Thursday, October 21, 2021
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राहत: मौत के सिलसिलों पर लगी लगाम

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  • संक्रमण का कहर जारी, 215 नए कोरोना के केस मिले, जनपद में संक्रमितों की कुल संख्या 17701

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सीएम की फटकार का असर 24 घंटे में नजर आया। रविवार को कहीं से भी किसी संक्रमित की मौत की मनहूस खबर नहीं मिली है। हालांकि कोरोना संक्रमण के 215 नए केस मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में केसों के मिलने को स्वास्थ्य विभाग संक्रमण के विस्फोट की संज्ञा दे रहा है।

रविवार की रात सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने अपडेट जारी करते हुए 215 नए केसों के मिलने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविवार को 4244 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। मेडिकल की माइक्रोबॉयलोजी लैब से अभी 765 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है।

संक्रमितों में बड़ी संख्या आज भी छात्रों, कैदियों, हेल्थ केयर वर्करों, घरेलू कामकाजी महिलाओं, कारोबारियों की है। बड़ी संख्या में नए केसों के मिलने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। जिन इलाकों से केस मिल हैं, उनमें जैन नगर, मोदीपुरम, लावड़, आरएफ पूठा कुंडा, शास्त्रीनगर, चेतन्य पुरम, जागृति विहार, महावीर जी नगर लल्लापुरा, शिवाजी रोड, इंद्रानगर, सदर रजबन छोटा बाजार, आदर्श नगर, सोतीगंज सदर, सोमदत्त विहार, मलियाना, प्रभात नगर, केसरगंज, मीनाक्षीपुरम, तिवारी कैंपस सरीखे इलाके शामिल हैं।

ये बोले-सीएमओ

सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि संक्रमण खासतौर से संक्रमितों की मौत मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रयासों के चलते ही रविवार को मौत की कोई खबर नहीं आयी। रिकवरी रेट बढ़ाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम संक्रमण को काबू पाने में लगी है। आने वाले दिनों में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।

ये बोले-मेडिकल प्राचार्य का

मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड में संक्रमितों की हालात पर बराबर नजर रखी जा रही है। सीनियर डाक्टरों व एचओडी की जिम्मेदारी तय की गयी है। एक एक संक्रमित मरीज को बराबर वॉच किया जा रहा है। इलाज का फीड बैक ले रहे हैं। रिकवरी रेट तेजी से बढेगा।

सरधना में व्यक्ति निकला कोरोना पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग ने 29 लोगों की कराई जांच

क्षेत्र में कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 29 लोगों की कोरोना जांच कराई गई। जिसमें महादेव गांव का एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव निकला। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसे आइसोलेट करा दिया। साथ ही उसके परिवार को भी होम क्वारंटाइन कर दिया गया।

सरधना में रोजाना हो रही जांच में नए केस सामने आ रहे हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ी हुई है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 29 लोगों की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट आने पर पता चला कि महादेव गांव का एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसें आइसोलेट करा दिया।

साथ ही उसके परिवार को होम क्वारंटाइन कर दिया गया। इस संबंध में कार्यवाहक सीएचसी प्रभारी डा. अमित त्यागी का कहना है कि 29 जांच कराई गई थी। महादेव गांव में एक व्यक्ति पॉजिटिव मिला है। उसके संपर्क में आने वाले लोगों की भी जांच कराई जाएगी।

परीक्षितगढ़ में दो संक्रमित

देहात क्षेत्र के दो गांवों में एक बच्चा व महिला कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। पिछले एक माह से नगर व देहात क्षेत्र में कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। जिससे के चलते स्वास्थ्य विभाग घर-घर कोरोना की जांच कर रही है। सीएचसी प्रभारी डा. संदीप गौतम ने बताया कि क्षेत्र के गांव अतलपुर निवासी 31 वर्षीय महिला रविता व खाईखेड़ा निवासी एक वर्षीय आयुष ने मेरठ प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच कराई थी। जिसमें दोनों कोरोना पॉजिटिव मिले। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने दोनों को घर पर ही आइसोलेट कर दिया।

पुलिस ने मास्क न पहनने वालों के काटे चालान

जिले में लगातार बढ़ रही कोविड मरीजों की संख्या के बाद प्रशासन ने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। जिसके चलते रविवार को पूरे जिले में मास्क न पहनने वाले लोगों के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने जहां कई लोगों के चालान काटे। वहीं, क्षेत्र में मास्क वितरण करते हुए लोगों को मास्क पहनने की ताकीद की। बताते चले कि जिले में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

जिसके चलते पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर पूरे जिले में मास्क न पहनने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जनपद के थाना प्रभारियों ने चेकिंग प्वाइंटों पर पुलिसकर्मियों के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया।

