Friday, August 21, 2026
- Advertisement -

Sunscreen Tips: बारिश के मौसम में सनस्क्रीन छोड़ना पड़ सकता है भारी, जानिए वजह

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन ​है। मानसून की बारिश गर्मी से राहत जरूर देती है, लेकिन यह मौसम त्वचा से जुड़ी कई नई समस्याएं भी साथ लेकर आता है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि बरसात के दिनों में धूप नहीं निकलती, इसलिए सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं होती। इसी सोच के कारण कई लोग अपने स्किनकेयर रूटीन से सनस्क्रीन को पूरी तरह हटा देते हैं।

लेकिन क्या यह सही है?

त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में बादल होने के बावजूद सूर्य की UVA और UVB किरणों का एक बड़ा हिस्सा धरती तक पहुंच सकता है। खासकर UVA किरणें बादलों को काफी हद तक पार कर जाती हैं और लंबे समय तक त्वचा पर असर डाल सकती हैं। ये समय से पहले झुर्रियां, पिग्मेंटेशन और एजिंग जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। ऐसे में यदि आप ऑफिस, कॉलेज, बाजार या किसी भी काम से बाहर निकलते हैं, तो मानसून में भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है।

हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। इसलिए सनस्क्रीन का चुनाव भी आपकी स्किन टाइप, बाहर बिताए जाने वाले समय और दैनिक गतिविधियों के अनुसार होना चाहिए।

क्या बारिश के मौसम में भी धूप नुकसान पहुंचाती है?

  • बादल सूरज की रोशनी की तीव्रता को कम कर सकते हैं, लेकिन वे सभी पराबैंगनी (UV) किरणों को पूरी तरह नहीं रोक पाते। इसलिए बारिश के मौसम में भी त्वचा को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।
  • UVA किरणें बादलों के बीच से आसानी से गुजर सकती हैं।
  • लंबे समय तक UV किरणों के संपर्क में रहने से टैनिंग और पिग्मेंटेशन बढ़ सकता है।
  • समय से पहले झुर्रियां और एजिंग के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
  • संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

मानसून में सनस्क्रीन क्यों जरूरी है?

  • बरसात के मौसम में सनस्क्रीन लगाने से कई फायदे मिल सकते हैं।
  • त्वचा को UVA और UVB किरणों से सुरक्षा मिलती है।
  • टैनिंग और पिग्मेंटेशन का खतरा कम हो सकता है।
  • समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करने में मदद मिलती है।
  • त्वचा की रंगत और चमक बनाए रखने में सहायक होती है।
  • लंबे समय तक बाहर रहने पर अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती है।

मानसून में कैसी सनस्क्रीन चुनें?

सनस्क्रीन खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें—

  • हमेशा ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन चुनें।
  • SPF 30 या उससे अधिक वाला विकल्प बेहतर माना जाता है।
  • PA+++ या PA++++ रेटिंग वाली सनस्क्रीन को प्राथमिकता दें।
  • ऑयली स्किन के लिए जेल-बेस्ड या मैट फिनिश सनस्क्रीन उपयुक्त रहती है।
  • ड्राई स्किन के लिए मॉइस्चराइजिंग फॉर्मूला बेहतर रहता है।
  • यदि पसीना अधिक आता है या हल्की बारिश में बाहर रहना पड़ता है, तो वाटर-रेसिस्टेंट सनस्क्रीन चुनें।

सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका

  • बेहतर सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन सही तरीके से लगाना भी जरूरी है।
  • सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करें।
  • इसके बाद मॉइस्चराइजर लगाएं।
  • फिर पर्याप्त मात्रा में सनस्क्रीन पूरे चेहरे, गर्दन और खुले हिस्सों पर लगाएं।
  • बाहर निकलने से 15–20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाएं।
  • यदि लंबे समय तक बाहर रहना हो, तो हर 2–3 घंटे में दोबारा लगाएं।
  • तैराकी, अत्यधिक पसीना आने या चेहरा धोने के बाद सनस्क्रीन फिर से लगाएं।

मानसून में लोग अक्सर करते हैं ये गलतियां

  • बरसात के मौसम में कुछ सामान्य गलतियां त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  • बादल देखकर सनस्क्रीन न लगाना।
  • बहुत कम मात्रा में सनस्क्रीन लगाना।
  • केवल चेहरे पर लगाकर गर्दन, कान और हाथों को भूल जाना।
  • एक्सपायर्ड सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना।
  • पूरे दिन दोबारा सनस्क्रीन न लगाना।
  • सनस्क्रीन के साथ अपनाएं ये स्किनकेयर टिप्स
  • स्वस्थ त्वचा के लिए केवल सनस्क्रीन ही नहीं, बल्कि सही स्किनकेयर रूटीन भी जरूरी है।
  • दिन में दो बार चेहरे की सफाई करें।
  • अपनी त्वचा के अनुसार हल्का मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
  • बारिश में भीगने के बाद त्वचा को लंबे समय तक गीला न रहने दें।
  • बाहर निकलते समय छाता, कैप या अन्य सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं।

किन लोगों को मानसून में सनस्क्रीन जरूर लगानी चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, इन लोगों के लिए सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल अधिक जरूरी हो सकता है—

  • रोजाना ऑफिस या कॉलेज जाने वाले लोग।
  • दोपहिया वाहन चलाने वाले।
  • बाहर काम करने वाले कर्मचारी।
  • पिग्मेंटेशन या मेलाज़्मा की समस्या से जूझ रहे लोग।
  • जिनकी त्वचा जल्दी टैन हो जाती है।
  • जो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह पर किसी स्किन ट्रीटमेंट से गुजर रहे हैं।

निष्कर्ष: मानसून में धूप कम दिखाई देने का मतलब यह नहीं है कि UV किरणों का प्रभाव खत्म हो जाता है। यदि आप नियमित रूप से बाहर निकलते हैं, तो मौसम चाहे कोई भी हो, अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए सही सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना एक अच्छी आदत हो सकती है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

MRPL में असिस्टेंट इंजीनियर के 26 पदों पर भर्ती, GATE 2026 स्कोर से मिलेगा मौका, जानें योग्यता

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड...
spot_imgspot_img