- अब अंतरराष्ट्रीय फलक पर छाएंगे उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी
- अनुभवी अधिकारी नवनीत सहगल को दी खेल विभाग की जिम्मेदारी
जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने का बड़ा विजन सीनियर आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल पूरा करेंगे। इसी के चलते नवनीत सहगल को खेल विभाग की जिम्मेदारी दी गयी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खेलों के स्तर को सुधार कर विश्व स्तरीय बनाने का मन बना लिया है। इसी के तहत प्रदेश के वरिष्ठ और बेहद अनुभवी आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल को खेल विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। इसका फायदा प्रदेश के खिलाड़ियों और खेलों को मिलेगा और वो अंतर्राष्ट्रीय फलक पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
जिस प्रकार की आईएएस नवनीत सहगल की कार्यशैली है उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सुनिश्चित रूप से अब प्रदेश में खेल विभाग का रुतबा बढ़ने वाला है। पूर्व में देखें तो सहगल जब जिस भी विभाग में रहे वह विभाग चमका। बात चाहे धर्मार्थ कार्य जैसे छोटे विभाग की रही हो अथवा खादी ग्रामोद्योग जैसे साधारण विभाग की। सहगल ने इन विभागों को शीर्ष स्तर तक पहुंचाया। धर्मार्थ कार्य विभाग ने एक पूर्ववर्ती सरकार में श्रवण यात्रा जैसी योजना बनायी, जो तब बेहद लोकप्रिय रही। विभाग द्वारा प्रदेश के धर्म स्थलों को लेकर भी अवस्थापना और सुरक्षा को दृष्टिगत कहते हुए कई योजनाएं बनीं। परिणाम स्वरूप विभाग चर्चा में आया।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली पहली सरकार में जब नवनीत सहगल को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग एवं खादी ग्रामोद्योग विभाग की जिम्मेदारी मिली तब तक इन विभागों की चर्चा कम ही होती थी। सहगल द्वारा विभागों को संभालने के बाद बनी ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना ने देश विदेश में अपनी धाक जमायी। प्रदेश भर के हुनरमंदों को इससे बड़ा प्रोत्साहन मिला।
योजना की लोकप्रियता इस स्तर तक पहुंची कि स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसमें रुचि लेकर इसे आगे बढ़ाने हेतु अधिकारियों को प्रेरित किया। प्रदेश के अनेक जनप्रतिनिधियों ने इस योजना को अपने क्षेत्र के विकास का माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री के कार्यालय लोक भवन के स्वागत परिसर में योजना से सम्बंधित प्रादेशिक उत्पादों को प्रदर्शित किया गया जो आज भी वहां देखे जा सकते हैं।
ऐसे में जब प्रदेश के खिलाड़ी देश और दुनिया सभी जगह अपनी छाप छोड़ रहे हैं। आने वाले समय में इनकी संख्या में और इजाफा करने की जिम्मेदारी अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनीत सहगल को सौंपी है। योगी सरकार के प्रयासों से खेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में आमूलचूल बदलाव होने तय हैं। खेल निदेशालय की तरफ से राज्य के कई जिलों में पहले ही नए खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार के निर्देशों पर कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण भी हो रहा है। मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के अलावा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हॉस्टल, स्विमिंग पूल व वेलोड्रम बनाये जा रहे हैं। कानपुर और वाराणसी में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मल्टी स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स बन रहे हैं। सरकार द्वारा क्रिकेट के अलावा ओलंपिक से जुड़े खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु अंशकालिक व फुल टाइम कोच की संख्या बढ़ाए जाने की है संभावना है। माना जा रहा है कि अपने अनुभव से विभाग के नये मुखिया नवनीत सहगल अब इस कवायद को बड़ी योजना बनाकर और विस्तार देंगे इसी के तहत उन्हें खेल विभाग की जिम्मेदारी मिली है।

