Friday, July 26, 2024
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मेयर हरिकांत अहलूवालिया की गत योजना क्या अब चढ़ेगी परवान

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  • गांवड़ी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की पिछली योजना की याद दिलाई
  • नवागत मेयर हरिकांत अहलूवालिया बोले-विधायक, सांसद, नगरायुक्त, मेयर सब मिलकर करेंगे इस योजना पर कार्य
  • नगर निगम में भाजपा के उस वायदे एवं नारे पर ही कार्य होगा, मोदी जी का नारा सबका साथ-सबका विकास
  • गांवड़ी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का मामला कोर्ट में भी विचाराधीन, कैसे योजना चढ़ेगी परवान, बड़ा सवाल
  • जिस कंपनी को 25 वर्षों के लिये लीज पर दी गई थी जमीन उसकी जगह निगम डाल रही महानगर का कूड़ा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गांवड़ी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की वह परियोजना क्या अब चढ़ेगी परवान, जोकि पांच वर्ष पूर्व जिसका नवागत मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने पांच वर्ष पूर्व शिलान्यास किया था। करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी वह परियोजना अधूरी पड़ी है और अवैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण पर भारी भरकर जुर्माना लगाने की भी एनजीटी कोर्ट के द्वारा तैयारी की जा रही है। ऐसे में एजनीटी में लोकेश खुराना के द्वारा जो वादी बनकर लड़ाई लड़ी जा रही है।

उसमें नवागत मेयर को लोकेश खुराना पक्ष की तरफ से एक प्रस्ताव दिया गया है कि जिस कंपनी से पांच वर्ष पूर्व अनुबंध होते अधर में लटक गया था। वहीं, दूसरी ओर कंपनी के साथ अनुबंध किया गया। जिसके द्वारा धरातल पर अभी तक कोई कार्य नहीं किया गया। अब उसकी जगह समझौते पत्र के आधार पर अन्य कंपनी को परियोजना सौंपी जाये तो सफलता मिल सकेगी।

महानगर को कूड़े की साफ-सफाई के बाद साफ सुथरा बनाने एवं उस कूड़े से बिजली बनाने के लिये नवागत मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने पांच वर्ष पूर्व गांवड़ी के जंगल में करीब 15 एकड़ भूमि पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का शिलान्यास किया था। जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी बीते पांच वर्ष में न तो महानगर की सड़कें कूड़े के ढेरों की साफ-सफाई के बाद साफ सुथरी दिखाई दी।

वहीं, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद न तो आर्गोनिक खाद तैयार हुई और न ही एक यूनिट बिजली ही बनी। वर्तमान में जो नगरायुक्त ने जिस समय निगम का चार्ज संभाला था, उन्होंने भी महानगर की साफ सफाई एवं वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट पर गंभीरता से कार्य करने की जरूरत बताई और इन्हे अपनी प्राथकिता में शामिल किया। लेकिन हालात जस के तस हैं,

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लोगों ने नवागत मेयर हरिकांत अहलूवालिया को जीत की बधाई देने के साथ ही पांच वर्ष पूर्व उनके द्वारा जो सब्जबाग दिखाए गये थे, उनकी याद दिलाई। वहीं एक कंपनी का वह प्रस्ताव भी उन्हें सौंपा जिसमें कंपनी ने 25 वर्षों के अनुबंध में निगम पर कोई अतिरिक्त खर्च का भार बिना वहन किये ही इस समस्या के समाधान और प्लांट को चालू करने की बात कही है।

जिस पर हरिकांत अहलूवालिया ने भाजपा के उस नारे पर विकास करने की बात कही कि सबका साथ-सबका विकास। जिसमें भाजपा के विधायक, सांसद, मेयर एवं मंत्री के साथ नगरायुक्त सभी संयुक्त रूप से मिलकर विकास कार्यों की रूप रेखा तैयार करेंगे। अब देखना है कि हरिकांत अहलूवालिया की पिछली योजना में बनी यह विकास की बड़ी परिजयोना इस बार क्या अब चढ़ेगी परवान। वहीं, इस मामले में एनजीटी में निगम के खिलाफ कूड़ा निस्तारण अवैज्ञानिक तरीके से करने को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं।

जिसमें निगम पर लोहिया नगर में कूड़ा निस्तारण प्लांट के सही संचालन नहीं होने पर भारी भरकर जुर्माना लगाने की तैयारी चल रही है। उनकी तरफ से गांवड़ी स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट के संचालन को लेकर एक प्रस्ताव भी मेयर के पास भेजा गया है। जिसमें निगम के द्वारा बिना किसी खर्चे के ही योजना परवान चढ़ सकती है, केवल निगम को अनुमति देना बाकी है। जिसमें शासन स्तर से अनुमति भी मिल चुकी है।

जिसमें इस संबंध में मैसर्स आॅर्गेनिक साइकिलिंग लिमिटेड कंपनी के द्वारा 16 मई 2023 को एक पत्र राज्य मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन नगरीय एवं राज्य मिशन निदेशालय लखनऊ उत्तर प्रदेश को लिखा। जिसमें नगर निगम के गांवड़ी स्थित ठोस अपष्टि-तरल कचरा को निस्तारण करने के लिए वैज्ञानिक पद्धति द्वारा ठोस अपष्टि प्रबंधन के अंतर्गत वेस्ट टू एनर्जी प्लांट परियोजना स्थापना के संबध में अनुमति मांगी गई। जिसमें वर्ष 2017 के अनुबंध का भी कंपनी ने जिक्र किया है। वहीं, एनजीटी में जो मामला चल रहा है। कंपनी उसमें भी समझौता पत्र दाखिल कर देगी।

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