Sunday, January 23, 2022
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एकटक देखते रहे आजादी के परवानों को

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  • शहीद स्मारक पर मोदी ने देखा क्रांति का इतिहास
  • पांचों गैलरियों में गुजारा वक्त और पूछे 1857 के किस्से

जनवाणी संवाददाता  |

मेरठ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद स्मारक में 20 मिनट का वक्त गुजारा और आजादी के परवानों को एकटक देखते रहे। उन्होंने राजकीय संग्रहालय का बारीकी से अवलोकन किया और 1857 की क्रांति को बारीकी से देखा और जिज्ञासावश जानकारी भी ली। अमर जवान ज्योति पर माल्यापर्ण भी किया।

औघड़नाथ मंदिर में पूजा पाठ करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 बजकर 48 मिनट पर शहीद स्मारक पहुंचे। करीब 40 गाड़ियों के काफिले के साथ आए प्रधानमंत्री की रेंज रोवर्स कार सीधे शहीद स्मारक में घुसी। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले सैनिटाइजर से हाथ धोने के बाद जूते उतारे और शहीद मंगल पांडेय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

काला पानी की सजा में रुचि ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद स्मारक में राजकीय संग्रहालय में काला पानी की सजा के बारे में ज्यादा पूछा। 1857 की क्रांति की जानकारी ली और संग्रहालय के अध्यक्ष पतरु से पूछा कि यह बंदूक क्यों रखी है। रॉयल एनफील्ड गन के बारे में पूछा। इसी गन में गाय और सुकर का मांस प्रयोग किया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्रांति की कहानी को आधे घंटे में सुन और देखकर चले गए। क्रांति स्थल औघड़नाथ मंदिर से होते हुए वह शहीद स्मारक पहुंचे। पीएम ने सबसे पहले अमर जवान ज्योति पर पुष्प अर्पित किया।

इसके बाद 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के सूत्रधार 85 अमर सेनानियों की याद में बने स्मारक पर पुष्प अर्पित की। इसके बाद पीएम ने शहीद स्मारक स्थल पर बने मंगल पांडे की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। फिर प्रधानमंत्री राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय में पहुंचे। संग्रहालय में उन्होंने करीब 15 मिनट बिताया। इस दौरान सभी पांच वीथिकाओं को देखा। मेरठ से हुई क्रांति के विषय में जाना। संग्रहालय में उन्होंने क्रांति के विषय में संग्रहालय अध्यक्ष पतरु मौर्य से जानकारी ली। टच क्रियोस्क पर उन्होंने मेरठ से जुड़े हुए क्रांति के स्थलों के विषय में जाना।

उन्होंने वीथिका में काला पानी से संबंधित लगे चित्र को देखा और उसकी भी जानकारी ली। संग्रहालय में प्रधानमंत्री ने सभी पांचों वीथिकाओं का भ्रमण किया। प्रधानमंत्री ने गली नंबर-दो में उन्होंने मेरठ की घटनाओं के बारे में पूछा। गली नंबर-एक स्वराज में हिंडन युद्ध और खूनी बरगद के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने अध्यक्ष पतरु से कहा कि और अधिक बताइये। गली नंबर-तीन में दिल्ली, कानपुर के विद्रोह के बारे में जानकारी ली।

कानपुर में नाना साहब और लखनऊ में चिनहट के युद्ध और तालुकेदारों के बारे में ज्यादा रुचि दिखाई। दिल्ली के शाहजहां बाद के बारे में और गली नंबर-चार में रुहेलखंड, बुंदेलखंड की जानकारी ली। रानी लक्ष्मीबाई और कालपी के युद्ध में कुछ सवाल भी किये। रुचि ली। प्रधानमंत्री ने रिवाल्विंग डिसप्ले देखा। इसमे 10 मई, कर्नल फिनिश की हत्या और मेरठ के नक्शे के बारे में देखा। बीच-बीच में मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को ब्रीफ करते रहे संग्रहालय को देखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संग्रहालय की तारीफ की।

जीवन धन्य हो गया

राजकीय संग्रहालय के अध्यक्ष पतरु मौर्य ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जाते समय हाथ जोड़ कर अभिवादन किया और नाम पूछा। इसके बाद संग्रहालय की तारीफ करते हुए कहा कि इसे बच्चों को भी दिखवाइये।

बार-बार सड़क हुई सैनिटाइज

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शहीद स्मारक आने से पहले सड़क को नगर निगम की गाड़ी ने कई बार सैनिटाइज किया। वहीं पुलिसकर्मी पूरे समय कुत्तों को भगाने में लगे रहे। जितनी देर प्रधानमंत्री शहीद स्मारक में रहे तब तक जली कोठी से वेस्ट एंड रोड जाने वाले रास्ते को बंद रखा गया।

देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने मोदी

शहीद स्मारक पर आने वाले नरेन्द्र मोदी दूसरे प्रधानमंत्री बने। इतिहासकार डा. अमित पाठक ने बताया कि 1957 में शहीद स्मारक के उद्घाटन के मौके पर देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरु आये थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आए है। वहीं पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद मेरठ में किसी कार्यक्रम में आये थे।

कर्मचारी को किया बंद

एसपीजी वालों ने संग्रहालय के कर्मचारी हरिओम शुक्ला व अन्य लोगोें को एक कमरे में बंद कर दिया था। प्रधानमंत्री के जाने के बाद दरवाजा खोलना भूल गए। बाद में किसी ने दरवाजा खोलकर उनको निकाला।

पीएम ने लिया बाबा औघड़नाथ का आशीर्वाद

क्रांतिधरा की धरती पर कदम रखने के साथ ही यहां कार्यक्रमों की शुरुआत करने से पहले पीएम नरेन्द्र मोदी ने मेरठ की धरोहर बाबा औघड़नाथ मंदिर के दर्शन किया। यहां उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। साथ ही राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन किये और मां दुर्गा का भी आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर के मुख्य पुजारी से मंदिर का इतिहास जाना। यहां उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी साथ रहीं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 11 बजकर 35 मिनट पर औघड़नाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्वप्रथम कोरोना के नियमों का पालन करते हुए प्रवेश द्वार पर ही सैनिटाइज किया और मंदिर के प्रवेश द्वार की ओर पहुंचे। सर्वप्रथम उन्होंने बाबा औघड़नाथ के दर्शन किये। उनके साथ सीएम और राज्यपाल ने भी भगवान के दर्शन किये।

पीएम ने शिवलिंग के बारे में मुख्य पुजारी श्रीधर त्रिपाठी से पूजा और बेलपत्र चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने यहां जलाभिषेक किया। इसके उपरांत भगवान शिव-पार्वती के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। यहां पुजारी श्रीधर त्रिपाठी ने पीएम के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया। इसके उपरांत पीएम ने मां दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

उन्होंने राधा-कृष्ण के भी दर्शन किये और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रधानमंत्री, सीएम व राज्यपाल यहां मंदिर परिसर में 12 मिनट रहे। इसके बाद यहां से वह शहीद स्मारक के लिये रवाना हो गये। इस दौरान मुख्य पुजारी के अलावा मंदिर समिति के महामंत्री सतीश सिंघल और एक अन्य को ही एंट्री थी। इसके अलावा किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया।

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