Saturday, December 4, 2021
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वर्षा, भूमिगत जल संरक्षण के कानून का सख्ती से पालन होगा: डीएम

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  • वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज सिस्टम की स्थापना में तेजी लाई जाए: अखिलेश सिंह

वरिष्ठ संवाददाता |

सहारनपुर: जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि वर्षा एवं भूमिगत जल के संरक्षण के लिए लागू कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि 300 मीटर से अधिक भूमि पर बने भवनों में रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम को अपनाया जाना जरूरी होगा।

उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने सरकारी भवनों पर रेन वाटर हारवेस्टिंग को स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर सभी सरकारी कार्यालयों में रेन वाटर हारवेस्टिंग को स्थापित किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूगर्भ जल के तेजी से दोहन के चलते कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या विकाराल रूप ले सकती है।

अखिलेश सिंह आज यहां कलक्ट्रेट सभागार में वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज की स्थापना के सम्बन्ध में कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को लेकर उत्त प्रदेश शासन खासा गंभीर है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज के लिए बने नए कानून के अंतर्गत सभी सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी कार्यालयों एवं निजी शैक्षणिक संस्थान, व्यापारिक संस्थानों तथा 300 मीटर से अधिक में बने आवासीय भवनों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रुप से लगाना होगा। यदि ऐसे संस्थान रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाएंगे, उन्हें संस्थान के संचालन की मान्यता नहीं मिलेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि भूजल स्तर को नियंत्रित करने के लिए भूजल का रिचार्ज किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विभाग अपने भवनों पर वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज सिस्टम की स्थापना कराएं। उन्होंने कहा कि जिन विभागों के पास धनराशि नहीं है, वो अपने मुख्यालय से धनराशि की मांग कर लें।

उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने पूर्व में ही सभी विभागाध्यक्षों को बजट का प्राविधान किये जाने के निर्देश दिए हुए है। उन्होंने लघु सिंचाई विभाग के अभियंता को निर्देश दिए कि सभी विभागों को तकनीकि जानकारी उपलब्ध कराएं तथा वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज सिस्टम पर आगंणक तैयार कराने में मदद करें।

उन्होंने कहा कि अभी तक 11 विभागों ने ही वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज सिस्टम के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि तत्काल इस सम्बन्ध में जानकारी नोडल विभाग को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें।

बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात प्रेम चंद, जिला विकास अधिकारी मंशाराम यादव, परियोजना निदेशक दुष्यंत कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मती आशा त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी वरूण कुमार, सहायक अभियंता लघु सिंचाई अमित ग्रोवर सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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