Friday, August 7, 2026
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Tag: रविवाणी

आधुनिक विकास के विपरीत है

आदिवासी जीवन आदिवासी समाज की बदहाली को देखना-समझना चाहें तो आसानी से उस संवेदनहीनता पर उंगली रखी जा सकती है जिसे लेकर सत्ता, सेठ और...

पर्यटन से हारता हिमालय

सुरेश भाई पहले हिमालय पर मानसून के बाद ही बाढ़ और भूस्खलन का प्रभाव दिखाई देता था, लेकिन अब मई के महीने से ऐसी भयानक...

बिहार में बाहरी वोटर एक शिगूफा

योगेंद्र यादव विधानसभा चुनाव के एन पहले बिहार में किए जा रहे मतदाता सूचियों के एसआईआर यानि विशेष गहन पुनरीक्षण में एक बात बाहरी, खासकर...

समाज में बुजुर्गों के प्रति बढ़ता तिरस्कार

रोहित माहेश्वरी हमारा समाज किस दिशा की ओर जा रहा है, विचार करने की जरूरत है, क्योंकि इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि...

नदियों को नालों में बदलता समाज

राजेंद्र सिंह नीर, नारी, नदी के लिए काम करने वाला ‘तरुण भारत संघ’ अब नई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है। नीर से...

बंटवारा धर्म नहीं, धर्मनिरपेक्षता के आधार पर हुआ था

शाहनवाज आलम यह बात एक आम धारणा का रूप ले चुकी है कि देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था। इस धारणा से...
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जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: सोने में लगातार तेजी देखी...