Wednesday, February 21, 2024
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मेडिकल में साढे तीन हजार मरीज ले चुके आयुष्मान योजना का लाभ

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  • चार साल से गरीब परिवारों के लिए केन्द्र सरकार चला रही आयुष्मान योजना
  • केवल मेडिकल कॉलेज में ही साढ़े तीन हजार से अधिक है लाभार्थियों की संख्या

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: केन्द्र सरकार गरीब परिवारों के लिए पिछले चार साल से आयुषमान योजन चला रही है। योजना में पांच लाख रूपये तक का इलाज बिल्कुल मुफ्त है जिसमें कई गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है। जबकि केवल मेडिकल में ही अभीतक साढ़े तीन हजार से ज्यादा गरीब परिवारों के लोग गंभीर बीमारियों का इलाज इसी योजना के अंतर्गत करा चुके है। वहीं बड़ी संख्या में आज भी ऐसे गरीब परिवार है जो इस योजना के लाभ से वंचित है।

अभीतक कुल 3596 मरीज ले चुकें है योजना का लाभ

मेडिकल कॉलेज में आयुषमान योजना का लाभ ले चुके मरीजों की संख्या तीन हजार से अधिक है। इनमें
कार्डियोलॉजी (हृदय रोगी) 820
सीटीवीएस (हार्ट सर्जरी) 10
आंख, कान व नाक 90
मेडिसिन 820
सर्जरी 406
मनोरोगी 35
नेफ्रोलॉजी (किडनी) 24
सिर की सर्जरी(न्यूरोसर्जरी) 02
गायनिक (गर्भवती) 481
आंखों की सर्जरी 257
हड्डियों (आर्थो) सर्जरी 431
पीडियाट्रिक (बच्चों) सर्जरी 220 शामिल है।

इन बीमारियों पर निजी अस्पतालों में होनें वाला खर्च

आमतौर पर बच्चों की जो सर्जरी मेडिकल में आयुषमान योजना के तहत मुफ्त हो रही है उसका बाजार में खर्च 1 लाख 71 हजार, इसी तरह बच्चों के इलाज का जो खर्च 2 लाख से अधिक है वह भी मुफ्त हो रहा है। दिल की बाईपास सर्जरी का खर्च 2 लाख 97 हजार से अधिक, हृदय की बीमारी पर होने वाला खर्च 1 लाख 10 हजार, कूल्हों व जोड़ों की सर्जरी करने का खर्च 1 लाख 44 हजार से एक लाख 60 हजार, दिल में पड़ने वाले तीन स्टंट का खर्च 1 लाख 70 हजार से अधिक जबकि दो स्टंट का खर्च 1 लाख 39 हजार से अधिक आता है जो मेडिकल में आयुषमान योजना के तहत बिल्कुल मुफ्त हो रहा है।

बड़ी संख्या में गरीब परिवार है योजना से वंचित

आयुषमान योजना के लाभार्थियों में 2011 की जनगणना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को ही शामिल किया गया है। जबकि बारह साल बीतने के बाद नई जनगणना नहीं हुई है। ऐसे में इन बारह सालों में बड़ी संख्या में परिवार गरीबी रेखा से नीचे आ चुके है लेकिन योजना का लाभ इन परिवारों को नहीं मिल रहा है। कोरोना काल के बाद से तो हालात और भी गंभीर हो गए है, लेकिन सरकार द्वारा जनगणना नहीं कराने से बीपीएल परिवरों का सही आंकड़ा सामने नहीं आ रहा है।

आयुषमान योजना एक अच्छी योजन है जिसमें गरीब परिवारों को पांच लाख तक का इलाज मुफ्त मिलता है। कुछ ऐसे भी मामले सामने आ चुके है जिनमें मरीज का हाथ तक काटने की नौबत आ चुकी थी। यह मरीज निजी अस्पताल में इलाज करानें मे असमर्थ थे लेकिन योजना का लाभ लेते हुए इनका इलाज मुफ्त हुआ।
-डा. नवरतन गुप्ता. आयुषमान योजना नोडल अधिकारी, मेडिकल कॉलेज।

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