Sunday, February 25, 2024
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पारुल को साढ़े चार करोड़ और डिप्टी एसपी पद

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  • मेरठ के खिलाड़ियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की धनवर्षा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सितंबर 2023 में चीन के हांगझू में आयोजित एशियाई गेम्स में पदक जीतने वाली मेरठ की पारुल चौधरी को राज्य सरकार की ओर से 4.5 करोड़ रुपये की नकद धनराशि के साथ-साथ डिप्टी एसपी का सम्मानजनक पद भी मिला है। इनके अलावा एशियन गेम्स में शॉट पुट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली किरण बालियान और पैरा एथलेटिक्स एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने वाली पावरलिफ्टर जैनब खातून को रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड प्रदान किया गया।

शनिवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19वें एशियाई व चतुर्थ पैरा एशियाई खेल 2022 के खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए। सीएम योगी ने कहा कि इस समारोह में 189 खिलाड़ियों को 62 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। वहीं पारुल चौधरी समेत सात खिलाड़ियों को पुलिस उपाधीक्षक, जिला युवा कल्याण अधिकारी एवं यात्री-माल कर अधिकारी के रूप में नियुक्ति पत्र भी दिए गए हैं।

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एशियन गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इनमें स्वर्ण पदक विजेताओं को तीन करोड़, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 75 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई, जबकि प्रतिभागी खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये पुरस्कार राशि के तौर पर दिए गए। मेरठ से पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में पारुल चौधरी को एक स्वर्ण के लिए तीन करोड़, एक रजत पदक के लिए डेढ़ करोड़ कुल साढ़े चार करोड़ रुपये की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई।

पारुल को डिप्टी एसपी पद के लिए नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया। मेरठ की अनु रानी को भाला फेंक में स्वर्ण पदक के लिए तीन करोड़, सीमा अंतिल को डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक के लिए 75 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा किरण बालियान को शॉट पुट में कांस्य पदक के लिए 75 लाख और प्रियंका गोस्वामी को प्रतिभाग करने के लिए पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। पैरा एशियाई गेम्स में रजत पदक जीतने वाली जैनब खातून को भी खेल नीति के अंतर्गत नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रीति पाल रवि कुमार फातिमा खातून को प्रतिभाग के लिए 5-5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।

शाबाश पारुल ! कर दिया क्षेत्र का नाम रोशन

मोदीपुरम: दौराला ब्लॉक के छोटे से इकलौता गांव से ताल्लुक रखने वाली किसान परिवार में जन्मी पारुल चौधरी ने क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया। पारुल चौधरी दौराला ब्लॉक की पहली बेटी है। जिसने खेल के क्षेत्र के साथ-साथ सरकार में भी अपना डंका बजा दिया है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में पारुल चौधरी को उसके माता-पिता की मौजूदगी में डिप्टी एसपी का नियुक्ति पत्र दिया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद जहां पारुल चौधरी की खुशी का ठिकाना नहीं था।

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वहीं, उसके गांव इकलौता में उसके घर के साथ-साथ ग्रामीणों में भी जश्न का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशियां व्यक्त की। पारुल चौधरी किसान परिवार की होने के बाद से ही अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के लिए जानी जाती रही है। पारुल चौधरी ने एशियन गेम में गोल्ड मेडल जीतकर जहां अपना और अपने प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं, अपने देश को भी बड़ी उपलब्धि दिलाई। पारुल को गोल्ड मेडल जीतने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने उसे डिप्टी एसपी बनाने का आश्वासन दिया था। जिसके मुताबिक शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में पारुल चौधरी उसके पिता कृष्णपाल और मां राजेश देवी की मौजूदगी में डिप्टी एसपी का नियुक्ति पत्र दिया।

