Tuesday, May 28, 2024
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तहसील प्रशासन के खेल से टकराव के बने हालात

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  • पैमाइश करने के नाम पर कब्जा कराने पहुंच गई तहसील टीम
  • पीड़ित ने शासन स्तर पर की अधिकारियों की शिकायत

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: क्षेत्र के खिवाई कस्बे में पुलिस व तहसील प्रशासन के खेल ने दो समुदाय के पक्षों में टकराव के हालात पैदा कर दिए। खेल ऐसा कि पैमाइश के नाम पर भूमि पर कब्जा कराने पुलिस और तहसील टीम पहुंच गई। जिससे मौके पर खून खराबा होने से बच गया। मामला बिगड़ने पर तहसील टीम भी मौके से खिसक गई। मामला हाथ से बाहर जाने के बाद एसडीएम तक कब्जा कराने के आदेश देने की बात से पल्ला झाड़ रहे हैं। अब पीड़ित ने सेटिंग में शामिल अधिकारियों की शिकायत शासन स्तर पर की है। जिससे तहसील अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं फजीयत से बचने के लिए सरूरपुर पुलिस ने मौके से बरामद आरोपियों की गाड़ी को सीज कर दिया है।

सरूरपुर थाना क्षेत्र के हर्रा कस्बा निवासी मुस्तकीम पुत्र मसीतुल्ला ने बताया कि खिवाई मोड़ स्थित गाटा संख्या 221/6 व 221/3 भूमि की मालिक उसकी पत्नी नूरजहां है। जिस पर वह लंबे समय से काबिज हैं। मगर अब कुछ लोग उनकी भूमि पर कब्जा करने की फिराक में लगे हुए हैं। वर्तमान में भूमि को लेकर कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है। बावजूद इसके करीब छह दिन पूर्व तहसीलदार नटवर सिंह पूरी टीम लेकर मौके पर पहुंच गए। साथ में सरूरपुर पुलिस को भी बुला लिया। टीम ने भूमि की पैमाइश करते हुए दूसरे पक्ष को कब्जा कराना शुरू कर दिया। आरोप है कि हूटर लगी गाड़ी में खुद को योगी सेवक बताने वाला युवक दर्जनों हथियारबंद लोग लेकर पहुंच गया।

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पीड़ित पक्ष को इसका पता चला तो वह मौके पर पहुंच गए। भूमि पर कब्जे को लेकर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मामला बढ़ने पर आरोपी हूटर लगी गाड़ी छोड़कर भाग गए। वहीं, तहसील टीम भी मौके से खिसक गई। तहसील टीम का कहना था कि वह एसडीएम के आदेश पर भूमि पर कब्जा दिलाने पहुंचे थे। जबकि एसडीएम इस तरह के आदेश की बात से इंकार कर रहे हैं। मतलब भूमि पर कब्जे के नाम पर खेल किया जा रहा था। जिसमें तहसील टीम से लेकर सरूरपुर पुलिस सवालों के घेरे में खड़ी हो गई।

फजियत से बचने के लिए सरूरपुर पुलिस ने मौके से कब्जे में ली गाड़ी को सीज कर दिया है। कुल मिलाकर तहसील प्रशासन के खेल ने मौके पर खून-खराबे की स्थिति पैदा कर दी थी। अब पीड़ित ने इस खेल में शामिल तहसील अधिकारियों की शिकायत शासन स्तर पर करते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं शिकायत के बाद से मामले में शामिल अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

आखिर किसने दिया आदेश

पीड़ित के अनुसार मौके पर कब्जा दिलाने पहुंचे तहसील टीम का कहना था कि एसडीएम के आदेश पर आए हैं। मगर बात बिगड़ने पर अब एसडीएम भी कोई आदेश देने की बात से इंकार कर रहे हैं। वहीं सरूरपुर पुलिस से लेकर मौके पर जाने वाली टीम कोई आदेश नहीं दिखा पा रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर टीम किसके आदेश पर भूमि पर कब्जा दिलाने पहुंची थी। यदि इस दौरान शांतिभंंग हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता?

