Wednesday, February 21, 2024
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दीवार के साथ दुकानों का कर दिया निर्माण, मेडा ने मूंदी आंखें

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  • रोहटा रोड पर अवैध सड़क के निर्माण का मामला, अब सत्ता की हनक, विधायक से करा दिया सड़क का उद्घाटन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: रोहटा रोड पर कब्रिस्तान की विवादित जमीन पर दीवार खड़ी कर विवादित सड़क का निर्माण किया जा रहा है। मेरठ विकास प्राधिकरण की तरफ से इसका कोई मानचित्र स्वीकृत नहीं हैं। इसमें कोई करवाई अभी तक नहीं की गई है। पहले तो यह कहा जा रहा था कि आचार संहिता लागू है, जिसके चलते तोड़फोड़ नहीं की जा सकती, लेकिन आचार संहिता हट चुकी है।

फिर भी मेरठ विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों को कब्रिस्तान की विवादित जमीन पर दीवार खड़ी होते हुए और दुकानों का निर्माण भी हो जाएगा। जो कभी बड़े विवाद का कारण बन सकता है, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण ही नहीं, बल्कि तहसीलदार ने भी आंखें मूंद ली है। कहा जा रहा है कि तहसीलदार से सेटिंग-गेटिंग का खेल अवैध निर्माणकर्ता कर चुके हैं। यही वजह है कि मेरठ विकास प्राधिकरण भी इस तरफ से आंखें मूंदे हुए हैं।

अब इसमें मेरठ विकास प्राधिकरण तहसील और नगर निगम तीन विभाग जुड़े हुए हैं। तीनों एक दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। यही वजह है कि भूमाफिया लगातार निर्माण किए जा रहा है। तहसील का जो सिजरा हैं, उसमें भी छेड़छाड़ की गई है। कब्रिस्तान के बीच से ही रास्ता शोभापुर को जाने वाला लिंक मार्ग था, लेकिन भू माफियाओं ने सेटिंग का खेल तहसीलदार और लेखपाल से करके यह भी बदल दिया है।

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सिजरे में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो सकती, लेकिन इसमें बड़ा खेल तहसील की तरफ से हुआ है, जिसके चलते भू माफियाओं का दुस्साहस बढ़ गया और सड़क की जगह विवादित जमीन में दीवार खड़ी कर दुकानों का निर्माण भी किया जाएगा। क्योंकि इससे पहले बराबर में गोदाम तोड़कर दीवार बना दी गई। इसमें भी मेडा ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी को लेकर किसी ने आपत्ति नहीं की और पूरा खेल चलता रहा,

लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण ने उनको भी नहीं रोका, जिसके बाद यह दूसरा निर्माण शुरू कर दिया गया। अब इस अवैध निर्माण को सही की मोहर लगाने के लिए इस प्रकरण से जुड़े लोगों ने कैंट के भाजपा विधायक अमित अग्रवाल को बुलाकर इन विवादित सड़क का उद्घाटन भी करा दिया और उनका बाकायदा बोर्ड भी वहां लगा दिया है। इस तरह से विवादित जमीन के साथ छेड़छाड़ करने वालों को सत्ता का भी आशीर्वाद मिल गया है।

क्योंकि इस पूरे प्रकरण में दो पूर्व पार्षद भी जुड़े हुए हैं। अब विधायक भी इसमें कूद गए हैं। अपरोक्ष रूप से विधायक ने सड़क का उद्घाटन किया। सड़क के उद्घाटन से विधायक की भूमिका पर भी उंगली उठने लगी है। क्योंकि करोड़ों की संपत्ति पर कुछ लोगों की निगाह लगी हुई है। अब सीजरे में कैसे छेड़छाड़ की गई? इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

क्या कमिश्नर स्तर से इनकी जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकारी विभागों के अधिकारियों पर भी इसमें कार्रवाई होनी चाहिए। अन्यथा निर्माण भी हो जाएंगे, यहां पर जो दुकानें बनने जा रही है, उन्हें बेच दिया जाएगा, लेकिन कमिश्नर के स्तर से कार्रवाई हुई तो सच सामने आ जाएगा।

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