Tuesday, May 12, 2026
- Advertisement -

एनएच-58: टोल सुविधा के नाम पर जीरो

  • टोल शुल्क पूरा घंटों खड़े रहना पड़ता है यात्रियों को

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: एनएच-58 पर प्रतिदिन लाखों की टोल वसूली के बाद भी वाहन चालकों के लिए सुविधा जीरो के सामान है। सुविधा के अभाव में भारी भरकम टोल देने के बाद भी वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़कों में गड्ढे के अलावा टोल प्लाजा समेत हाइवे पर शौचालयों की स्थिति बदहाल है। सिवाया टोल प्लाजा पर वाहन आधा घंटे तक लाइनों में खड़े रहते हैं। वहीं, दूसरी ओर एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहती है। ये भी टोल अफसरों की बड़ी लापरवाही है। एक लाइन खाली रहनी चाहिए, जहां से एंबुलेंस या फिर कोई विशेष परिस्थिति में वाहनों को निकाला जा सके।

04 30

यहीं नहीं सुविधा फास्टैक के रूप में चालू है, फिर टोल प्लाजा पर जाम क्यों लग रहा है। ये एक बड़ा सवाल है। टोल प्रारंभ करने के दौरान वाहन चालकों को सभी प्रकार की सुविधा दिए जाने के बड़े-बड़े वादे और दावे किए गए थे। समय के साथ टोल दरों में तो वृद्धि होती गई। मगर वाहन चालकों को सभी प्रकार की सुविधा दिए जाने के वादों की ओर पूरी तरह से ध्यान नहीं दिया गया और लोग हाइवे पर आधी अधूरी सुविधाओं में ही सफर करने को मजबूर है।

एंबुलेंस की सुविधा होने के बावजूद हाइवे पर हादसा होने के बाद बहुत कम मामलों में हाइवे की एंबुलेंस पहुंच पाती है। वैसे तो सूचना के 10 मिनट बाद हाइवे अथॉरिटी द्वारा 10 मिनट में एंबुलेंस के पहुंचने का दावा किया जाता है। मगर हादसे के बाद अधिकांश मामलों में ही पुलिस मौके पर पहुंचती है। पुलिस अपने या अन्य किसी वाहन से पीड़ित को अस्पताल पहुुंचाती है।

होली के त्योहार की शासन प्रशासन की तैयारी जोरों शोरों पर है। सरकार की तरफ से यात्रियों के लिए बसों की सुविधा और होली के त्योहार पर पुलिस भी बेहद सतर्क है, लेकिन एनएच-58 स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर होली के त्योहार पर कोई खास इंतजाम नहीं है। कहने को तो इस टोल प्लाजा पर एक वीआईपी लाइन होती है। जोकि वीआईपी और एंबुलेंस के लिए उपलब्ध होती है, लेकिन शनिवार को वाहनों को लगी लंबी कतारों ने एंबुलेंस को भी नहीं बक्शा।

उसे भी इंतजार करा दिया। घंटों जाम में फंसने के बाद बड़ी मुश्किल से एंबुलेंस जाम से निकल पाई। टोल पर खड़े कर्मी भी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते और किसी भी वाहनों के फंसने पर सिर्फ मूकदर्शक बने खड़े रहते है। त्योहार पर सिवाया टोल से रोज हजारों वाहन आते जाते हैं। दिल्ली से बहुत से लोग छुट्टी मनाने हरिद्वार, ऋषिकेश जाते हैं। जिसकी वजह से टोल प्लाजा पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है,

05 26

लेकिन सिवाया टोल प्लाजा की इस त्योहार को लेकर कोई भी तैयारी नहीं दिखाई दे रही है। राहगीरों को घंटों-घंटों लाइन में लगकर बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एक तो शनिवार ऊपर से होली का त्योहार, ऐसी स्थिति में टोल पर भंयकर जाम लगा हुआ है। छुट्टी के दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है तो ये जाम बेहद बढ़ जाता है।

टोल काटने के लिए लगे कंप्यूटर है खराब

फास्टैग की सुविधा सरकार ने इसलिए यात्रियों को दी है। जिससे उन्हें किसी भी टोल पर इंतजार न करना पड़े, लेकिन जब फास्टैग में लगे कंप्यूटर ही खराब है तो इसमें किसी का किया दोष है। महीनों-महीनों खराब पड़े इन कंप्यूटर को ठीक कराने की किसी को सुध भी नहीं है।

बिना ट्रेनिंग दिए काट रहे कंप्यूटर से टोल की रसीद

टोल कैबिन में बैठे कर्मचारी अनट्रेंड है। जिनको गाड़ी लाइन में लगने के बाद भी कंप्यूटर से पर्ची नहीं काट पाते हैं और अगर कुछ काट भी देते हैं तो रही सही कमी कंप्यूटर खराब होने के कारण पूरी हो जाती है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

spot_imgspot_img