जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल शुक्रवार को 19वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से जारी उपवास के चलते उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और उनकी शारीरिक स्थिति का नियमित परीक्षण किया जा रहा है।
I’m Not in good shape but not so bad either…
Rather than asking me to break my fast please join me on 20th July… Peaceful March to the Parliament.#cockroachjanataparty #jantarmantar #cjpprotest #chalosansad pic.twitter.com/QZ6VyxVMAR— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 15, 2026
डॉक्टरों ने जताई स्वास्थ्य को लेकर चिंता
वांगचुक का इलाज कर रहे डॉक्टर सतीश लांबा ने बताया कि लगातार उपवास के कारण उनका ब्लड शुगर स्तर गिर रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया गया है, लेकिन उन्होंने अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल वांगचुक सक्रिय हैं, लेकिन लंबे समय तक उपवास जारी रहने से उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। उनकी स्वास्थ्य जांच नियमित रूप से की जा रही है।
वीडियो जारी कर दिया स्वास्थ्य अपडेट
सोनम वांगचुक ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “मेरी हालत बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन बहुत खराब भी नहीं है।”
उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे उन्हें भूख हड़ताल खत्म करने के लिए मनाने के बजाय उनके आंदोलन का समर्थन करें।
20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान
वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने लोगों से 20 जुलाई को उनके साथ जुड़ने और संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों की आवाज है और इसके लिए अधिक से अधिक लोगों का समर्थन जरूरी है।
आंदोलन पर बनी हुई है नजर
सोनम वांगचुक की लगातार जारी भूख हड़ताल और उनकी गिरती सेहत को देखते हुए डॉक्टरों की टीम हर पल उनकी निगरानी कर रही है। वहीं, अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाती है और 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च का क्या असर पड़ता है।

