Saturday, September 26, 2026
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Tag: जनवाणी संवाद

से रा यात्री : आम आदमी की जिजीविषा के चितेरे कथाकार

-डॉ.वीरेन्द्र आज़म ‘‘आज तुम्हारे सपन न अपने, जीवन तुमसे रुठ गया है/हृदय रक्त से सिंचित सपना, मोहपाश से छूट गया है’’। साल 1952 में लिखे...
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