जांच कर निष्पक्ष की जाएगी कार्रवाई: एसडीएम

तहसील टीम को भूमि की पैमाइश कराने के लिए भेजा था। भूमि पर कब्जा कराने के लिए किसी को नहीं भेजा था। मामले में जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। -पीपी राठौर, एसडीएम सरधना

प्रेम-प्रसंग में हुई थी कार्तिक की हत्या

रोहटा: गत 12 दिसंबर को गांव रोहटा निवासी कार्तिक पुत्र प्रवीण चौधरी की चिंदौड़ी गांव के जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के मोसेरे भाई अक्षय मलिक निवासी तलवा माजरा थाना बाबरी जिला शामली ने गांव भदौड़ा निवासी अनुभव मलिक उर्फ शूटर पुत्र गोटी उर्फ विकेंद्र को नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

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थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि कार्तिक पुत्र प्रवीण निवासी रोहटा का क्षेत्र के गांव निवासी युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसको लेकर भदौड़ा निवासी अनुभव मलिक उर्फ शूटर पुत्र गोटी उर्फ विकेंद्र ने अट्टा चिंदौड़ी गांव के जंगल में कहासुनी के बाद कार्तिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।  इस हत्याकांड में उसने एक अन्य साथी की भी मदद ली थी।

थानाध्यक्ष ने बताया कि मुख्य आरोपी अनुभव मलिक उर्फ शूटर पुत्र विकेंद्र निवासी भड़ौदा को शुक्रवार शाम गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके पास हत्याकांड में प्रयुक्त अवैध तमंचा 315 बोर, जिंदा कारतूस व हत्या में प्रयुक्त की गई डिस्कवर बाइक समेत गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। जिसे अपना जुर्म स्वीकार किया है। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि अज्ञात का नाम भी प्रकाश में आ गया है तथा शीघ्र उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

कहासुनी और हाथापाई के दौरान मार दी गोली

पुलिस ने बताया कि दरअसल कार्तिक का क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती से काफी समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों की बात शादी तक पहुंच चुकी थी, लेकिन इसी वह बीच भदौड़ा निवासी अनुभव मालिक उर्फ शूटर बीच में विलेन बनकर आ गया और वह भी युवती के संपर्क में आना चाहता था। इसे लेकर जहां कार्तिक युवती पर अपना हक जाता था, वहीं अनुभव मलिक भी युवती को चाहता था। इसे लेकर दोनों के बीच कई बार हॉट टॉक भी हुई। पुलिस ने बताया कि तीनों रोहटा के कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाते थे।

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जहां इस बात को लेकर कई बार दोनों के बीच कहासुनी भी हुई। कार्तिक ने प्रशांत के मोबाइल से अनुभव को कॉल की और बीच में नहीं आने के लिए बोला। इसे लेकर दोनों ने एक-दूसरे को देखने का ऐलान किया और अट्टा चिंदौड़ी के जंगल में मिलने का वादा किया। जहां पहले से ही अनुभव मलिक अपने एक अन्य साथी अंकित के साथ तमंचा लेकर मौजूद था। वहां कार्तिक और उसका दोस्त प्रशांत भी पहुंच गया। दोनों के बीच इसी मामले को लेकर कहासुनी हुई और हाथापाई तक बात पहुंच गई। जिसके बाद अनुभव मलिक उर्फ शूटर ने कार्तिक की गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।

अचूक निशानेबाज है हत्यारारोपी

मुख्य हत्यारोपी भड़ौदा निवासी अनुभव मलिक उर्फ शूटर पुत्र गोटी उर्फ विकेंद्र के बारे में पुलिस ने बताया कि अनुभव ने इसी का फायदा उठाया और अचूक निशानेबाजी दिखाते हुए का की एक ही गोली में हत्या कर दी।

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