- परिजनों की बिना सहमति के डाक्टर ने कर दिया आपरेशन
- हालत बिगड़ने पर महिला को करनाल नर्सिंग होम में भर्ती कराया
जनवाणी संवाददाता |
ऊन: प्रसव पीड़ा के चलते नर्सिंग होम में भर्ती कराई गई महिला के साथ झोलाछाप डाक्टर ने परिजनों को सूचना दिए बिना ही आपरेशन कर दिया। गलत आपरेशन के चलती जच्चा बच्चा की हालत बिगड़ गई। वहीं गुस्साए परिजनों ने नर्सिंग होम में हंगामा किया तो डाक्टर और स्टाफ दीवारें फांदकर भागते नजर आए। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिजनों को समझाकर शांत किया।
चौसाना चौकी क्षेत्र के गांव जिजौला में एक नर्सिंग होम में है। चौसाना निवासी दानिश ने अपनी पत्नी अनम को प्रसव पीड़ा होने पर नर्सिंग होम में भर्ती कराया जहां डाक्टर ने सामान्य प्रसव होने की बात कही। लेकिन समय बीतने के बाद भी सामान्य प्रसव नहीं हो सका। परिजनों का आरोप है कि डाक्टर ने परिजनों की सहमति के बिना ही गर्भवती का आपरेशन कर दिया। जिसके बाद जच्चा और बच्चे की हालत बिगड़ गई।
जिसे देखकर परिजनों के हाथ पांव फूल गए वहीं डाक्टर व स्टाफ में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में परिजनों ने जच्चा-बच्चा को करनाल के नर्सिंग होम में भर्ती कराया है जहां महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। उधर बड़ी संख्या में महिला के परिजन और अन्य लोग नर्सिंग होम में पहुंच गए तथा जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। हंगामा बढ़ता देख डाक्टर और उसका स्टाफ दीवारें फांदकर भागते नजर आए। सूचना पर पुलिस भी पहुंची और किसी तरह समझाकर परिजनों को शांत किया। परिजनोें ने पुलिस को घटना के संबंध में तहरीर दी है।
उधर, नर्सिंग होम के संचालक राशिद ने बताया कि महिला का इलाज बिना पैसे जमा कराए हो रहा था। नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन डाक्टर बासिद के नाम पर दर्ज है। 50 से अधिक परिजनों के साथ आए लोगों ने डाक्टर व स्टाफ के साथ मारपीट की जिसके चलते उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। वहीं चौकी प्रभारी समयपाल अत्री का कहना है कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए स्वास्थ्य विभाग को जांच रिपोर्ट भेज दी गई है।
वहीं नर्सिंग होम में प्रशिक्षित डाक्टरों के नाम पर रजिस्ट्रेशन लेकर अप्रशिक्षित झोलाछाप डाक्टर उपचार कर रहे हैं। बाद में जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाती है तथा अप्रशिक्षित झोलाछाप डॉक्टर जमकर मरीजों का शोषण करते हैं इसकी बानगी जिजौला में महिला मरीज के साथ हुई। महिला मरीज ने बताया कि उसका आपरेशन पुरुषों द्वारा किया गया। वहां पर कोई महिला डॉक्टर नहीं थी। जब उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। अब देखना है कि स्वास्थ्य विभाग क्या करवाई करता है।

