Saturday, June 20, 2026
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Tag: अमृतवाणी

मैं कुछ भी नहीं

अमृतवाणी एक बार अर्जुन को अहंकार हो गया कि वही सबसे बड़े भक्त हैं। श्रीकृष्ण इस बात को भांप गए। एक दिन वह अर्जुन को...

कर्म सुख

अमृतवाणी एक राजा थे। जब राजकाज करते हुए बहुत समय हो गया तो वह ऊब गए। अब वह राजकाज से मुक्ति चाहते थे। एक दिन...

अमृतवाणी: मित्रों का स्थान

अमृतवाणी !  महादेव गोविंद रानाडे बचपन से ही अत्यंत दयालु थे। वह कभी अमीर-गरीब के बीच अंतर नहीं करते थे। उनके लिए सभी मानस समान...

अमृतवाणी: इंसान का फर्ज

यह उन दिनों की बात है, जब यातायात के साधन केवल ऊंट और घोड़े हुआ करते थे। एक काफिला मदीना शहर में हजरत मोहम्मद...

अमृतवाणी: राजा का सपना

एक ताकतवर और न्यायप्रिय राजा थे। उन्होंने कई युद्ध जीते थे, लेकिन धीरे-धीरे रक्तपात से उनका मन भरने लगा था। वह चाहते थे कि...

अमृतवाणी: ध्यान की विधि

सूफी संत बायजीद अपनी कुटिया में ध्यान में लीन थे। इस दौरान कोई उनसे मिलने नहीं आता था। मगर इस बात से अनजान एक...
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जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के...