जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भैंसाली रोडवेज डिपो में खड़ी बसों के टायर गायब हैं। आखिर कहां गए टायर? एक-दो बस के नहीं, बल्कि दर्जन भर बसों के टायर गायब हैं? इसका जवाब कोई देने को तैयार नहीं है। टायर घोटाले की बू इस पूरे मामले में आ रही है। एक-साथ इतनी बसों के टायर गायब कैसे हो गए? क्योंकि बस सड़क पर दौड़नी चाहिए थी, लेकिन उनके टायर गायब हैं।
वैसे भी जो गाड़ी खराब होती है, वो वर्कशॉप में खड़ी होती हैं, लेकिन जिन बसों के टायर गायब है, वो डिपो के बाहर खड़ी हैं। टायर व पूरी बसों की देखरेख करने की जिम्मेदारी विभाग के अफसरों की हैं, मगर यहां कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते बसों के टायर ही गायब हो गए। टायर की कीमत भी बड़ी होती हैं, लेकिन ऐसे में दर्जन भर बसों के गायब टायर कुछ तो इशारा कर रहे हैं, जिसकी जांच पड़ताल के बाद ही इसका सच सामने आ सकेगा।
फिलहाल तो आरएम केके शर्मा ने गायब टायरों के मामलों की जांच कराने की बात कहीं। रोडवेज में यह पहला घोटाला नहीं हैं, बल्कि इससे पहले भी कई घोटालों को लेकर सुर्खियों में रहा है। कलपुर्जो को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं कि कई बार यहां से पार्ट्स ही गायब कर दिये जाते हैं। वर्कशॉप में जब किसी बाहरी की एंट्री प्रतिबंधित हैं और सीसीटीवी कैमरे भी लगे है तो फिर सामान कैसे गायब हो रहा हैं? यह बड़ा सवाल है। इसको लेकर आरएम को गंभीरता दिखानी होगी, तभी इसमें घापले करने वालों का पता चल सकेगा।

वर्कशॉप बना तालाब
शहर में चल रहे मेट्रो के काम के कारण रोडवेज बस स्टेशन का वर्कशॉप बदहाल हालत में है। यहां से बस को बस अडडे तक लाने में चालकों के पसीने छूट जाते हैं। बस अड्डे पर जलभराव के कारण बसों के पहिए तक गल गए हैं। पानी की निकासी का कोई विकल्प विभाग के पास नहीं है। अधिकारी मेट्रो का काम चलने के कारण हो रही परेशानी की बात कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
बात दे कि शहर के बीच बना रोडवेज बस अड्डा काफी समय से बदहाल है बस अडडे की वर्कशॉप का हाल बदतर स्थिति में है। बीते गुरुवार को शहर में हुई बरसात के कारण वर्कशॉप तालाब में तब्दील हो गया। बस को वर्कशॉप से निकाल कर बस अड्डे तक लाने में चालकों के पसीने छूट रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि चालक बस तक बड़ी मुश्किल से पहुंच पाते हैं।
कई बार अधिकारियों से वर्कशॉप का ठीक कराने के लिए मांग की, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी का ध्यान इधर नहीं गया। शहर में मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए वर्कशॉप को तोड़ दिया गया है। वर्कशॉप की जगह पर मेट्रो स्टेशन तैयार किया जा रहा है। विभाग अपनी बसों को क्षेत्रीय कार्यालय और वर्कशॉप की बची हुई जगह पर खड़ी कर रहे हैं। बरसात में यह जगह तालाब हो जाती है।
सालों से हो रखे गड्ढों में जलभराव कई दिनों तक रहता है। इस सम्बंध में जब रोडवेज आरएम केके शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि बरसात के कारण वर्कशॉप के पीछे नाले का पानी वर्कशॉप वाली जगह पर भर जाता है, नालियां चोक हो जाती है जिस कारण बरसात का पानी भर जाता है।
विभाग पम्प की सहायता से यहां से पानी निकलवाया जाता है। विभाग की पूरी कोशिश रहती है कि व्यवस्थाएं बनी रही। जानकारी देते हुए बताया कि आईओसी और एनसीआरटीसी दोनों को पत्र लिखकर वर्कशॉप की जगह खोदी गई जगह जहां पर गड्ढे हो गए हैं। उन्हें समतल कराने के लिए कहा गया है। जगह-जगह जो मिट्टी के ढेर लगाए गए हैं, उन्हें भी हटवाने को कहा गया है।

