Friday, May 1, 2026
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परवान चढे नौचंदी मेले का आज आखिरी दिन

  • लागत भी नहीं वसूल कर पाए दुकानदार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: विलम्ब से शुरू हुए नौचंदी मेले का आगाज 27 जून से हुआ था। एक से डेढ़ माह तक लगने वाले मेले में आज से पटेल मंडप मे होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विराम लग जाएगा, परन्तु मेले में झूले और लाइटिंग 27 जुलाई तक लगे रहेंगे। दरअसल, नौचंदी मेला होली के दूसरे सप्ताह से लगता है। जो मई और जून तक चलता था। इस बार जिला पंचायत एवं नगर निगम द्वारा लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए इसे विलंब से लगाया था। जिसका सीधा-सीधा खामियाजा मेले में दूर से आये दुकानदारों ने भरा है।

दुकानदारों से मोटी रकम तो ले ली गई, लेकिन न तो उनको उस रकम के अनुरूप सुविधाएं दी गईं और न ही उपयुक्त मौसम रहा। बच्चों के स्कूल खुलने और परीक्षाओं की वजह से मेले में आने वाली भीड़ पर इसका प्रभाव पड़ा। मेले के शुरुआती 15 दिनों में कई दुकानदारों को बोहनी तक के लाले पड़ गए तो कई झूले वालों ने भी वीआईपी पास को मानने से इनकार कर दिया था। वहीं, मेले के बड़े आकर्षण मौत का कुआं, डंकी सर्कस, फिश टनल भी अपनी लागत नही निकाल पाए। कई दुकानदारों का कहना था कि कोरोना के बाद इस बार का मेला उनके लिए दूसरा आर्थिक झटका साबित हुआ है।

पटेल मंडप में बीते 20 दिनों से लगातार चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आज डा. हरिओम पंवार की अध्यक्षता में हो रहे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के बाद विराम लग जाएगा। इस बार पटेल मंडप में कई लोकप्रिय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। जिनमें अखिल, रेणुका पंवार, भजन सम्राट लखबीर सिंह लक्खा, साबरी ब्रदर्स ने अपनी प्रस्तुति दी। इस बार पटेल मंडप के कार्यक्रम विवादों और अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ते नजर आए। जहां एक तरफ गायक अखिल के कार्यक्रम में बाउंसर द्वारा पत्रकारों से धक्का-मुक्की हुई। आॅल इंडिया मुशायरा में शबीना अदीब को बुलाने पर विवाद रहा।

लोकप्रिय हरियाणवी गायिका रेणुका पंवार उमसभरी गर्मी में हवा न मिलने की वजह से चक्कर खाकर गिर गईं थी। मेले में एंबुलेंस तक की व्यवस्था नदारद रही। वहीं, दूसरी तरफ पटेल मंडप के कार्यक्रमों में नौचंदी समिति के चुनिंदा सदस्य ही मेले में अंतिम समय तक नजर आये। फिरोजाबाद से मेला नौचंदी में आए दुकानदार राशिद बताते हैं कि उन्होंने कप प्लेट एवं कांच के बर्तन और सामान बेचने की मेला में दुकान लगाई थी, लेकिन मेला देरी से शुरू होने पर और लागत भी नहीं निकल पाई। मेले में करीब दो से ढाई लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

वहीं, दूसरी ओर मेला नौचंदी में खिलौने की दुकान लगाने वाले सतीश शर्मा बताते हैं कि गिफ्ट और खिलौने की आइटम के ग्राहक सही दाम नहीं लगा रहे। इसलिए माल को सेल में निकालना पड़ रहा है। जिससे काफी नुकसान हुआ है और ग्राहकों की मांग को देखते हुए स्टॉक भी रखा गया था, लेकिन मेला समिति द्वारा मेला देर से शुरू होने पर वह मुनाफा नहीं मिल पाया जो हर बार मिलता है।

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