जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण जहां दुनिया भर के शेयर बाजारों पर दबाव बना हुआ है, वहीं भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूती का परिचय दिया। कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार बढ़त के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में निवेशकों का भरोसा बरकरार दिखाई दिया।
सुबह 09:31 बजे तक के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 171.39 अंक (0.22%) की बढ़त के साथ 77,356.82 पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 50, 43.35 अंक (0.18%) चढ़कर 24,121.85 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स ने 250 अंकों से अधिक की छलांग लगाई, जबकि निफ्टी ने 24,100 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया।
ब्रॉड मार्केट में भी दिखी खरीदारी
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 0.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
एनएसई पर बाजार की चौड़ाई भी मजबूत रही। कुल कारोबार किए गए शेयरों में 1,662 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 749 शेयरों में गिरावट और 112 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक पैसा मजबूत होकर 96.24 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
वैश्विक बाजारों में दबाव, भारत रहा अलग
- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई दिया।
- जापान का निक्केई 225 फ्यूचर्स करीब 2.5% तक टूट गया, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 1.1% की गिरावट दर्ज की गई।
- चीन का शंघाई कंपोजिट 0.6% और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.3% कमजोर रहा।
- हालांकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.7% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
- अमेरिका के S&P 500 फ्यूचर्स और यूरोप के यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स लगभग सपाट रहे।
- वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता के बीच भारतीय बाजार की मजबूती यह संकेत देती है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है।
आईटी सेक्टर बना बाजार का हीरो
गुरुवार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना।
बड़े शेयरों में एचडीएफसी लाइफ और एचसीएल टेक के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
हालांकि वित्तीय सेवाओं और पीएसयू बैंक सेक्टर में हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे इन दोनों सेक्टोरल सूचकांकों में मामूली गिरावट रही।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया की स्थिति आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने वाला अहम कारक बनी रहेगी। इसके बावजूद भारतीय बाजार की मजबूत बाजार चौड़ाई, आईटी सेक्टर में खरीदारी और घरेलू निवेशकों का भरोसा यह दर्शाता है कि बाजार फिलहाल बाहरी झटकों का सामना करने की स्थिति में है।
हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने और किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव के बीच संतुलित निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

