Wednesday, July 24, 2024
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लिंक मार्ग पर बिफरे राज्यसभा सांसद

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  • एमडीए अफसरों ने साधी चुप्पी, स्कूटर पर सवार होकर कार्यकर्ता के साथ एमडीए आफिस पहुंचे राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बागपत रोड और रेलवे रोड लिंक मार्ग का मामला सोमवार को फिर गरमा गया। एमडीए को इसकी फाइल तैयार करके सेना की साइट पर अपलोड करने की जिम्मेदारी तय की गई थी, लेकिन एमडीए के अधिकारी फाइल अपलोड नहीं कर रहे हैं। सोमवार को लिंक रोड के मुद्दे की फाइल लेकर राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी एमडीए आॅफिस में पहुंचे।

यहां एक्सईएन अरुण शर्मा से मिले। पूछा गया तो मालूम हुआ कि अभी तक फाइल सेना की साइट पर अपलोड ही नहीं की गई, जिसके चलते पूरा मामला लटका हुआ हैं। इसके बाद तो राज्यसभा सांसद एक्सईएन पर भड़क गए तथा बोले कि सरकारी अधिकारी जानबूझकर सरकार को बदनाम कर रहे हैं। जिस फाइल में दो दिन लगते हैं, उसको एक-एक माह तक लटकाया जाता हैं।

यह हाल एमडीए का है, जिसको लेकर उन्होंने सख्त नाराजगी व्यक्त की। कहा कि एमडीए में फाइलों को जानबूझकर लटकाया जाता हैं। इस तरह की शिकायत उनके पास पहुंची हैं। राज्यसभा सांसद का कहना था कि जनहित के मुद्दों पर अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुस्से में दिखे सांसद तो एक्सईएन ने चुप्पी साध ली। सांसद ने कहा कि मैं तभी यहां से जाऊंगा, जब फाइल अपलोड कर दी जाएगी। यहीं पर बैठा हूं।

चाहे जितनी देर लगे। प्रस्ताव को साइट पर अपलोड कराकर ही जाऊंगा। चाहे तो वीसी मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दे। मैं यहीं बैठा हूं, आज। इस तरह से सांसद के तेवर जनहित के मामलों को लेकर तीखे थे। दरअसल, राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी कार्यकर्ता के स्कूटर पर बैठकर एमडीए आॅफिस पहुंचे थे। बेहद सादगी में डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी रहते हैं। एमडीए अधिकारियों ने भी नहीं सोचा होगा कि राज्यसभा सांसद स्कूटर पर सवार होकर अचानक आॅफिस पर आ सकते हैं।

क्या है लिंक मार्ग?

ये लिंक मार्ग क्या हैं, जिसको लेकर राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी सोमवार को इतने अग्रेसिव हो गए। दरअसल, बागपत रोड और रेलवे रोड को आपस में जोड़ने के लिए एक लिंक मार्ग की मांग पिछले एक वर्ष से चल रही हैं। जनता इसके लिए आंदोलन भी कर चुकी हैं, लेकिन लिंक मार्ग की गेंद एमडीए के पाले में डाल दी गई थी।

एमडीए इसका सर्वे भी कर चुका हैं। जिस जमीन में यह लिंक मार्ग निकाला जाएगा, वह छावनी क्षेत्र हैं, जहां पर सेना का एकाधिकार हैं। सेना से ही इसमें अनुमति मांगी जा रही हैं। यह जमीन एमडीए लीज पर सेना से मांग रहा हैं, मगर इसके दस्तावेज सेना की साइट पर अपलोड नहीं किये गए, जिस वजह से इनता हंगामा खड़ा हो गया।

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