Tuesday, January 25, 2022
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मेरठ शहर: बेरोजगारी, महंगाई और विकास के मुद्दे पर करेंगे वोट

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  • वर्तमान विधायक और सरकार दोनों के प्रति नाराजगी जता रहे मतदाता

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेरठ शहर का वोटर विधानसभा चुनाव 2022 में अपने लिए बेरोजगारी, महंगाई और विकास को बड़ा मुद्दा मान रहा है। वह वर्तमान विधायक और सरकार दोनों से ही नाराज है। इस क्षेत्र के वोटरों का कहना है कि शहर में विकास का कोई बड़ा काम नहीं हुआ है। रोजगार का बड़ा संकट है और ऊपर से महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। तेल की आसमान छूती कीमतें इस बात की गवाह हैं कि महंगाई का क्या आलम है। महंगाई की तरह ही बेरोजगारी बढ़ी है, जो जनता पर दोहरी मार है। अबकी बार रोजगार, महंगाई और विकास के मुद्दे पर बेहतर काम करने वाली सरकार चुनेंगे। ऐसे प्रत्याशी को वोट करेंगे, जिसकी प्राथमिकता शहर का विकास करने की होगी।

ब्रह्मपुरी निवासी कारोबारी मनीष शर्मा का कहना है कि जिस तरह के विकास कार्य शहर में होने चाहिए थे, वह नहीं हुए है। मेरठ की जनता ने भाजपा को बड़ा बहुमत दिया था। छह विधायक और तीसरी बार सांसद की सीट दी, मगर यहां के विकास को महानगर होने के बावजूद पंख नहीं लग सके हैं। जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के चलते न एयरपोर्ट और न मल्टीलेवल पार्किंग बन सकी है।

पूर्वा फय्याज अली निवासी कार मिस्त्री जमीर अब्बासी कहते है कि मौजूदा विधायक से शहर को जो उम्मीदें थी, उसको पूरा करने में वह नाकाम रहे हैं। उनके क्षेत्र में एक काम ऐसा नहीं है, जो विधायक निधि से कराया गया हो। सरकार ने महंगाई बढ़ाकर जनता को कोई राहत देने का काम नहीं किया। ऊपर से रोजगार के संकट ने उन्हें दोहरी मार मारी है। बेरोजगारी की समस्या हटे और महंगाई कम होनी चाहिए।

शीशमहल बजाजा निवासी बबिता वर्मा कहती है कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अपराध में सुधार हुआ है। शहर में दंगा नहीं हुआ और महिलाओं के साथ होने वाले अपराध का ग्राफ भी गिरा है, मगर शहर में अभी विकास के क्षेत्र में काफी काम होने बाकी है। सरकार और जनप्रतिनिधियों के शहर के विकास पर और बेहतर ढंग से काम करने की जरुरत है। नागरिक को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।

बैट्री की दुकान चलाने वाले खैरनगर निवासी काशिफ अली का मानना है कि शहर के बेहतर विकास का खाका नहीं खिंचा जा रहा है। धर्म और जातिवाद की राजनीति ने विकास को कहीं पीछे छोड़ दिया है। नेताओं के लिए विकास नहीं अब वोट पाना प्राथमिकता है, उसके लिए चाहे कुछ भी करना पड़े। उनके लिए रोजगार और महंगाई भी इस बार के चुनाव में एक बड़ा मुद्दा है। वह शहर का विकास कराने वाला विधाकय चुनना चाहते हैं।

करीम नगर निवासी अब्दुल गफ्फार सैफी का कहना है कि अबकी बार ऐसा प्रतिनिधि चाहते हैं जो हर वर्ग के क्षेत्रों में बेहतर विकास कार्य कराए। सड़क और स्वास्थ्य के कामों पर जोर दें। बेहतर शिक्षा व्यवस्था के साथ ही रोजगार के अवसर प्रदान करने वाली सरकार इस बार यूपी में बननी चाहिए। समाज में जाति आधारित राजनीति हो रही है। इससे गरीब तबके के क्षेत्रों में विकास का पहिया जाम हो रहा है।

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