नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। कार्तिक माह को बहुत ही पावन माना जाता है। वहीं, इस महीने में पड़ने वाली एकादशी भी बहुत खास होती है जिसे रमा-एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के सभी परेशानियां खत्म हो जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और व्रत करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं इस दिन रमा एकादशी किस दिन मनाई जाएगी।
इन चीजों का लगाएं भोग
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय केसर वाली खीर, चने के लड्डू, चने की पंजीरी, बेसन का हलवा, बेसन के लड्डू आदि का भोग लगाना चाहिए। भोग बनाते समय उसमें तुलसी के पत्ते डालने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
28 अक्तूबर को रखा जाएगा रमा-एकादशी का व्रत
हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 27 अक्टूबर 2024 को सुबह 7:15 बजे शुरू होगी और 28 अक्टूबर 2024 को सुबह 8:40 बजे समाप्त होगी। एकादशी पर्व पर सूर्योदय का विशेष महत्व होता है। 27 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद एकदाशी शुरू होगी। वहीं, 28 अक्टूबर को सूर्योदय केवल एकादशी के दिन ही होगा। एकादशियों और द्वादशी तिथि के संयोग में एकादशी व्रत करना शुभ फलदायी माना जाता है। इसलिए इस साल कार्तिक माह में रमा-एकादशी का व्रत 28 अक्तूबर को रखा जाएगा।
रमा एकादशी पर न करें ये कार्य
- रमा एकादशी के दिन झूठ बोलना, ईर्ष्या, क्रोध और दूसरों को डांटना वर्जित है।
- इस दिन मूली, बैंगन, प्याज, लहसुन आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
- एकादशी के दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए और तुलसी को जल भी नहीं चढ़ाना चाहिए।
- इस दिन अगर आप व्रत है तो दिन में सोना वर्जित है।
- इस दिन पान नहीं खाना चाहिए।
- इस दिन काले कपड़े पहनना शुभ नहीं माना जाता है।
- इस दिन चावल खाना विशेष रूप से वर्जित है।
- एकादशी के दिन नाखून और बाल काटने की भी मनाही होती है।
व्रत नियम
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें।
- तुलसी के पौधे को जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं।
- रमा एकादशी के दान करना बहुत शुभ माना जाता है। आप अन्न, वस्त्र या धन का दान कर सकते हैं।
- इस दिन उपवास रखना बेहद शुभ माना जाता है। आप फलाहार या केवल फल का सेवन कर सकते हैं।
- पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्र ॐ नमो नारायणाय का जाप करें।
- रमा एकादशी की कथा सुनने से मन शांत होता है और पुण्य मिलता है।
पूजा मुहूर्त
- रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा सूर्योदय के समय प्रातः 06:30 बजे से कर सकते हैं।
रमा एकादशी का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- चर-सामान्य मुहूर्त: प्रातः 06:24 से प्रातः 07:49 तक
- लाभ-उन्नति मुहूर्त: प्रातः07:49 से प्रातः 09:15 तक
- अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: प्रातः 09:15 से प्रातः10:40 तक
- शुभ-उत्तम मुहूर्त: दोपहर 12:06 से दोपहर 01:31 तक
- चर-सामान्य मुहूर्त: सायं 04:23 से सायं 05:48 तक

