Friday, August 7, 2026
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Tag: रविवाणी

प्रेमचंद ने देख लिया था भारत का भविष्य

प्रेमचंद ने ग्रामीण भारत और किसानों की दुर्दशा पर लगभग आधी सदी पहले लिखा था, ‘जिधर देखिए उधर पूंजीपतियों की घुड़दौड़ मची हुई है।...

हनीमून स्वर्ग का मार्ग है

अशोक गौतम पिछले हफ्ते सबसे छोटे बेटे की शादी ईएमआई पर निपटाते ही इधर मेरे मन में गंगा स्नान की भावना कुलांचें मारने लगी तो...

सामूहिक जिम्मेदारी है नशे की रोकथाम

सुनील महला नशा, नाश का प्रमुख कारण है। नशे की लत परिवार के परिवार के परिवार को तहस-नहस कर देती है। नशे के कारण धन...

रील की दुनिया में रियल जिंदगी का विघटन

प्रियंका सौरभ आज का समाज एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ा हुआ है जहां एक तरफ तकनीकी प्रगति ने जीवन को सहज और तेज बना...

अमन के लिए आशनाई

भारती दीवान पिछले कुछ सालों से हम अपने आसपास कुछ ऐसी भाषा, शब्द या घटना सुनते/देखते हैं जिसमें नफरत की बू आती है। तथाकथित हिंदुत्ववादियों...

लोगों को जोड़ने के लिए अहिंसक आंदोलन

हम चाहें या ना चाहें, इंसानियत को बचाए रखने के लिए अहिंसक, लोकतांत्रिक और मानवीय प्रयासों की ही जरूरत पड़ती है। ये प्रयास सामूहिक...
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जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: सोने में लगातार तेजी देखी...