Wednesday, April 1, 2026
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रेलवे की परीक्षा में साल्वर गैंग के छह आरोपी पकड़े

  • आरडी इंजीनियरिंग कालेज मुरादनगर में हुई ग्रुप डी की परीक्षा
  • आंसर की पहुंचाने के लिये मिलते थे 50 हजार रुपये

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: रेलवे द्वारा आयोजित ग्रुप-डी की परीक्षा में सॉल्वर और नकल कराकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर भर्ती कराने वाले गिरोह के सरगना सहित छह सदस्य गिरफ्तार किये गए। एसटीएफ को थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद क्षेत्रान्तर्गत आरडी इंजीनियरिंग कालेज दुहाई में रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा संचालित ग्रुप-डी की परीक्षा में परीक्षा केन्द्र में लैब टेक्नीशियन के माध्यम से परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सरगना आशीष कुमार सहित छह सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।

एसपी एसटीएफ ब्रजेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों आशीष कुमार पुत्र देशवीर सिंह, निवासी ग्राम कुरडी, थाना छपरौली बागपत,विपिन पुत्र नाहर सिंह निवासी मोरटा थाना मुरादनगर गाजियाबाद, रूपक उर्फ रेवती शरण पुत्र सुभाष चन्द निवासी ब्रिज बिहार कालोनी थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद, प्रदीप पवार पुत्र शीशपाल निवासी ग्राम चन्दहंडी थाना बुढ़ाना मुजफ्फरनगर, सचिन मलिक पुत्र जयसिंह निवासी बखरवा थाना मोदीनगर,नेत्रपाल पुत्र सुभाष चन्द निवासी ब्रिज बिहार कालोनी, थाना मुरादनगर के पास से छह मोबाइल फोन बरामद किये गए हैं।

एसपी ने बताया कि सूचना मिली थी कि आरडी इंजीनियरिंग कालेज दुहाई थाना क्षेत्र मुरादनगर जनपद गाजियाबाद में चल रही रेलवे ग्रुप डी की आॅनलाईन परीक्षा में कुछ लोग अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूल कर पेपर सॉल्व करा रहे हैं। नकल कराने वाले गिरोह के कुछ सदस्य परीक्षा केन्द्र के अन्दर तथा कुछ बाहर हैं। इस पर थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद पुलिस को साथ लेकर कालेज के गेट के पास से चार व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

जिन्होंने बताया कि परीक्षा केन्द्र के अन्दर हमारा एक साथी सचिन मलिक हैं, जो परीक्षा केन्द्र के अन्दर लैब में डयूटी पर है। उसके बाद पकड़े गये एक व्यक्ति को साथ लेकर परीक्षा केन्द्र मे अन्दर सिक्योरिटी गार्ड के माध्यम से सचिन मलिक उपरोक्त को बाहर बुलाकर गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त सचिन मलिक ने बताया कि साथी कपिल पुत्र ईश्वर निवासी बेगमाबाद गढ़ी थाना दोघट व उसका साला प्रदीप पवार ने मिलकर हरियाणा के रहने वाले जयबीर व अंकित निवासी छपरौली, बागपत से रेलवे ग्रुप-डी की आयोजित परीक्षा की आंसर की लेते हैं तथा वह परीक्षा शुरू होने के आधा घन्टा पश्चात आंसर की को हमारे व्हाटसप पर भेजते हैं। इस आंसर की को विपिन व रूपक के माध्यम से कालेज के अन्दर परीक्षा कक्ष में डियूटी कर रहे व्यक्ति को जिन्हे रूपक ने ही कालेज स्टाप को डयूटी हेतु उपलब्ध कराया हैं, को अभ्यर्थियों को देते थे।

सचिन मलिक ने यह भी बताया कि मेरी डयूटी रूपक ने ही इस कालेज में लगवायी थी। रूपक परीक्षा केन्द्र में आने से पहले ही बता देता था कि आज की परीक्षा की Ñआंसर की आयेगी जिसे में बाथरूम में रख दूंगा तुम वहां से लेकर बताये गये अभ्यर्थी तक पहुंचा देना। इसकी एवज में मुझे 50 हजार रुपये रूपक द्वारा दिये जाते है।

रूपक ने पूछताछ पर बताया कि वह कालेजो में मैन पावर सप्लाई करने का काम करता है और आरडी इंजीनियरिंग कालेज दुहाई में सचिन मलिक को मैने ही कालेज में डयूटी पर लगवाया था ताकि प्राप्त आंसर की को अभ्यर्थियों तक पहुंचा सकें। इसके अतिरिक्त मेरा भाई नेत्रपाल रेलवे की उक्त परीक्षा आयोजित करा रही कम्पनी टीसीएस में एग्जीक्यूटिव का कार्य करता है जिसकी डयूटी कम्पनी की तरफ से परीक्षा केन्द्रों पर लगती रहती हैं

उसके माध्यम से भी मैं आंसर की अभ्यर्थियों तक पहुंचाता हूं। जिसकी डयूटी आज की परीक्षा में बीवीडीआईटी दुहाई मुरादनगर परीक्षा केन्द्र में लगी हैं। रूपक के भाई नेत्रपाल जिसकी डयूटी बीबीडीआईटी दुहाई मुरादनगर परीक्षा केन्द्र में लगी थी, जिसे वहां से गिरफ्तार किया गया।

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