- 2019 में पिता की मौत के बाद उनका सपना पूरा करना है लक्ष्य
- अमेठी में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिता में जीते तीन स्वर्ण पदक
- बड़ी बहन भी है कुश्ती कोच, जिसने कठिन परिस्थितियों में अपने को संभाला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हौसले बुलंद हो तो ऐसा कोई सपना नहीं जो पूरा नहीं हो सकता, बस जरूरत है तो कड़ी मेहनत और लगन की। ऐसी ही प्रतिभा की धनी एथलीट ने अमेठी में आयोजित 31वीं यूपी मास्टर्स एथलेटिक्स मीट में तीन स्वर्ण पदक जीत का जिले का नाम रोशन किया हैं। पिता की मौत के बाद उनके सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत कर रही एथलीट सरिता शर्मा अब ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं। सरिता को यूपी की उड़न परी भी कहा जाता हैं। महिला वर्ग में उसके मुकाबले की कोई धावक नहीं हैं।
पेशे से पुलिस कांस्टेबल सरिता मूल रूप से बढ़ला कैथवाड़ा की रहने वाली है। सरिता के पिता पुलिस में थे, लेकिन बीमारी के चलते 2019 में उनकी मृत्यु हो गई थी। पिता का सपना था कि सरिता एक दिन अपने देश का प्रतिनिधित्व करें इसको पूरा करने के लिए वह दिन रात पसीना बहा रही हैं। तमाम संकट परिवार पर आये, लेकिन सरिता ने हौंसला नहीं तोड़ा।
एक कदम आगे बढ़ाया तो फिर पीछे मुंडकर नहीं देखा। सरिता अपने परिवार में सबसे छोटी हैं। बड़ी बहन कुश्ती की कोच हैं। दरअसल, सरिता के परिवार के लोगों में खेल खून में रम गया हैं। बहन कुश्ती की कोच है तथा पहले कुश्ती की मल्ल रही हैं। हाल ही में अमेठी में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिता में सरिता ने 10 किलोमीटर रनिंग, 5 हजार मीटर रनिंग व 3 हजार मीटर स्टैपल चेज़ में स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
बड़ी बहन को मानती है आदर्श
ट्रैक पर अपने साथी धावकों को पीछे छोड़कर उड़ान भरने वाली सरिता बेहद साधारण परिवार से हैं। सरिता की बड़ी बहन अंजना शर्मा भी खिलाड़ी रही है और इस समय अलवर में कुश्ती कोच हैं। अपनी बहन को ही सरिता अपना आदर्श मानती हैं। बहन अंजना ने बताया सरिता में प्रतिभा कूट-कूट कर भरी है।
परिवार की जब माली हालत ठीक नहीं थी। तब भी उसने इसे अपने पर कभी हावी नहीं होने दिया। रोजाना सुबह तीन बजे उठना और 20 से 25 किमी दौड़ लगाना उसकी दिनचर्या में शामिल रहा है। सरिता के भाई हरिशरण शर्मा ने बताया उन्हें बहन पर नाज है और उसकी लगन उसके हर सपने को पूरा करने में मददगार साबित होगी।
एडीजी करेंगे सम्मान
सरिता के लिए ये गौरान्वित करने वाले क्षण होंगे। उनके विभाग के आला अफसर एडीजी राजीव सब्बरवाल अपने आॅफिस में सरिता को बुलाया हैं तथा उनका सम्मान करेंगे। ये क्षण उसके लिए बेहद सुखद रहेगा। क्योंकि जिस पुलिस विभाग में वह सबसे निचले पायदान पर सरिता नौकरी करती है, उसके आला अफसर उनको सम्मान देकर नवाजेंगे। यह गौरान्वित करने वाले पल उसके लिए रहेंगे।

