Wednesday, April 22, 2026
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मुस्तैद थी पुलिस, सड़क पर नहीं हुई नमाज

  • एडीजी, कमिश्नर, आईजी, डीएम और एसएसपी आला अफसर थे अलर्ट पर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सूबे के सीएम योगी की हिदायत और ईदगाह पर भारी पुलिस फोर्स के इंतजाम का नतीजा रहा कि सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जा सकी। पिछली बार ईद के मौके पर हुए घटनाक्रम से सबक लेते हुए सोमवार को पुलिस प्रशासन के आला अफसरों ने कोई मौका ही ऐसे लोगों के लिए नहीं छोड़ा। फिर ईदगाह पर नमाज से पहले एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर, कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे., आईजी नचिकता झा, डीएम दीपक मीणा व एसएसपी रोहित सिंह सजवाण समेत तमाम एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह व एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा कई सीओ के अलावा भारी फोर्स का जमावड़ा रहा।

ईदगाह चौराहे पर जहां आमतौर पर सड़क पर नमाज की परंपरा पहले रही है। वहां एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा, एडीएम सिटी ब्रजेश सिंह के अलावा प्रशासन व एलआईयू के तमाम अफसर मुस्तैद थे। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो बार आईजी जोन नचिकेता झा ने ईदगाह चौराहे से राउंड लिया। वहीं दूसरी ओर पिछले कई दिनों से इसको लेकर चल रहा पुलिस प्रशासन के होमवर्क का नतीजा यह हुआ कि ईदगाह के भीतर से माइक के जरिये लोगों से सड़क पर नमाज ना पढ़ने की अपील की जा रही थी।

ईदगाह भर जाने के बाद पास के रंगरेज व दो अन्य कब्रिस्तानों में नमाज का विकल्प दिया गया था। बकरा ईद की नमाज के मद्देनजर सोमवार सुबह छह बजे से फोर्स लगा दी गयी थी। मुख्य बात यह रही कि नमाज शुरू होने तक एक साइड की रोड को ट्रैफिक के लिए खोले रखा गया। करीब सवा सात बजे जब नमाज शुरू हुई, उस दौरान जरूर कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोक दिया गया था।

ड्रोन से रखी जा रही थी नजर

पिछली बार ईद की नमाज के दौरान हुए हंगामे के बाद इस बार पुलिस अधिकारी अधिक सतर्क नजर आए। ईदगाह पहुंचने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस अधिकारियों ने दो ड्रोन का इंतजाम किया था। लोगों के ईदगाह पहुंचने से लेकर नमाज संपन्न होने तथा ईदगाह खोल होने तक चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए ईदगाह चौराहे पर एक साइड में अस्थायी कंट्रोल रूम बनाकर वहां से ड्रोन उड़ाए गए। ड्रोन के जरिये आ रही फोटो को एक कर्मचारी जांचता रहा। वह वहां मौजूद अधिकारियों को अपडेट करता रहा। एसपी टैÑफिक ने बताया कि दो ड्रोन से निगरानी करायी गयी। वहीं, दूसरी ओर कुछ के लिए ड्रोन आकर्षण का केंद्र बने रहे।

लाखों लोगों ने अदा की ईद-उल-अजहा की नमाज

ईद-उल-अजहा का त्योहार सोमवार को कुर्बानी के जज्बे के साथ मनाया गया। लोगों ने बकरे व भैंसों की कुर्बानी की। शहर की शाही ईदगाह और विभिन्न मस्जिदों में लाखों मुसलमानों से ईद की नमाज अदा की। ईदगाह में शहर काजी जैनुस्साजिदीन ने हर कुर्बानी देकर बच्चों को पढ़ाने की अपील की। उन्होंने मुल्क में इंसाफ कायम होने के लिए दुआ कराई। शहर की शाही ईदगाह में ईद-उल-अजहा की नमाज के लिए भीड़ उमड़ी। पूरी ईदगाह नमाजियों से भर गई। शहर काजी जैनुस साजिद्दीन ने कहा कि हजरत इब्राहिम की पूरी जिंदगी कुर्बानी में गुजरी।

पहले उन्होंने देखा कि लोग शिक्र और बुतों की पूजा कर रहे हैं, तो उन्होंने लोगों को बताया कि अल्लाह के सिवा कोई इबादत का हकदार नहीं है, तो उन्हें आग में डाल दिया गया। अल्लाह ने आग को ठंडा कर दिया। हजरत इब्राहिम को अल्लाह का हुक्म हुआ कि वह अपने परिवार को मक्का के चटियल मैदान में छोड़ आएं। वह अपने बच्चे हजरत इस्माइल और पत्नी हजरत हाजरा को मैदान में छोड़ गए। वहां पानी नहीं था। अल्लाह ने वहां आब-ए-जम जम का चश्मा जारी कर दिया, जो आज तक जारी है। इसके बाद अल्लाह ने हुक्म दिया कि हजरत इस्माईल की कुर्बानी दें।

हजरत इब्राहिम ने अपने लख्ते जिगर को बताया कि उन्हें हुक्म मिला है उनकी कुर्बानी का। हजरत इस्माईल ने कहा कि वह हुक्म की तालीम करें। जब हजरत इब्राहिम ने हजरत इस्माइल के गले पर छुरी फेरी तो वह छुरी दुम्बे यानी भेड़ के गले पर चली। तभी से हम अल्लाह की राह में कुर्बानी करते आ रहे हैं। यह त्योहार हमें कुर्बानी का जज्बा सिखाता है। शहर काजी ने कहा कि हमें हर कुर्बानी देकर बच्चों को पढ़ाना चाहिए।

इस मौके पर मुल्क में अमनो सलामती, अदल इंसाफ कायम होने, बीमारों की सेहत के लिए दुआ कराई। शाही ईदगाह में कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि त्योहार इस तरह मनाएं कि किसी को किसी भी तरह की तकलीफ न हो। कुर्बानी खुले में न करें। गंदगी को सड़क, गली मोहल्लों या नाले नालियों में न डालें। नगर निगम की गाड़ी आने पर उसमें डालें। अगर गाड़ी नहींं आई तो नगर निगम के कंट्रोल रूम को सूचना दें। कुर्बानी के गोश्त को ढककर ले जाएं।

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