Sunday, July 21, 2024
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प्राकृतिक खेती आवश्यक: राज्यपाल

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  • सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का किया आयोजन

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि में प्राकृतिक खेती से कृषि समृद्धि विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथि के रुप में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देव व्रत आर्य विशिष्ट अतिथि केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार बलदेव सिंह औलख शामिल हुए।

सेमिनार को सम्बोधित करते हुए गुजरात के राज्यपाल देवव्रत आर्य ने कहा कि भारत के लोगों के स्वास्थ्य पर्यावरण मृदा एवं गाय को बचाना है तो प्राकृतिक खेती आवश्यक है। हम सभी लोगों को आने वाले समय में भारत की धरती को बंजर होने से बचाना है। स्वच्छता अभियान मत चलाओ, प्राकृतिक चीजों का संरक्षण करने के लिए कदम उठाओ। पानी की बर्बादी को रोके और कम पानी में फसले उगाने की विधि को अपनाए।

राज्यपाल ने प्राकृतिक खेतों में जीवामृत एवं धजीवामृत को बनाने की विधि तथा उसके प्रयोग की विधि को विस्तार से समझाया। इसके लिए गोबर, गोमूत्र, गुड़ एवं बेसन के अलावा मिट्टी की आवश्यकता पड़ती है। इससे चार दिन में घोल तैयार हो जाता है। मृदा में कार्बन की मात्रा को बढ़ाने में अधिक उपयोगी है। देशी गाय क एक ग्राम गोबर में 300 करोड़ से ज्यादा जीवाणु होते है।

जो प्राकृ तिक खेती करते समय मृदा के लिए काफी उपयोगी साबित होते है। जितना रासायनिक खाद ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार है। उतना ही जैविक खेती भी जिम्मेदार है। प्राकृतिक खेती करने से जमीन की उपजाऊ क्षमता में भी वृद्धि होती है। केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान ने खेती की प्राचीन पद्धति को अपनाने का आह्वान किया। देसी गाय के दूध में प्राकृतिक रुप से तत्व अधिक गुणकारी होते है।

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राज्यमंत्री बल देव सिंह औलख ने कहा कि सरकार प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गंगा के दोनों किनारे पांच किमी तक रहने वाले किसानों को प्राकृतिक खेती प्रारंभ करा रही है। बुंदेलखंड में भी इस बार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कृषि विवि के कुलपित प्रोफेसर आरके मित्तल ने विवि की प्रगति रिपोर्ट एवं किसान हित में किए जा रहे कार्यों को राज्यपाल के समक्ष गिनाया। इसके बाद राज्यपाल आचार्य देव व्रत ने एनेक्सी में पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम का संचालन डा. अर्चना मलिक ने किया। डा. पीके सिंह प्रसार निदेशक ने आभार व्यक्त किया।

सजगता के साथ सभी से मिले राज्यपाल

कृषि विवि में सेमिनार में शामिल होने आए राज्यपाल आचार्य देव व्रत आर्य बेहद व्यवहार कुशल और सजगता के साथ किसानों, छात्रों, नौजवानों और वैज्ञानिकों से बातचीत करते हुए नजर आए। राज्यपाल ने लगभग 80 मिनट का भाषण दिया। राज्यपाल ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को आर्य समाज का सबसे बड़ा आर्य समाजी बताया। वही वेस्ट यूपी को आर्य समाज का गढ़ बताते हुए कहा कि यहां शराब और मांस को हाथ तक नही लगाया जाता था, लेकिन आज हालात बदल गए है।

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खेती की, फावड़ा चलाया, हल चलाया, ईख काटी सब काम किए। वह ग्रामीण परिवेश से आए है। गुरुकुल में पढ़ाया भी और आज प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को जागरुक करने के लिए काम भी कर रहे है। वह हिमाचल में रहे तो वहां भी प्राकृतिक खेती के लिए काम किया। अब गुजरात में तो यहां भी प्राकृतिक खेती के लिए काम कर रहे हैं। सेमिनार में पुराने साथियों का भी जिक्र किया। मेरी क्लास में चुप कोई नहीं बैठेगा। मुझसे बातचीत करते रहेगें। राज्यपाल ने पत्रकारों से वार्ता की। प्रधानमंत्री किसानों के लिए बेहद काम कर रहे हैं। वह चाहते है किसानों की आय दोगुना हो जाए।

ये लोग रहे शामिल

सेमिनार में जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, आलू अनुसंधान संस्थान के डायरेक्टर डा. मनोज, फसल प्रणाली अनुसंधान संस्था के डायरेक्टर आजाद सिंह पंवार, पूर्व विधायक जगत सिंह, कृषि विवि के रजिस्ट्रार डीके सिंह आदि मौजूद रहे।

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