Tuesday, April 21, 2026
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शहर के ज्यादातर बाजार जाम की चपेट में

  • ब्लैक स्पॉट ले रहे लोगों की जान, जाम के झाम से पब्लिक परेशान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर में 20 से ज्यादा मुख्य बाजार और 21 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट होने के बावजूद यहां की व्यवस्था चरमराई नजर आती है। शहर के मुख्य बाजार दिन हो या रात जाम से जूझते नजर आते हैं। शहर में सुबह 10:00 बजे से जो जाम का सिलसिला शुरू होता है तो वह रात को 11 बजे तक ऐसे ही रहता है। लोगों को इनसे निकलने के लिये बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं, दूसरी ओर शहर के कई ऐसे ब्लैक स्पॉट हैं। जहां एक्सीडेंट के कारण हर रोज कोई न कोई अपनी जान गवाता है।

पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध नहीं

शहर के मुख्य बाजारों में आने वाले आबूलेन, सदर, सराफा, शास्त्रीनगर, सूरजकुंड, घंटाघर, वैली बाजार, भूमिया का पुल आदि बाजारों की सबसे बड़ी समस्या सुनियोजित पार्किंग न होना है। जिस कारण छोटे-बड़े वाहन सड़कों पर ही खड़े रहते हैं और जाम की स्थिति बन जाती है।

रूट डायवर्जन बढ़ा रहा मुसीबत

पूरे शहर में इस समय निर्माण कार्य चल रहा है, जो शहर के यातायात को प्रभावित कर रहा है। जहां एक तरफ मेट्रो निर्माण के कारण आबूलेन बेगमपुल, हापुड़ अड्डा, परतापुर, पल्लवपुरम का यातायात बाधित होने के कारण जाम की स्थिति पैदा हो रही है। वहीं, दूसरी तरफ नगर निगम द्वारा पूरे शहर को सीवर लाइन के निर्माण के लिए खोद कर डाल दिया गया है।

अवैध अतिक्रमण से घिरे बाजार

शहर के बाजारों को अतिक्रमण ने घेर रखा है। बता दें कि पैसों के लालच में दुकानदार रेड़ी वालों को अपनी दुकानों के आगे खड़ा कर लेते हैं। जिस कारण वाहन खड़ा करने की जगह का घेराव होता हैं। साथ ही कुछ दुकानदार अपनी दुकानों का सामान बाहर लगाकर जगह को घेर लेते हैं।

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ई-रिक्शा, आटो लगा रहे जाम

बाजारों में अधाधुंध ई-रिक्शा और आॅटो दौड़ रही हैं, जो जाम का कारण बनती हैं। बाजारों के अंदर एक-दूसरे को ओवरटेक करने के चककर में ये राहगीरों को चोटिल भी करती हैं। बावजूद इसके इन पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं हैं। ट्रैफिक पुलिस न तो इनका चालान काटती है और न ही इन पर कोई कार्रवाई करती है।

ब्लैक स्पॉट मौत को दे रहे न्योता

शहर में तकरीबन 21 ब्लैक स्पॉट है। जिनकी वजह से आए दिन किसी न किसी की जान जाती है। इनमें दिल्ली रोड स्थित रिठानी पीर, परतापुर तिराहा, तेज गढ़ी मोड़, कमिश्नरी चौराहा, खरखौदा मोड़, लालकुर्ती आदि हैं। एक तो वाहन चालकों की तेज स्पीड भी कम जिम्मेदार नहीं है। ऊपर से टूटी सड़कें, सड़कों के बीचों-बीच खड़े खंभे, बाहर निकले हुए डिवाइडर, आवारा पशु भी इन हादसों के जिम्मेदार हैं।

शास्त्री नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल उर्फ अट्टु भैया बताते हैं कि अवैध अतिक्रमण हटवाने के लिये उनके द्वारा सभी दुकानदारों को नोटिस चस्पा कर दिया गया है। जो समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

डी वर्ल्ड प्रोडक्शन के मलिक उमंग गोयल बताते हैं कि शहर में ई-रिक्शा बंद होने चाहिए या उनका रूट निर्धारित होना चाहिए और इसका सख्ती से पालन होना चाहिए। मेट्रो प्लाजा पर जाम लगने का मुख्य कारण ई-रिक्शा बने हुए हैं। जिस वजह से आवागमन में समय भी जाता है और जाम से परेशान भी होती है।

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