Friday, May 1, 2026
- Advertisement -

रिटायर्ड कर्मचारी अहम् पदों पर जमे

  • खाली पदों पर नहीं हुई भर्ती, अधिकारी परेशान
  • रिटायर्ड कर्मचारियों का था सहारा, 31 मई को हटाए गए

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सूबे के मुखिया के आदेश हैं कि जो अधिकारी बरसों से एक ही पटल पर जमे हैं, उन्हें बदला जाए, लेकिन यहां तो ऐसे भी हालात हैं कि जो अधिकारी या कर्मचारी रिटायर्ड हो चुके हैं वह भी कुर्सी पर बैठे हैं और महत्वपूर्ण और गोपनीय कार्य करते नजर आ रहे हैं।

यह हालात यहां मेरठ स्थित आवास विकास परिषद कार्यालय के हैं। यहां बाबुओं समेत एई तक रिटायर्ड होने के बाद भी कार्य करते नजर आते हैं और विभाग में कुर्सी पर बैठकर कार्य संभाले हुए हैं, लेकिन जब हकीकत को जाना गया तो पता चला कि विभाग में स्टाफ की इतनी कमी है कि रिटायर्ड कर्मचारियों का भी सहारा ले लिया जाता है।

आवास विकास परिषद कार्यालय की बात करें तो यहां स्टाफ की कमी लंबे समय से चली आ रही है। जिसके कारण यहां विभागीय कार्य अधूरे रह जाते हैं। यहां कई विभागों में अब भी कुछ रिटायर्ड कर्मचारी कार्य करते दिखाई दे जाते हैं, लेकिन यह संख्या पहले कुछ अधिक थी लेकिन शासन की सख्ती के बाद यहां से आधे से ज्यादा रिटायर्ड कर्मचारियों को हटा दिया गया, लेकिन अब भी कुछ विभाग ऐसे हैं जहां रिटायर्ड कर्मचारियों के सहारे कार्य चल रहा है।

विभाग में 16 जेई होने चाहिए, लेकिन यहां सिर्फ एक ही जेई है। जोकि पूरा जिला संभाले हैं। कई ऐई यहां से रिटायर्ड हो चुके थे, लेकिन वह बीते दिनों तक यहां कार्य कर रहे थे। शासन की सख्ती के बाद उन्हें हटाया गया तो यहां काम का बौझ फिर से बढ़ गया। जिससे अधिकारी परेशान हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिटायर्ड तो लगातार अधिकारी और कर्मचारी हो रहे हैं, लेकिन भर्ती नहीं हो रही है।

जब रिटायर्ड कर्मचारियों को लेकर एसी राजीव कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले जो रिटायर्ड कर्मचारियों से कार्य लिया जा रहा था वो अब नहीं लिया जा रहा है। 31 मई को सभी कर्मचारियों को हटा दिया गया है। अब एक या दो कर्मचारी ऐसे हैं। जिनसे कभी कभी मदद ले ली जाती है।कुछ विभागो में अब भी कार्य कर रहे हैं रिटायर्ड कर्मचारी

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

किसानों के लिए वरदान हैं बैंगन की टॉप 5 किस्में

किसानों के लिए बैंगन की खेती में बेहतर उत्पादन...

धान उगाने की एरोबिक विधि

डॉ.शालिनी गुप्ता, डॉ.आर.एस.सेंगर एरोबिक धान उगाने की एक पद्धति है,...

बढ़ती मांग से चीकू की खेती बनी फायदेमंद

चीकू एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ-साथ...

झालमुड़ी कथा की व्यथा और जनता

झालमुड़ी और जनता का नाता पुराना है। एक तरफ...

तस्वीरों में दुनिया देखने वाले रघु रॉय

भारतीय फोटो पत्रकारिता के इतिहास में कुछ नाम ऐसे...
spot_imgspot_img