- आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का है बंगला नंबर-68, 69 पर कब्जा
- कुछ लोग मेरठ कालेज के कर्मचारी भी, जो 70 सालों से रह रहे यहां
- सभी के पास आधार कार्ड पेन कार्ड भी यहीं के पते पर
- डीईओ ने दिया था चार दिन का अल्टीमेटम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रक्षा संपदा अधिकारी को सीडीए के सामने बंगला नंबर-68, 69 ओल्ड ग्रांट भूमि जाफरवाला बाग की जमीन का निरीक्षण किये एक माह होने को है, लेकिन अभी तक यहां से अवैध कब्जा करने वालों को नहीं हटाया गया है। अभी तक मेरठ कालेज प्रबंधन की ओर से मात्र नोटिस जारी कर खानापूर्ति की गई है।
जबकि इस जमीन पर कब्जा कैसे हो गया यह किसी को जानकारी नहीं है। रक्षा संपदा अधिकारी की ओर से मेरठ कालेज को चार दिन का समय अतिक्रमणकारियों की सूची बनाये जाने को दिया गया था, लेकिन अभी तक वह चिन्ह्ति नहीं हो पाये हैं।
बता दें कि यह जमीन वर्ष 1956 से मेरठ कालेज के नाम दर्ज है, मेरठ कालेज ने यह भूमि लीज पर ली थी जो अभी तक उसी के नाम पर है। इस भूमि पर असामाजिक तत्वों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इसे लेकर बीते माह में रक्षा संपदा अधिकारी हरेन्द्र सिंह ने यहां का निरीक्षण किया था और यहां हुए अवैध कब्जों को लेकर नाराजगी जताई थी और मेरठ कालेज प्रबंधन को चार दिन का समय दिया गया था कि यहां अवैध निर्माण करने वालों और असामाजिक तत्वों को चिह्नित किया जाये, लेकिन मेरठ कालेज की ओर से सिर्फ अभी तक कुछ लोगों को नोटिस जारी किये गये हैं।
इसके अलावा यहां पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मेरठ कालेज प्रबंधन की ओर से यहां चारदीवारी बनाये जाने की मांग की गई और इसके बाद नौ सितंबर को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें यहां रहने वाले लोगों को 15 दिन का समय खाली करने के लिये दिया गया है, लेकिन यहां इतनी संख्या में लोग रह रहे हैं। जिनकी जानकारी उनके पास नहीं है। यहां असामाजिक तत्वों की ओर से जमीन पर कब्जा किया गया है।
मेरठ कालेज ने शूटिंग रेंज व परेड ग्राउंड की रखी थी बात
डीईओ के निरीक्षण के बाद मेरठ कालेज ने जाफरवाला बाग में अवैध रूप से रह रहे लोगों के साथ कोई संबंध होने से साफ इनकार किया है। उन्होंने डीईओ से मुलाकात कर कहा कि उन्होंने यहां किसी को रहने की अनुमति नहीं दी है। बल्कि उनकी ओर से तो यहां जमीन को कब्जामुक्त कराने, साफ-सफाई कराने की अनुमति मांगी गई है। जिससे यहां खेल मैदान, शूटिंग रेंज और परेड ग्राउंड तैयार हो सके। डीईओ ने इसे लेकर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पूरे मामले की जानकारी के बाद मेरठ कालेज के प्रधानाचार्य डा. युद्धवीर सिंह डीईओ हरेन्द्र सिंह से मिलने पहुंचे थे।
70 सालों से रह रहे लोग, जाएं तो जाएं कहा
उधर, दूसरी ओर यहां पांच परिवार ऐसे हैं जो जिनका कहना है कि पिछले 70 सालों से वह यहां रह रहे हैं। उनके पास यहां के पते के आधार कार्ड व अन्य कागजात भी हैं। मोहम्मद अनीस ने बताया कि उनके पिता मोहम्मद सद्दीक मेरठ कालेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, जो रिटायर्ड होने के बाद यहां रह रहे थे। उसके बाद से वह खुद और उनका परिवार यहां रह रहा है। पिछले 77 सालों से वह यहीं पर हैं। उनका आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बिजली का कनेक्शन तक यहीं पर लगा है। उनके पास यहां के सारे कागजात है। उन्होंने कहा कि उन्हें बाहर निकालकर यहां से गलत किया जा रहा है।

