- 135 करोड़ के बिजनेस प्लान के बाद भी अंधेरा दूर होने के आसार नहीं
- कंकरखेड़ा की वीआईपी मेन रोड अंधेरे में डूबी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वीआईपी दर्जा हासिल करने के बाद भी कंकरखेड़ा की मेन रोड का हाल बेहाल है। शाम ढलते ही वहां अंधेरा पसर जाता है। तमाम वीवीआईपी व वीआईपी कंकरखेड़ा की इस अंधेरी सुरंग से होकर ही गुजरते हैं। दिल्ली व अन्य स्थानों से मेरठ में जितने भी वीवीआईपी व वीआईपी आते हैं, उनको लाने ले जाने के अफसर आमतौर पर बाइपास से वाया कंकरखेड़ा मेन रोड का ही प्रयोग करते हैं। अफसोस, इस रोड की सुध लेने वाला कोई नहीं।
आमतौर पर जिस रोड से वीआईपी मूवमेंट रहता है, वहां सबसे पहला काम अवैध कब्जों को हटाने का और दूसरा पथ प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने का होता है, लेकिन लगता है कि मेरठी अफसरों को इस रोड से कोई सरोकार नहीं रह गया है। कंकरखेड़ा मेन रोड के दोनों ओर भारी आबादी है। यहां देर तक चहल-पहल रहती है। जो भी वीआईपी गाड़ियां गुजरती हैं, उनकी स्पीड सामान्य गाड़ियों के मुकाबले काफी ज्यादा होती है। ऐसे में यदि रोड पर अंधेरा पसरा रहेगा तो हादसे होने का अंदेता तो हमेशा बना रहेगा।
शहर की वीआईपी कंकरखेड़ा मेन रोड एनएच-58 हाइवे से सीधे लिंक करती है, लेकिन यदि हाइवे की बात करें तो यहां भी अंधेरा ही पसरा रहता है। एनएच-58 देश के सबसे व्यस्त हाइवे में शुमार किया जाता है। इससे गुजरने वाली गाड़ियों से एनएचएआई प्रशासन भारी भरकम टोल वसूलती हैं। लाखों गाड़ियां इस टोल से गुजरती हैं, लेकिन उसके बाद भी एनएचएआई अफसर इस हाइवे की पथ प्रकाश व्यवस्था को लेकर गंभीर नजर नहीं आते। एनएच-58 का परतापुर से लेकर दौराला तक का एक बड़ा इलाका अंधेरे में डूबा होता है।
यहां तभी प्रकाश होता है, जब रात में गाड़ियों की लाइट आॅन होती है। हाइवे के खिर्वा से लेकर मोदीपुरम फ्लाई ओवर पर गुप अंधेरा छाया रहता है। केवल यहीं नहीं इस हाइवे पर जगह-जगह ऐसा ही बुरा अंधरा रहता है। सर्दी के मौसम में जब भारी कोहरा पड़ता है, तब यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं होता, लेकिन उसके बाद भी भारी भरकम टोल टैक्स वसूलने वाले एनएचएआई के अफसरों को इस बात से कोई सरोकार नजर नहीं आता कि
हाइवे के खिर्वा बाइपास सरीखे इलाकों में लाइट का माकूल इंतजाम ना होने की वजह से वहां हादसा भी हो सकता है। वहीं, इस संबंध में पीवीवीएनएल के चीफ धीरज सिन्हा का कहना है कि कंकरखेड़ा के संबंध में किसी ने शिकायत नहीं की है, लेकिन यदि वहां अंधेरा है तो तत्काल संबंधित एक्सईएन को कार्रवाई के आदेश किए जा रहे हैं। यह रोड रोशनी से गुलजार की जाएगी।
फिर से बढ़ी गर्मी, 35 डिग्री के पास पहुंचा पारा
मोदीपुरम: मौसम के शुष्क होने से दिन के तापमान में फिर से बढ़ोतरी हुई है। दिन का तापमान 35 के पास पहुंच गया, जिस कारण दिन में गर्मी का अहसास बढ़ा। वहीं, एक्यूआई स्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है। तापमान में कभी गिरावट तो कभी बढ़ोतरी हो रही है। बृहस्पतिवार को बीच में आसमान पर बादल भी मंडराते दिखे, लेकिन बारिश से निराशा हाथ लगी। अभी तीन दिन तक मौसम शुष्क बना रहेगा और इसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। महीने के तीसरे सप्ताह के बाद गुलाबी ठंड का अहसास होगा और ठंड दस्तक देगी।
राजकीय मौसम वैधशाला पर गुरुवार को अधिकतम तापमान 34.5 एवं न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 83 एवं न्यूनतम आर्द्रता 44 दर्ज की गई। वहीं, एक्यूआई में भी बढ़ोतरी होने लगी है। शहर का एक्यूआई बृहस्पतिवार को 173 दर्ज किया गया। जयभीमनगर में 191, गंगानगर में 159, पल्लवपुरम में 170, दिल्ली रोड पर 210, बेगमपुल पर 195 दर्ज किया गया।

