- महिला संग होती रही दरिंदगी, लुटती रही आबरू, रो-रो कर बुरा हाल
- एसएसपी साहब! सिर्फ और सिर्फ आश्वासनों से कैसे मिलेगा न्याय!
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एक प्रसंग है कि मूंदहुं आंखि कतहुं कछु नाहीं… यह अवधी भाषा में है और इसका अर्थ है आंख बंद कर लीजिए कहीं कुछ नहीं है। यह लाइन मेरठ जिले की पुलिस के लिए बेहद सटीक है। क्योंकि, आजकल मेरठ पुलिस इसी तर्ज पर काम कर रही है। जिले भर में अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं।
महिलाएं रोजाना अपनी शिकायतें लेकर पुलिस मुखिया एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के जाती हैं। कुछ पीड़ितों को साहब तक पहुंचने दिया जाता है कुछ को रास्ते से वापस लौटा दिया जाता है। पीड़ितों की शिकायत के नाम पर सिर्फ और सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
ऐसे में प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनता के लिए अपराधमुक्त समाज की स्थापना की घोषणा को पुलिस पलीता लगाती दिख रही है! क्योंकि अगर शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा और उनपर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी तो इसका मतलब साफ है।
एक ऐसा ही मामले में लालकुर्ती क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने अपने पड़ोस में रहने वाले युवक पर पांच साल तक शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। प्रेमी ने तीन बार उसका गर्भपात भी करा दिया। अब शादी की बात करने पर परिवार के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की और धक्का देकर घर से बाहर निकाल दिया।
बृहस्पतिवार को एसएसपी ऑफिस पहुंची पीड़िता ने बताया कि उसका अपने पड़ोस में रहने वाले युवक से पिछले पांच साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। आरोप है कि शादी का झांसा देकर युवक अक्सर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। वह तीन बार गर्भवती हुई लेकिन प्रेमी ने हर बार उसका गर्भपात करा दिया।
आरोप है कि अब प्रेमी के घर वालों ने दोनों की शादी कराने से इन्कार कर दिया। बुधवार को प्रेमी भी शादी के वादे से मुकर गया। जब वह उसके घर पहुंची तो आरोपी और उसके परिवार ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। एसएसपी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दे दिया है।

