Wednesday, May 25, 2022
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निजी स्कूल सरकार को लगा रहे राज्सव का चूना

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  • बिना फिटनेस के सड़को पर दौड़ रही स्कूली बस
  • प्रदेश भर में हो रहे हादसों से भी एआरटीओं प्रशासन नही ले रहा सबक

जनवाणी संवाददाता  |

मुजफ्फरनगर: जनपद भर में दर्जनों स्कूलों की बस बिना फिटनेस के ही सड़को पर दौड़ रही हैं। एआरटीओ प्रशासन कुम्भकर्णी नींद से जागने को तैयार नही हैं। एआरटीओ प्रशासन के द्वारा निजी स्कूलों की बसों की फिटनेस चेकिंग के लिए गत 23 अप्रैल से अभियान चलाकर शहर में निजी स्कूलों द्वारा बरती जा रही लापरवाही को समाप्त करने का दावा विफल व निषक्रिय होता दिखाई दे रहा हैं। अवैध रूप से संचालित हो रही स्कूल बसों पर कार्यवाही करने के एआरटीओ प्रशासन के तमाम दावे फेल होते दिखाई दे रहे हैं। पिछले एक पखवाड़े से जनपद भर में एआरटीओ प्रशासन अपनी पुरी टीम को लेकर शहर के तमाम स्कूलों में छापेमारी कर रहे हैं|

बावजूद इसके बिना फिटनेस अभी भी शहर के दर्जनों स्कूलों की बस बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच रही हैं। वही कुछ निजी स्कूलों में ठेके पर चलने वाली ड़ग्गामार वैन प्रयोग की जा रही हैं,जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बच्चों को लेकर स्कूल में लाने व ले जाने का कार्य कर रही हैं। निजी स्कूलों के संचालकों के द्वारा बच्चों को पढ़ाने के लिए मन माने तरीके से फीस वसूलने का काम किया जा रहा हैं,बावजूद इसके बच्चों की जिंदगियों को दांव पर लगाकर ऐसी बसों के द्वारा बच्चों को स्कूलों तक लाने व ले जाने का कार्य सौपा गया हैं,जो चार साल पूर्व ही कागजों के आधार पर ख्त्म हो गयी हैं। शहर भर में हजारों की संख्या में संचालित हो रहे निजी स्कूलों के संचालन के पश्चात शिक्षा के क्षेत्र में महगांई ने आसमान को छू लिया हैं।

क्या कहते हैं अभिभावक

शहर भर में संचालित हो रहे निजी स्कूलों के द्वारा मनमानी की जा रही हैं। निजी स्कूलों के संचालन कर्ताओं के द्वारा फीस में तो वृद्धि प्रमि वर्ष की जा रही हैं, मगर स्कूलों में सुविधाओं को भी कम किया जा रहा हैं। निजी स्कूलों में बच्चों को लाने व ले जाने के लिए स्कूल बसों की सुविधा भी अब राम भरोसे पर चल रही हैं। शहर भर में ही दर्जनों स्कूलों की बस बिना फिटनेस के ही दौड़ रही हैं। शहर के नई मंडी थाना क्षेत्र के अर्न्तगत आने वाले गांव अलमासपुर से संचालित हो रहे एक स्कूल बस चार साल पूव ही कागजों में खत्म हो चुकी हैं मगर आज भी उस स्कूल वैन के माध्यम से बच्चों को स्कूल तक लाने व ले जाने का कार्य किया जा रहा हैं। देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों की जिंदगी चंद रूपयों के लालच में दांव पर लगाई हुई हैं।

एआरटीओं प्रशासन गत दिनों हुए हादसों से भी नही ले रहे सबक

गत दिनों शहर के शामली रोड़ स्थित बुढ़ाना मोड़ पर दो स्कूल बसों की जबरदस्त भिड़ंत में एक ही घर के दो नन्हे चिराग बुझ गये थे। इसके बाद पड़ोसी जिला गाजियाबाद में स्कूली बस का एक्सीड़ेंट हो जाने से एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गयी थी,जिसको लेकर शहर मे विभिन्न सामाजिक संगठनों के  द्वारा निजी स्कूलों के विरोध में प्रदर्शन व ज्ञापन के जरिये निजी स्कूलों से संचालित हो रही बसों की चेकिं ग कर कार्य वाही की मांग की गयी थी। वही शहर भर में सामाजिक संगठनों के द्वारा निजी स्कूलों का विरोध कर की गयी मांगों का अभी तक नतीजा सामने नही आ पाया हैं।

जनपद भर से संचालित हो रहे सभी निजी स्कूलों की बसों की चेकिंग युद्ध स्तर पर चलाई जा रही है,करीब एक हफ्ते भर में ही जनपद के तमाम स्कूलों की बसों की चेकिंग करते हुए उचित कार्यवाही की जायेगी, एआरटीओ प्रशासन।

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