Saturday, December 4, 2021
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ठंड से गोवंश मरा तो होगी सख्त कार्रवाई

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  • करें आवश्यक प्रबंध, नोडल अधिकारी ने परीक्षितगढ़ में किया कान्हा गोशाला का औचक निरीक्षण

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: जनपद के नोडल अधिकारी आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद ने जनपद में क्रियाशील कान्हा गोशाला, परीक्षितगढ़ का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद में कहीं भी निराश्रित गोवंश आवारा घूमता हुआ नजर नहीं आना चाहिए।

निराश्रित गोवंश संरक्षण योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गोशाला में गोवंशो को ठंड से बचाने के लिए प्रबंध किये जाये तथा यह सुनिश्चित किया जाये कि ठंड से किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो। गोशाला में 150 गोवंश की क्षमता के सापेक्ष 29 गोवंश संरक्षित है।

नोडल अधिकारी पी गुरुप्रसाद ने निर्देशित किया कि क्षेत्र में निराश्रित गोवंशो को संरक्षित कर गोशाला की क्षमता का पूर्ण उपयोग किया जाये तथा गोशाला को स्वाबलम्बी बनाने के लिए किये जा रहे प्रयासों का एक मॉडल के रूप में अन्य गो आश्रय स्थलों पर किया जाये।

उन्होने निर्देशित किया कि सहभागिता योजनान्तर्गत पशुपालकों को गोवंशों को पालने के लिए दिया जाये। नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान उनके संज्ञान में आया कि कान्हा गोशाला के बाहर नगर पंचायत द्वारा एक तालाब का निर्माण कराया गया है। जिसमें नौकायन संचालित कर पर्यटन करने की योजना है। उन्होंने निर्देशित किया कि इस कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कर जनउपयोग में लाया जाये।

उनके संज्ञान में आया कि गोशाला संचालन समिति द्वारा गो आश्रय स्थल पर गोवंश के गोबर से निर्मित दीपक, धूपबत्ती, गणेश, लक्ष्मी एवं अन्य हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियां, दीवार घड़ी इत्यादि के बने हुए मॉडल बेचे जाते हैं, जिससे गो आश्रय स्थल के संचालन में आर्थिक सहायता मिल रही है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. अनिल कंसल ने बताया कि कान्हा गोशाला का निर्माण शासन द्वारा आवंटित 1.63 करोड़ की धनराशि से किया गया है। इस गोशाला में 150 गोवंश रखने की क्षमता है। वर्तमान में 29 गोवंश सरंक्षित पाये गये, समस्त गोवंशों में ईयर टैगिंग पाई गई, समस्त नर गोवंशों का बधियाकरण किया गया है।


31 को होगा विक्रेताओं द्वारा खाद्यान्न वितरण

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि माह दिसम्बर, 2020 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत होने वाले नियमित वितरण की तिथि 28 दिसम्बर 2020 तक निर्धारित की गयी थी। सिस्टम इन्टीग्रेटर संस्था मैसर्स आरमी इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराये गये विवरण के अनुसार सर्वर में तकनीकी समस्या के कारण कई जनपदों में वितरण किया जाना शेष है।

जिसके दृष्टिगत अपर आयुक्त, खाद्य तथा रसद विभाग जवाहर भवन, लखनऊ के द्वारा माह दिसम्बर, 2020 में आधार आधारित वितरण की तिथि 31 दिसम्बर 2020 निर्धारित की गयी है। उन्होंने बताया कि उक्त वितरण में ओटीपी के माध्यम से वितरण कराये जाने की तिथि 28 दिसम्बर 2020 ही रहेगी।

उन्होंने समस्त क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी तथा समस्त पूर्ति निरीक्षको को निर्देशित करते हुये कहा कि आप अपने क्षेत्रान्तर्गत समस्त उचित दर विक्रेताओं को आधार आधारित नियमित वितरण की तिथि 31 दिसम्बर 2020 तक बढ़ाये जाने के सम्बन्ध में निर्देशित करना सुनिश्चित करें। ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित न रहे।

