- शिया सैंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने दायर की याचिका
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: शिया सैंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कुरान शरीफ की 26 आयतों को देश की एकता, अखंडता के खिलाफ बताते हुए उन्हें कुरान से हटाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली गई है। जिसको लेकर अल कुरआन अकेडमी के डायरेक्टर मुफ्ती अतहर शम्सी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट याचिका स्वीकार करे और सभी 26 आयतों पर बहस का लाइव प्रसारण होना चाहिए। कोर्ट में बहस के जरिए दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
हाल ही में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें कुरान शरीफ की 26 आयतों को देश की एकता, अखंडता के खिलाफ बताया गया है। वही वसीम रिजवी की सुप्रीम कोर्ट में कुरान शरीफ की 26 आयतों को हटाए जाने की याचिका के बाद कैराना से पलटवार हुआ है।
नगर के मोहल्ला बिसातियान स्थित अल कुरआन अकेडमी के डायरेक्टर मुफ्ती अतहर शम्सी ने शुक्रवार को अपना बयान जारी कर कहा कि याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बहस होनी चाहिए। बहस का लाइव प्रसारण भी होना चाहिए, ताकि सारी दुनिया इस बहस को देख सके और दूध का दूध तथा पानी का पानी हो जाए। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए एक बेहतरीन मौका है।
जब हम कोर्ट में कुरान की शिक्षा की सच्चाई को लोगों के सामने लाएं और भारत के सुप्रीम कोर्ट में फैसला हो। जिसमें हम यह साबित करें कि कुरान बिल्कुल सच है और कुरान की शिक्षा अमन को बढ़ावा देती है। कुरान की शिक्षा सब्र और शांति की बात करती हैं।
उन्होंने कहा कि वह सभी मुसलमानों से अपील करते हैं कि किसी को भी वसीम रिजवी द्वारा कुरान शरीफ की आयतों को हटाने वाली याचिका पर गुस्सा व भड़कने की जरुरत नहीं हैं। अगर एक अच्छी शिक्षा पर बहस की शुरूआत होती है तो बहुत अच्छी बात है। हमारे पास कुरान की शिक्षा को सही साबित करने की दलीलें हैं। शिक्षा पर एक अच्छी बहस समाज को आगे बढ़ाने के लिए बहुत जरुरी होती हैं।

