Friday, June 14, 2024
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पतंग की ऊंचाई को भांप नहीं पाए सपा के कर्णधार

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  • मुस्लिम वोटरों को लेकर सपा नेता का ओवर कान्फीडेंस भारी पड़ा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन या एआईएमआईएम प्रत्याशी मौहम्मद अनस मेरठ की राजनीति में धूमकेतु की तरह उभर कर सामने आया है। किसी भी राजनीतिक दल को मतदान से तीन दिन पहले तक उम्मीद नहीं थी कि मुस्लिमों की हमदर्द माने जाने वाली समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा नहीं एमआईएमआईएम करेगी। सपा प्रत्याशी सीमा प्रधान के सपनों को चकनाचूर करने वाले मौहम्मद अनस की किस्मत का सितारा नामांकन के समय से नहीं चमका था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रोडशो के बाद अचानक मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने ऐसा सीक्रेट प्लान बनाया कि खुद को सपा का धुरंधर मानने वाले भी चारों खाने चित्त हो गए।

नामांकन के बाद से सपा प्रत्याशी सीमा प्रधान के विधायक पति अतुल प्रधान एक स्वर में कह रहे थे कि मुसलिम वोट तो शत प्रतिशत मिलेगा बाकी कसर गूर्जर वोट, दलित और जाट वोट से पूरी कर लेंगे। अखिलेश यादव के जाने के बाद सपा इस रोड शो से होने वाले नफा और नुकसान का आकलन करने में लगी हुई थी क्योंकि जिस उम्मीद से अखिलेश यादव को लाया गया था उसको लेकर मुसलमान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे।

इस बीच असउददीन ओवेसी के कुछ भाषणों के अंशों ने भी मुसलिम ध्रुवीकरण की ओर धकेल दिया। मतदान से तीन दिन पहले एक धार्मिक स्थल पर इस तरह की चर्चा हुई थी कि मुसलमान कब तक अपनी पहचान के लिये राजनीतिक संघर्ष करता रहेगा। उस वक्त कुछ लोगों ने कहा था कि दूसरी पार्टियों को वोट देने से अच्छा है कि अपनी कौम के लिये वोट डलवाया जाए। इसमें कुछ असरदार मुसलिम परिवारों ने बीड़ा उठाया और सीक्रेट मीटिंगे करके एक माहौल बनाने की रुपरेखा रची।

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पूर्व सांसद और पूर्व मेयर शाहिद अखलाक ने बसपा प्रत्याशी हशमत मलिक और बाद में एमआईएम प्रत्याशी मौहम्मद अनस को लेकर गोपनीय बैठकें की और लोगों से एकजुट होकर वोट डालने की अपील भी की और उसका असर इस कदर दिखा कि खुद अनस ने भी ख्वाब में नहीं सोचा था कि जिंदगी के पहले प्रयास में 128547 वोट मिल जाएंगे और सपा प्रत्याशी को दूसरे से तीसरे नंबर पर धकेल देगा। सपा के कर्णधार इस सीक्रेट मिशन को भांपने के बजाय अहंकार की लड़ाई में व्यस्त थे। यही कारण रहा कि जिस बसपा प्रत्याशी की तरफ कोई ध्यान देने को तैयार नहीं था वो भी 54076 वोट ले जाने में सफल रहा।

अनस ने कहा, भाजपा की बी-टीम है सपा

एआईएमआईएम मेयर प्रत्याशी अनस ने कहा कि सपा ही तो भाजपा की ‘बी’ टीम हैं। सपा प्रत्याशी सीमा प्रधान ने उसे हरवाने के लिए भाजपा से सेटिंग की थी। सपा चुनाव नहीं लड़ती तो निश्चित रूप से एआईएमआईएम की जीत होती। उन्होंने कहा कि मुस्लिम यूथ उनके साथ हैं। यूथ के हाथ में पंतग की डोर हैं, वहीं 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ेंगे। अब उनका पूरा फोकस लोकसभा चुनाव पर होगा। पार्टी अभी से चुनाव की तैयारी में जुटेगी। ये उनकी हार नहीं हैं, बल्कि मेरठ की सियासत में शानदार दस्तक दी हैं, जिसके बाद एआईएमआईएम ऊंचाई चढ़ेगी। ये संदेश पार्टी ने मेयर व पार्षदों को चुनाव लड़ाकर दिया हैं।

मेरठ को बनाएंगे स्मार्ट सिटी: हरिकांत

दूसरी बार मेयर बनने वाले भाजपा के हरिकांत अहलूवालिया ने जीत के बाद कहा कि वो मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाएंगे। शहर को कूड़ा, गंदगी से मुक्ति दिलाएंगे और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था की जाएगी। कहा कि उनकी जीत भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के कारण है।

दो राउंड…और लौट गई ऋचा

आप की मेयर प्रत्याशी ऋचा सिंह दो राउंड मतगणना का कार्य पूर्ण हुआ था, तभी वह मतगणना स्थल से चली गई। पहले ही ऋचा सिंह पराजय मान गई थी। उसे मालूम था कि आप का प्रदर्शन क्रांतिधरा पर अच्छा नहीं रहा तथा पार्टी को लोगों ने पसंद भी नहीं किया, जिसके चलते ऋचा सिंह ने बिना समय गंवाये ही मतगणना स्थल से लौट जाना ही बेहतर समझा।

मेयर प्रत्याशियों को मिले मत

हरिकांत भाजपा 235953

मौ. अनस एमआईएम 128547

ऋचा सिंह आप 6257

केसर अब्बास 1828

नसीम कुरैशी कांग्रेस 15473

शकील मलिक 1412

सीमा प्रधान सपा 115694

हशमत मलिक बसपा 54076

अफजाल 1721

अमीर अहमद 717

अनमोल 2046

प्रदीप कुमार 5352

मुक्ता चौधरी 1284

विकास मावी 545

सुरेन्द्र सिंह 1320

कुल वोट पड़े 574577

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