इथेनॉल उत्पादन के कार्यों की समीक्षा, प्रवर्तन दल सक्रिय हो

विकास भवन सभागार में मेरठ व सहारनपुर मंडल के चीनी मिलों में डिस्टलरी में यह जा रहे इतना आॅल उत्पादन के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जनपद के नोडल अधिकारी आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद ने कहा कि वह इथेनॉल उत्पादन आज की आवश्यकता है।

अगर इसमें किसी प्रकार की समस्या आ रही हो तो अवगत कराएं साथ ही अगर कोई सुझाव है तो वह भी लिखित में दें। उन्होंने आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक कर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। विकास भवन सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते हुए जनपद के नोडल अधिकारी आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद ने कहा कि चीनी मिलें इथेनॉल के उत्पादन की ओर अग्रसर हो।

उन्होंने बताया कि इतना और उत्पादन के कई उपयोग हैं। उन्होंने चीनी मिल के प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वह गन्ना मूल्य का भुगतान प्राथमिकता पर कराएं क्योंकि यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह प्रवर्तन की कार्रवाई बढ़ाएं। कहा कि नकली वह अवैध शराब का उत्पादन व बिक्री ना हो यह सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मेरठ व सहारनपुर मंडल के चीनी मिलों के डिस्टलरी यूनिट के हेड व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

नोडल अधिकारी ने किया मवाना शुगर मिल गन्ना समिति कार्यालय का निरीक्षण

जनपद के नोडल अधिकारी आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद ने सोमवार को मवाना शुगर मिल गन्ना समिति कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां पर की जा रही व्यवस्थाओं को देखा। प्रगतिशील कृषकों से वार्ता की। नोडल अधिकारी पी गुरुप्रसाद ने कहा कि गन्ना मूल्य का भुगतान कृषकों को प्राथमिकता पर हो यह प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

उन्होंने मिल प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वह गन्ना मूल्य का अवशेष भुगतान कृषकों को प्राथमिकता पर कराये। इससे पूर्व उन्होने नहर की सफाई के कार्यों का भी निरीक्षण किया।

नोडल अधिकारी पी गुरुप्रसाद ने वहां एसएमएस के माध्यम से भेजे जाने वाली गन्ना पर्चियों की व्यवस्थाओं को देखा तथा बताया कि प्रदेश सरकार के प्रयास से किसानों को उनके मोबाइल पर गन्ना पर्ची प्राप्त हो रही है। एक गन्ना पर्ची 72 घंटे तक वैध रहती है, इस अवधि में किसान अपना गन्ना क्रय केन्द्रों पर ले जा सकते हैं। वरिष्ठ महाप्रबंधक मवाना शुगर मिल प्रमोद बालियान ने बताया कि गत वर्श के पैराई सत्र का 89 प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। मिल को जल्द सब्सिडी मिलने वाली है, मिलते ही शेष भुगतान भी 31 दिसम्बर तक कर दिया जायेगा। उन्होने बताया कि मिल ने ईथेनाल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।

लाइसेंस प्राप्त होने के उपरान्त ईथेनाल का उत्पादन भी मिल द्वारा किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मिल से करीब 48 हजार किसान जुड़े हैं। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल, उप जिलाधिकारी, मवाना कमलेश गोयल, जिला गन्ना अधिकारी दुष्यंत कुमार, सचिव गन्ना समिति आदि उपस्थित रहे।

गन्ना तोल क्रय केन्द्र का औचक निरीक्षण

नोडल अधिकारी आबकारी आयुक्त ने गन्ना तोल क्रय केन्द्र गणेशपुर व माखननगर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां दी जा रही व्यवस्थाओं को देखा तथा इलेक्ट्रॉनिक कांटे को भी चेक करवाया। उन्होंने बताया कि क्रय केन्द्रो पर गन्ना पर्चियों के माध्यम से कृषकों से गन्ना लिया जाता है।

इसके उपरान्त माखन नगर में उन्होंने धर्मेंद्र के खेत में मल्चर से किये जा रहे फसलों के अवशेष की कटाई को भी देखा। किसानों ने कहा कि मल्चर मशीन आ जाने से किसानों को फायदा हुआ है तथा अब अवशेष खेत में ही दब जाता है तथा गन्ना पर्ची से किसानों को फायदा हुआ है। घर बैठे ही एसएमएस के माध्यम से गन्ना पर्ची प्राप्त हो जाती है।

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