जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ 10 नवंबर को प्रकाशित होने जा रही है। किताब में वह अपने निजी जीवन, राजीव गांधी के साथ प्रेम और विवाह, गांधी परिवार में प्रवेश, राजनीति में आने की परिस्थितियों और 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार न करने के फैसले समेत कई महत्वपूर्ण प्रसंगों को साझा करेंगी।
अमेरिकी प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस की इम्प्रिंट अल्फ्रेड ए. नॉफ ने इसकी घोषणा की है। हालांकि, भारत में किताब के प्रकाशन की तारीख को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कैम्ब्रिज से शुरू होगी प्रेम कहानी
आत्मकथा की शुरुआत 1965 के कैम्ब्रिज से होती है। उस समय 19 वर्षीय सोनिया मैनो की मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। किताब में उनके पहली मुलाकात से लेकर प्रेम और फिर विवाह तक के सफर को विस्तार से बताया गया है। इसके साथ ही युद्ध के बाद के इटली में सोनिया गांधी के बचपन और भारत आने के अनुभव भी शामिल हैं।
गांधी परिवार में शुरुआती साल
सोनिया गांधी अपनी सास और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ अपने संबंधों का भी जिक्र करेंगी। वह बताएंगी कि भारत में रहते हुए उन्होंने हिंदी सीखी, साड़ी पहनने की आदत डाली और भारतीय खान-पान को अपनाया।
राजीव गांधी की पत्नी और दो बच्चों की मां के रूप में उन्होंने गांधी परिवार के कई निर्णायक दौर देखे। इनमें संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत और इसके बाद इंदिरा गांधी की हत्या जैसी त्रासद घटनाएं शामिल हैं।
राजीव गांधी की हत्या और राजनीति में प्रवेश
आत्मकथा का एक अहम हिस्सा राजीव गांधी की हत्या और उसके बाद सोनिया गांधी के सार्वजनिक जीवन में प्रवेश से जुड़ा है। वह उन व्यक्तिगत दुखों और परिस्थितियों के बारे में लिखेंगी, जिन्होंने उन्हें राजनीति की दुनिया में आने के लिए मजबूर किया।
किताब में 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद का वह दौर भी शामिल है, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के बाद सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना थी। उन्होंने यह पद स्वीकार करने के बजाय डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया था।
छह दशकों के भारत की कहानी
‘बिलॉन्गिंग’ केवल सोनिया गांधी की निजी कहानी नहीं है। इसके जरिए वह पिछले करीब छह दशकों में भारत में आए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलावों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों की नजर से सामने रखेंगी। सोनिया गांधी ने कहा है कि अपने जीवन के बारे में लिखना उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, आत्मकथा लिखने का अर्थ उन भावनाओं, घटनाओं और अनुभवों को सार्वजनिक करना था जिन्हें उन्होंने वर्षों तक अपने भीतर संजोकर रखा था।
राहुल गांधी का भावुक संदेश
किताब के ऐलान के मौके पर राहुल गांधी ने अपनी मां के लिए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के निधन के बाद उन्होंने अपनी मां को जीवन की हर चुनौती का सामना साहस और गरिमा के साथ करते देखा है।
राहुल गांधी ने कहा कि वह और उनकी बहन प्रियंका ही वास्तव में जानते हैं कि राजीव गांधी के निधन के बाद सोनिया गांधी ने किन कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने अपनी मां की कहानी दुनिया के सामने आने पर गर्व जताया और कहा कि निजी जीवन को हमेशा अपने तक सीमित रखने वाली सोनिया गांधी के लिए अपने अनुभव साझा करना आसान नहीं रहा होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राजीव गांधी के जन्मदिन पर वह कल्पना कर सकते हैं कि उनके पिता ऊपर से अपनी पत्नी को गर्व के साथ देख रहे होंगे। इस तरह ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ सोनिया गांधी के निजी जीवन, पारिवारिक त्रासदियों और सार्वजनिक भूमिका के साथ-साथ आधुनिक भारत के बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य की एक व्यक्तिगत गवाही के रूप में सामने आएगी।

