हैं, लेकिन निगम के खाते में फूटी कोड़ी भी नहीं जा रही हैं। फिर भी नगर निगम अफसर खामोश क्यों हैं? इसके पीछे अवश्य ही भ्रष्टाचार हो रहा हैं, जिसके चलते निगम अफसरों ने आंखें बंद कर रखी हैं। ठेकेदार और निगम अफसरों के बीच विज्ञापन ठेके को लेकर नूरा कुश्ती चल रही हैं। बिना टेंडर के कैसे होर्डिग्स लगने दिये जा रहे हैं। दरअसल, इसमें करोड़ों का ‘महाखेल’ चल रहा हैं। भ्रष्टाचार के यूनिपोल में निगम के अफसर भी ‘नग्न’ हो गए हैं, तभी तो यूपी सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रहे हैं। करोड़ों के इस ‘महाखेल’ में खूब बंदर-बाट हो रहा हैं। भ्रष्टाचार की कालिख निगम कर्मियों पर कई बार पुत चुकी हैं, फिर भी भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

  • होर्डिंग्स माफिया पर नहीं लग पा रहा अंकुश, चुनाव आचार संहिता भी ठेगे पर, कंकरखेड़ा में 20 कदम पर लगा दिये यूनिपोल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: होर्डिंग्स माफिया पर अंकुश नहीं लग पा रहा हैं। कंकरखेड़ा में चुनाव आचार संहिता के दौरान भी कई स्थानों पर डिवाइडर को तोड़ कर यूनिपोल लगा दिये गए थे। इसकी पुलिस को भी सूचना दी गई, मगर इसे किसी ने नहीं रोका। इस तरह से चार यूनिपोल कंकरखेड़ा डिवाइडर पर लगा दिये गए। आचार संहिता के दौरान इनके लगाने की अनुमति किसने दी? ये बड़ा सवाल हैं। आचार संहिता के दौरान डिवाइडर तोड़कर यूनिपोल लगाये गए, जो सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा हैं। अब फिर से थाने के ठीक सामने सड़क उखाड़कर यूनिपोल लगाने की तैयारी चल रही हैं।

इसको भी नहीं रोका जा रहा हैं। इसकी कोई अनुमति नगर निगम ने नहीं दी हैं, फिर कैसे यूनिपोल लगाये जा रहे हैं, इसके जिम्मेदारों पर कौन कार्रवाई करेगा? नगर निगम के अधिकारी कैसे प्रत्येक 20 कदम की दूरी पर यूनिपोल लगने दे रहे हैं? यूनिपोल तूफान आने पर बड़ी दुर्घटना का भी कारण बनते हैं, जिसकी लगता है नगर निगम को परवाह नहीं हैं।
दरअसल, कंकरखेड़ा में एनएचएआई ने सड़क का निर्माण किया था। बीच में डिवाइडर भी एनएचएआई ने बनाया था। इस रोड पर पूरा अधिकार एनएचएआई का है, लेकिन नगर निगम इस पर यूनिपोल कैसे लगवा रहा हैं? आचार संहिता के दौरान इसकी किसी स्तर से भी अनुमति नहीं हुई।

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‘जनवाणी’ ने भी इसको जिस दिन गड्ढे खोदे जा रहे थे, तब प्रमुखता से प्रकाशित किया था तथा पुलिस को भी इसकी सूचना दी थी, मगर इसके बावजूद डिवाइडर तोड़कर यूनिपोल लगा दिये गए। लगता है नगर निगम कोई नियम कानून नहीं मानता, तभी तक अभी तक इसमें कोई कार्रवाई ठेकेदार के खिलाफ नहीं की गई। आचार संहिता में लगाने के बावजूद ठेकेदार ने फिर से यूनिपोल लगाने के लिए और भी सड़क की खुदाई कर दी। फिलहाल थाने के सामने सड़क की खुदाई कर यूनिपोल लगाने की तैयारी चल रही हैं, ये भी नगर निगम के अफसरों को नहीं दिखता। ठेकेदार मनमाफिक शहर में काम कर रहा हैं, जहां चाहता है, वहीं पर यूनिपोल लगा देता हैं।

कंकरखेड़ा ही नहीं, हापुड़ रोड पर भी कुछ इसी तरह से यूनिपोल लगाये जा रहे हैं। शहर भर में ये काम चल रहा हैं। अभी कोई टेंडर यूनिपोल लगाने के लिए निगम ने नहीं किया हैं। ये सब चोरी से चल रहे हैं। इसके लिए निगम के जिम्मेदार अफसर भी आंखें मूंदे हुए हैं। उधर, हापुड़ रोड, गढ़ रोड, मोदीपुरम, मवाना रोड आदि क्षेत्रों में यूनिपोल लगाये जा रहे हैं। इसकी कहीं कोई अनुमति नहीं ली गई। शहर भर में ये काम चोरी छिपे चल रहा हैं। इसके लिए नगर निगम ने भी देखते हुए आंखें बंद कर ली हैं। तभी तो शहर भर में डिवाइडर पर यूनिपोल लगा दिये गए है या फिर लगाये जा रहे हैं। ये अभियान शहर भर में चल रहा हैं।

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