Wednesday, January 19, 2022
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बड़ी चूक: नहीं हो रही आरटीपीसीआर की जांच

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जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन ने चार दिन में कई देशों को चपेट में ले लिया है। इसे देखते हुए रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सख्ती से जांच के निर्देश दिए गए हैं। जनवाणी टीम ने मंगलवार को जांच की हकीकत जानी। इस दौरान रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर कहीं कोई जांच पड़ताल होती नहीं दिखी। बस अड्डों पर तो जांच टीमें ही गायब मिलीं, कहां कितनी टीमें लगाई गई हैं, इसकी जानकारी ही नहीं है।

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। जिले के सभी कोविड अस्पताल, जिला अस्पताल, लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज समेत निजी मेडिकल कॉलेजों को तैयार रहने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि जिले में किसी भी स्थिति में आॅक्सीजन की कमी न आए, इसके लिए पहले से ही व्यवस्था की जा चुकी है।

मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, कैंट हॉस्पिटल सहित शहर के सभी बड़े निजी चिकित्सालयों में लिक्विड आॅक्सीजन के प्लांट संचालित है। कोविड के इलाज की सभी सुविधाओं के साथ चिकित्सालयों में दवा इंजेक्शन का स्टॉक करना शुरू कर दिया गया है।

किसी भी सूरत में कोविड मरीजों के इलाज में दवा की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। माइक्रोबॉयोलाजी विभाग के अध्यक्ष डा. अमित गर्ग ने बताया कि कोरोना के 15 हजार सैंपल की जांच एक दिन में करने की सुविधा मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की लैब में है।

अभी साउथ अफ्रीका में कुछ मरीजों में कोरोना का नया वैरिएंट मिला है। फिलहाल जनपद में ऐसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन फिर भी लैब में कोरोना की जांच की पूरी सुविधा उपलब्ध है।

तेजी से फैलता है नया वैरिएंट

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान का कहना है कोरोना का नया वैरिएंट तेजी से फैलने वाला है। बहुत ही कम समय में कई देशों में यह फैल चुका है। इससे बचाव के लिए लोगों को अभी से अलर्ट रहना होगा।
लोग कोविड नियमों का पालन करते रहे। बिना वजह भीड़ वाले इलाकों में न जाएं। मास्क, साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। किसी के परिवार में कोई देश-विदेश से आता है तो इसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें।

जिले में पांच हजार बेड की सुविधा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन ने बताया सरकारी, निजी मेडिकल कॉलेज समेत जिले में कोविड के पांच हजार मरीजों को भर्ती करने की सुविधा है। इसके अलावा इलाज के लिए चिकित्सक, पैरामेडिकल समेत स्टाफ नर्स पर्याप्त संख्या में हैं। अधिकांश अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन के प्लांट लग चुके हैं। ऑक्सीजन  की कोई कमी नहीं है।

बच्चों के लिए 110 बेड का वार्ड

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. आरसी गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कालेज में 110 बेड का बच्चों का कोरोना वार्ड तैयार है। इसके अलावा अन्य मरीजों के लिए 400 बेड की सुविधा अस्पताल में उपलब्ध है। पहली और दूसरी लहर में सबसे ज्यादा मरीजों का इलाज मेडिकल के कोविड अस्पताल में किया गया। कोविड की दवा व इंजेक्शन का भरपूर स्टॉक भी है। सभी स्टाफ, चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया है।

डेंगू के दो नए मरीज मिले

डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार घटती जा रही है। मंगलवार को डेंगू के दो नए मरीज मिले हैं। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया कि अब तक जिले में 1536 डेंगू मरीज मिल चुके हैं। डेंगू के सक्रिय मरीजों की संख्या 93 है।

विभिन्न अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 16 है। अब तक कुल 1541 मरीज रिकवर हो चुके हैं। घर पर इलाज ले रहे मरीजों की संख्या 77 है। डेंगू का ग्राफ लगातार नीचे गिर रहा है। इस वर्ष सबसे अधिक मरीज शहरी क्षेत्र में पाए गए हैं। शहर में मलियाना एवं कंकरखेड़ा में मरीजों की संख्या अधिक रही।

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