इस दौरान पुलिसकर्मियों ने बिना मास्क पहने सड़क पर घूम रहे कई वाहन चालकों का चालान काटा। वहीं, माफी मांगने पर कई लोगों को मुफ्त में मास्क बांटते हुए उन्हें हमेशा मास्क पहनकर घर से निकलने की ताकीद की। पुलिस अभियान के चलते कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा।

उधर, एसपी सिटी डा. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

कोरोना के काल में समा गए कई दिग्गज

कोरोना काल में कई ऐसे दिग्गज समा गए, जिनकी कल्पना तक नहीं की जा सकती, लेकिन यह वो सत्य है जिसको झुठलाया नहीं जा सकता है। दरअसल, कोरोना की चपेट में वो दिग्गज आए, जिनको सरकारी सिस्टम बचा नहीं सका। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट के दो मंत्री भी ऐसे है जो कोरोना वैश्विक महामारी में समा गए।

यही नहीं, कई विपक्षी दलों के नेता भी कोरोना की चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके हैं, लेकिन सरकारी सिस्टम इतना लचर है कि कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान के मौत के मामले में विधानसभा में भी लापरवाही के सवाल गूंजे हैं। बावजूद इसके सरकारी सिस्टम ने नहीं सुधरने की कसम खा ली है। यही नहीं, कोरोना संक्रमण अभी थमा नहीं है। अब आगे किस-किसको अपनी चपेट में लेगा यह कहना अभी मुश्किल होगा। जबकि लोगों को अभी और भी अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

ऐसे वीवीआईपी की लंबी लिस्ट है, जिनको कोरोना का डंक लगा है। ऐसे कद्दावर वीवीआईपी में योगी कैबिनेट के दो मंत्रियों चेतन चौहान व कमला रानी वर्मा भी शामिल हैं। इनके अलावा कांग्रेस के बडे नेता अहमद पटेल की जिंदगी भी कोरोना संक्रमण ने छीनी। कोरोना के चलते उपचार के दौरान जिनकी मौत हो गयी।

उत्तर प्रदेश के 14 मंत्री संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। कैबिनेट मंत्री सरीखों की यदि कोरोना संक्रमण से सुरक्षित नहीं जिनके पास तमाम सुविधाएं हैं। अच्छे से अच्छा इलाज उनकी पहुंच में है तो फिर विभाग खासतौर से स्वास्थ्य विभाग के दावों पर सवाल उठाए जाएंगे ही। ऐसे वीआईपी की सूची काफी लंबी है जो कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं।

इनमें यदि यूपी के वीआईपी की बात की जाए तो औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाम सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, मेरठ हापुड़ लोस सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, भूपेन्द्र सिंह चौधरी, चौधरी उदयभान सिंह, अतुल गर्ग, जय प्रताप सिंह, राजेन्द्र सिंह उर्फ मोती सिंह, ब्रजेश पाठक, महेन्द्र सिंह, धरम सिंह सैनी, रघुराज सिंह शाक्य, उपेन्द्र तिवारी सरीखे मंत्री भी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

अन्य जो आए चपेट में

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कर्नाटक के सीएम बीएस येदुयिरप्पा, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खटटर, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर के अलावा कई केंद्रीय मंत्री भी संक्रमित हो चुके हैं इनमें बड़ा नाम गृहमंत्री अमित शाह का है। इनके अलावा धर्मेंद्र प्रधान, कृष्ण पाल गुर्जर, गजेन्द्र सिंह शेखावत सरीखे केंद्रीय मंत्री संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

इसको लेकर जब स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों से बात की गयी तो उन्होंने दो टूक कहा कि कोरोना अमीर गरीब या छोटे-बडेÞ को नहीं देख रहा है। यदि संसाधनों की बात है तो फिर अमेरिका जैसे बडे राष्ट्र के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी संक्रमित हो चुके हैं। अमेरिका के लिए तो यह भी नहीं कह सकते कि वहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कोई कमी हैं या आम आदमी की पहुंच से स्वास्थ्य सुविधाएं दूर हैं। अमेरिका ही नहीं कई अन्य मुल्कोें के राष्ट्राध्यक्ष इसकी चपेट में आ चुके हैं।
सावधान रहना है जरूरी

मेडिकल के प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार का कहना है कि संक्रमण की चपेट में वो आ रहे हैं जो कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तय किए गए प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे लोगों में भले ही अमेरिका या किसी अन्य देश के राष्ट्रपति हो या फिर सड़क पर खुले आसमान के नीचे गुजरा करने वाला समाज के सबसे कमजोर तबके में गिना जाना वाला शख्स। मास्क का पालन करें और सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करें। हालात कम्युनिटी स्प्रेड सरीखे हैं। क्योंकि अभी तक वैक्सीन नहीं आयी है। इसलिए खुद ही करना होगा बचाव।

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