पारुल चौधरी के भाई राहुल का कहना है कि उनकी बहन ने पूरे परिवार और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। उनकी उपलब्धि से पूरे गांव में जश्न का माहौल है। लखनऊ से लौटने पर पारुल चौधरी का ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा। छोटे से गांव में जन्मी पारुल चौधरी का डिप्टी एसपी बनने तक का सफर बड़ा ही संघर्ष भरा रहा है। जहां गांव में मूलभूत सुविधा न होते हुए भी उन्होंने अपने आप को इतनी बड़ी उपलब्धि दिलाने के पीछे अपनी कड़ी मेहनत और परिवार को बताया है।

स्टेडियम में जश्न का माहौल

शनिवार को कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रभारी आरएसओ योगेंद्र पाल सिंह, एथलेटिक्स कोच गौरव त्यागी समेत सभी अधिकारी और कार्मिक लखनऊ में हुए सम्मान समारोह की पल-पल की जानकारी लेते रहे। पारुल चौधरी को 4.5 करोड़ का नकद पुरस्कार और डिप्टी एसपी पद पर नियुक्ति के साथ साथ मेरठ की अनु रानी को भाला फेंक में स्वर्ण पदक के लिए तीन करोड़, सीमा अंतिल को डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक के लिए 75 लाख रुपये, अलावा किरण बालियान को शॉट पुट में कांस्य पदक के लिए 75 लाख, और प्रियंका गोस्वामी को प्रतिभाग करने के लिए पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किए जाने की सूचना के साथ जश्न मनाया गया।

वहीं पैरा एशियाई गेम्स में रजत पदक जीतने वाली जैनब खातून को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार, प्रीति पाल, रवि कुमार, फातिमा खातून को प्रतिभाग के लिए 5-5 लाख रुपये का पुरस्कार दिए जाने पर हर्ष व्यक्त किया गया। गौरव त्यागी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने मेरठ का गौरव बढ़ाया है। आज स्टेडियम में आने वाली बालिकाओं के लिए यह खिलाड़ी प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

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हर ब्लॉक में खुलेगा खेलो यूपी सेंटर

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि भारत सरकार की ओर से हर जनपद में खेलो इंडिया सेंटर की स्थापना की जा रही है। इसी तर्ज पर प्रदेश के हर ब्लॉक में खेलो उत्तर प्रदेश सेंटर की स्थापना करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए खेल विभाग के साथ मिलकर एक राशि निर्धारित की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही तय किया है कि जो खिलाड़ी खेलों के उपरांत अपना समय दे सकते हैं उनको खेलो यूपी सेंटर में निश्चित मानदेय पर कोच नियुक्त किया जाएगा।

संघर्ष भरा रहा पारुल चौधरी का जीवन

पारुल चौधरी ने एशियाई खेल में 5000 मीटर की दौड़ में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपल चेज में रजत पदक जीता था। इस मौके पर सीएम योगी ने पारुल और यूपी के सम्मानित किए गए अन्य खिलाड़ियों की जमकर तारीफ भी की। संघर्षों से भरा रहा है जीवन पारुल, इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। गोल्डन गर्ल और उड़नपरी के नाम से मशहूर पारुल का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। मेरठ के एक साधारण किसान परिवार की पारुल ने गांव में ही अपनी बड़ी बहन प्रीति के साथ खेलना शुरू किया था।

पिता कृष्णपाल सिंह के कहने पर स्कूल की दौड़ प्रतियोगिता प्रतिभाग कर उन्होंने खेल के अपने सफर की शुरुआत की। वह लम्बे समय तक गांव की टूटी-फूटी सड़कों पर अभ्यास करती रहीं। बाद में कोच गौरव त्यागी के कहने पर पारुल ने स्टेडियम में अभ्यास शुरू किया। बताते हैं कि प्रैक्टिस के लिए पारुल अपने पिता के साथ सुबह पांच बजे वह मुख्य मार्ग तक पहुंचती थीं। वहां से वह टेम्पो या किसी अन्य वाहन से स्टेडियम तक जाती थीं एशियाई खेल में पारुल ने 5000 मीटर दौड़ के लिए अलग रणनीति बनाई थी।

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