- विशाल वर्मा का पासपोर्ट कैंसिल कराने के लिए पुलिस ने भेजी रिपोर्ट
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: करोड़ों रुपये के स्टांप घोटाले में एसआईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। पहले दिन एसआईटी के इंस्पेक्टर ने 15 लोगों के बयान दर्ज किए। इसके साथ विशाल वर्मा का पासपोर्ट जब्त करते हुए उसके कैंसिल कराने के लिए पासपोर्ट कार्यालय में रिपोर्ट भेजी। एसआईटी प्रभारी एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि स्टांप घोटाले में लोगों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं। विशाल वर्मा की गिरफ्तारी के लिए कई टीमे लगाई गई है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। स्टांप घोटाले में फरार चल रहे आरोपी विशाल वर्मा पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए मेरठ के 150 व्यापारियों ने एसएसपी को 150 पेज की एक तहरीर सौंपी।
एसएसपी ने तहरीर लेकर सारे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। एसआईटी टीम के इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने सभी लोगों को अपने कार्यालय में बुलाया। इसके बाद उन्होंने विशाल वर्मा के खिलाफ उनसे सबूत एकत्रित किए। इसके साथ उनके बयान नोट किए। कुलदीप सिंह का कहना है कि उन्हें शक था कि वह दुबई फरार हो सकता है। विशाल वर्मा की विदेश यात्रा पर रोक लगाने के लिए उसका पासपोर्ट कैंसिल कराने की प्रकिया शुरू कर दी है। जल्द ही उसका पासपोर्ट कैंसिल हो जाएगा। जिससे वह विदेश नहीं भाग सकेगा।
कहां से आए फर्जी स्टांप?
एसआईटी टीम का कहना है कि सबसे पहले इस प्रकरण की जांच की जा रही है कि इतनी भारी मात्रा में फर्जी स्टांप कहां से आए हैं। कोषागार से स्टांप नंबर का मिलान किया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी का कहना है कि स्टांप घोटाले जांच में पिछले तीन साल में उप निबंधक कार्यालय में तैनात रहे अधिकारियों व कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। उनके बयान नोट किए जाएंगे।
घोटाले के शिकार लोगों की बढ़ रही संख्या
व्यापार मंडल के अध्यक्ष जीतू नागपाल व शैंकी वर्मा का कहना है कि स्टांप घोटाले का शिकार हुए लोगों की दिन पर दिन संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक उनके पास दो हजार से ज्यादा लोग आ चुके हैं।

